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Karnal News: जूते, जींस और कोट पहन कराया सूर्य नमस्कार
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जूते, जींस और कोट पहन कराया सूर्य नमस्कार
- विभूतियों के सम्मान में प्रदेश सरकार के अभियान में औपचारिकता निभा रहे जिम्मेदार
- अब तक 48108 लोग पंजीकृत रूप से सूर्य नमस्कार करके ले चुके ऑनलाइन प्रमाणपत्र
गगन तलवार
करनाल। सूर्य नमस्कार से होगा कमाल, हरियाणा बने स्वस्थ और खुशहाल..। इस नारे के साथ प्रदेश सरकार ने हर घर परिवार सूर्य नमस्कार अभियान चलाया, लेकिन इस अभियान को सफल और नारे को सार्थक बनाने वाले जिम्मेदार खानापूर्ति करने में लगे हैं। जिले में कई शिक्षण संस्थानों में जूते, जींस, कोट पेंट आदि पहनकर सूर्य नमस्कार कराया जा रहा है। जबकि आध्यात्मिक व योग की दृष्टि से इस तरीके से सूर्य नमस्कार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य नमस्कार ढीले कपड़ों में ही किया जा सकता है। धार्मिक दृष्टि से भी भगवान सूर्य देव को नमस्कार करते हुए जूते नहीं पहने होने चाहिए। अगर योग मैट और दरी आदि की सुविधा नहीं है और खुले मैदान में मिट्टी पर सूर्य नमस्कार की प्रस्तुति दी जानी है तो विकल्प तलाशे जा सकते हैं। कर्ण नगरी के शिक्षण संस्थानों में दोपहर में छत पर खड़े होकर या मैदान में दरी बिछाकर सूर्य नमस्कार किया जा रहा है। इस दौरान प्रशिक्षक खुद जींस की पेंट और जूतों में सूर्य नमस्कार करते दिखाई दिए।
नीलोखेड़ी के कॉलेज में अभियान के नोडल अधिकारी और प्रिंसिपल ने भी जूते पहनकर सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। इस दौरान प्रशिक्षक जोधपुरी पेंट कोट और जूते पहने हुए थे। इसके अलावा कई स्कूलों में दरी और मैट पर विद्यार्थी भी जूतों में अभ्यास करते नजर आए। इस अभियान के तहत करनाल जिले में अब तक 48108 लोग पंजीकृत रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करके ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुके हैं।
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हरियाणा योग आयोग के नोडल अधिकारी डॉ. अमित पुंज के अनुसार, प्रदेश सरकार की ओर से 30 दिवसीय हर घर परिवार सूर्य नमस्कार अभियान चलाया गया है। यह अभियान 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर शुरू हुआ और 12 फरवरी को स्वामी दयानंद की जयंती पर संपन्न होगा। इस बीच 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। इन तीनों महान हस्तियों को यह अभियान समर्पित है।
प्रदेश में 12वें पायदान पर कर्ण नगरी
प्रदेशव्यापी अभियान में अब तक करीब 3.69 करोड़ सूर्य नमस्कार किए जा चुके हैं। इसके लिए 1467420 प्रतिभागियों ने स्वयं को ऑनलाइन पंजीकृत कराया। इनमें महेंद्रगढ़ प्रदेश में पहले, हिसार दूसरे और कुरुक्षेत्र तीसरे पायदान पर है। करनाल जिला प्रदेश में सूर्य नमस्कार करने में 12वें पायदान पर है। यहां के 48108 लोगों ने स्वयं को सूर्य नमस्कार हरियाणा डॉट इन पोर्टल पर खुद को पंजीकृत कराया। इन लोगों ने अब तक 1337988 सूर्य नमस्कार किए हैं।
जींस, कोट पेंट, जूते आदि पहनकर सूर्य नमस्कार नहीं किया जा सकता। सूर्य नमस्कार की क्रियाएं अच्छे ढंग से करने के लिए ढीले कपड़े जरूरी हैं। आस्था और योग की दृष्टि से जूते पहनकर अभ्यास करना गलत है। अभियान के तहत एक पंजीकृत व्यक्ति को लगातार छह दिन तक रोजाना सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना जरूरी है। इसके बाद ही इन्हें ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी होता है। मैदान में अभ्यास के दौरान दरी, योग मैट या अन्य विकल्प तलाशा जाना चाहिए।
