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13 मेगा वाट बिजली पैदा कर बेचेगी चीनी मिल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2022 02:15 AM IST
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Sugar mill to sell 13 megawatts of electricity
करनाल। बिजली संकट के बीच एक अच्छी खबर ये है कि पेराई सत्र 2021-22 में 53.63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 5.23 लाख क्विंटल रिफाइंड चीनी का उत्पादन करने वाली शहर स्थित दि सहकारी चीनी मिल करनाल शीघ्र ही 13 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगी। जिसे हरियाणा विद्युत वितरण निगम को बेचा जाएगा। जिससे चीनी मिल को सालाना करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी।
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सहकारी चीनी मिल करनाल की प्रबंध निदेशक अदिति ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव उपलक्ष्य मेें मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के तहत प्रदूषण रहित 3500 टीसीडी रिफाइंड चीनी के साथ 18 मेगावाट को-जनरेशन प्लांट को चीनी मिल में मार्च 2021 में स्थापित किया गया। ये प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना है जो 12 महीने के छोटे अंतराल में तैयार कर शुरू की गई।
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इस बार बिजली संकट की स्थिति को देखते हुए इस को-जेनरेशन प्लांट पर बिजली उत्पादन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्लांट से बिजली उत्पादन की पूरी तैयारी है, शीघ्र ही प्लांट में उत्पादित कुल बिजली में से मिल कार्य से बची 13 मेगा वाट बिजली को बेचा जाएगा। जिससे हरियाणा विद्युत वितरण निगम को तो बिजली मिलेगी ही साथ ही चीनी मिल की आय में भी इजाफा हो सकेगा। भविष्य में इसे और अधिक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नए रिफाइंड चीनी प्लांट को नौ नवंबर 2021 को चलाया गया था। मिल ने इस वर्ष 15 अप्रैल 2022 तक सप्लाई किए गए गन्ने का भुगतान कर दिया गया है जोकि 87 प्रतिशत के करीब है।
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राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करती रही है मिल
प्रबंध निदेशक अदिति ने बताया कि दि सहकारी चीनी मिल लगातार कई वर्षों तक उत्तम कार्य क्षमता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करती रही है। गन्ने का रकबा वर्ष 2010 में 11 हजार एकड़ था जो बढ़कर वर्ष 2021 में 22648 एकड़ हो गया है। पुरानी मिल जिसकी क्षमता 2200 टीसीडी थी, वो प्रतिवर्ष 32 से 35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करती थी। अब मिल की क्षमता 3500 टीसीडी है। अब किसानों का गन्ना बढ़ाया जाएगा, पेराई 55 से 60 लाख क्विंटल की जाएगी। नए रिफाइंड चीनी प्लांट में डेफको-मेल्ट विधि के अनुसार 60 आईयू से कम रंग की चीनी का उत्पादन शुरू कर दिया है।

इंडस्ट्रियल कॉम्पलैक्स बनेगी चीनी मिल
प्रबंध निदेशक अदिति ने बताया कि करनाल चीनी मिल आने वाले समय में एक इंडस्ट्रियल कॉम्पलेक्स के रुप दिखाई देगी। इसमें उद्योगों की स्थापना की जाएगी। इनमें फार्मास्युटिकल ग्रेड शुगर, पेट्रोल के साथ एथेनॉल के मिश्रण, जैव संपीड़ित प्राकृतिक गैस, डिस्टलरी से निकलने वाले स्पेंट वॉश को मिनरल से भरपूर जैविक खाद के रुप में तैयार किया जाएगा। मिल की गन्ना पेराई क्षमता को 5000 टीसीडी तक बढ़ाया जाएगा। चीनी की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए नए गोदाम बनाए जाएंगे। इससे चीनी मिल की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा।
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