- डॉ. अमित पुंज, योग विशेषज्ञ आयुष विभाग एवं नोडल अधिकारी हरियाणा योग आयोग
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- अब तक 48108 लोग पंजीकृत रूप से सूर्य नमस्कार करके ले चुके ऑनलाइन प्रमाणपत्र
गगन तलवार
करनाल। सूर्य नमस्कार से होगा कमाल, हरियाणा बने स्वस्थ और खुशहाल..। इस नारे के साथ प्रदेश सरकार ने हर घर परिवार सूर्य नमस्कार अभियान चलाया, लेकिन इस अभियान को सफल और नारे को सार्थक बनाने वाले जिम्मेदार खानापूर्ति करने में लगे हैं। जिले में कई शिक्षण संस्थानों में जूते, जींस, कोट पेंट आदि पहनकर सूर्य नमस्कार कराया जा रहा है। जबकि आध्यात्मिक व योग की दृष्टि से इस तरीके से सूर्य नमस्कार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य नमस्कार ढीले कपड़ों में ही किया जा सकता है। धार्मिक दृष्टि से भी भगवान सूर्य देव को नमस्कार करते हुए जूते नहीं पहने होने चाहिए। अगर योग मैट और दरी आदि की सुविधा नहीं है और खुले मैदान में मिट्टी पर सूर्य नमस्कार की प्रस्तुति दी जानी है तो विकल्प तलाशे जा सकते हैं। कर्ण नगरी के शिक्षण संस्थानों में दोपहर में छत पर खड़े होकर या मैदान में दरी बिछाकर सूर्य नमस्कार किया जा रहा है। इस दौरान प्रशिक्षक खुद जींस की पेंट और जूतों में सूर्य नमस्कार करते दिखाई दिए।
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नीलोखेड़ी के कॉलेज में अभियान के नोडल अधिकारी और प्रिंसिपल ने भी जूते पहनकर सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। इस दौरान प्रशिक्षक जोधपुरी पेंट कोट और जूते पहने हुए थे। इसके अलावा कई स्कूलों में दरी और मैट पर विद्यार्थी भी जूतों में अभ्यास करते नजर आए। इस अभियान के तहत करनाल जिले में अब तक 48108 लोग पंजीकृत रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करके ऑनलाइन प्रमाणपत्र प्राप्त कर चुके हैं।
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हरियाणा योग आयोग के नोडल अधिकारी डॉ. अमित पुंज के अनुसार, प्रदेश सरकार की ओर से 30 दिवसीय हर घर परिवार सूर्य नमस्कार अभियान चलाया गया है। यह अभियान 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर शुरू हुआ और 12 फरवरी को स्वामी दयानंद की जयंती पर संपन्न होगा। इस बीच 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। इन तीनों महान हस्तियों को यह अभियान समर्पित है।
प्रदेश में 12वें पायदान पर कर्ण नगरी
प्रदेशव्यापी अभियान में अब तक करीब 3.69 करोड़ सूर्य नमस्कार किए जा चुके हैं। इसके लिए 1467420 प्रतिभागियों ने स्वयं को ऑनलाइन पंजीकृत कराया। इनमें महेंद्रगढ़ प्रदेश में पहले, हिसार दूसरे और कुरुक्षेत्र तीसरे पायदान पर है। करनाल जिला प्रदेश में सूर्य नमस्कार करने में 12वें पायदान पर है। यहां के 48108 लोगों ने स्वयं को सूर्य नमस्कार हरियाणा डॉट इन पोर्टल पर खुद को पंजीकृत कराया। इन लोगों ने अब तक 1337988 सूर्य नमस्कार किए हैं।
जींस, कोट पेंट, जूते आदि पहनकर सूर्य नमस्कार नहीं किया जा सकता। सूर्य नमस्कार की क्रियाएं अच्छे ढंग से करने के लिए ढीले कपड़े जरूरी हैं। आस्था और योग की दृष्टि से जूते पहनकर अभ्यास करना गलत है। अभियान के तहत एक पंजीकृत व्यक्ति को लगातार छह दिन तक रोजाना सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना जरूरी है। इसके बाद ही इन्हें ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी होता है। मैदान में अभ्यास के दौरान दरी, योग मैट या अन्य विकल्प तलाशा जाना चाहिए।
- डॉ. अमित पुंज, योग विशेषज्ञ आयुष विभाग एवं नोडल अधिकारी हरियाणा योग आयोग