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मुस्लिम परिवार के चार लोगों ने कोविड-19 के सैंपल फार्म में लिखवाया गलत मोबाइल नंबर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 01:45 AM IST
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suddenly after seeing the message of corona senses flew away
कोविड-19 की जांच के लिए करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में लोगों के आंखें मूंद कर सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपल देने वाला व्यक्ति कौन है? इसके लिए उसकी किसी भी स्तर पर आईडी की जांच नहीं होती।
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मेडिकल कालेज में संदिग्ध व्यक्ति आए और मौखिक तौर पर ही अपना नाम, घर का पता, ट्रेवल हिस्ट्री और मोबाइल नंबर फार्म में भरकर सैंपल दे सकता है। अब दी गई ये डिटेल कितनी सही है या गलत। इसके जांचने के यहां कोई मानक नहीं है। सेक्टर छह निवासी आकाश के मामले से तो कम से कम ऐसा ही लग रहा है। फार्म में उनका मोबाइल नंबर देकर मुस्लिम परिवार के चार लोगों ने सैंपल दिए हैं। जबकि इन लोगों से उनका कोई संबंध नहीं है। मामले को तुरंत आकाश ने सेक्टर-6 पुलिस चौकी, डीएसपी करनाल और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के संज्ञान में लाया, ताकि सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें कोई परेशानी ना हो। बड़ी बात यह है कि सैंपल लेने के बाद संदिग्धों को घर भेज दिया जाता है, अब ऐसे में गलत मोबाइल नंबर या एड्रेस देने वाले व्यक्ति की यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाए, तो उसे कैसे ढूंढेंगे? करनाल में पहले भी एक कोरोना पॉजिटिव मरीज लापता है। इन चारों संदिग्धों की रिपोर्ट भी अभी पेंडिंग है।
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अचानक कोरोना का मैसेज देख उड़ गए होश
हुआ यूं कि 13 जून को दोपहर 1.55 बजे सेक्टर छह निवासी आकाश के मोबाइल पर माई जीओवी नंबर से एक साथ चार मैसेज आए, जिनमें लिखा था कि आरटी-पीसीआर सैंपल कलेक्टेड फॉर (नाम) एसआरएफ आईडी (संख्या) ऑन जून 13-2020. इसके साथ ही एक लिंक भी दिया गया था, जिसमें संदिग्ध व्यक्ति के सैंपल लेने का फार्म दर्शाया है। जिसकी टेस्ट लैब कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज दी हुई है। अचानक मैसेज देखकर आकाश के होश उड़ गए। तुरंत उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि संबंधित चारों व्यक्तियों का घर का पता भी गलत हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह सोचकर ही डर लग रहा था कि इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर ना आ जाए। मेडिकल कॉलेज की बिना जांच सैंपल लेने की व्यवस्था बड़ी लापरवाही है।
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चारों सैंपल में इन्होंने दिए गलत मोबाइल नंबर, घर के पते पर भी संदेह-
1. भीम मोहम्मद, पुरुष, उम्र 28 वर्ष, गली नंबर छह, अशोक नगर, 9034771777, सैंपल आईडी-84
2. नजलीन, महिला, 25 वर्ष, गली नंबर छह, अशोक नगर, 9034771777, सैंपल आईडी-83
3. सोहब, लड़का, 4 वर्ष, गली नंबर छह, अशोक नगर, 9034771777, सैंपल आईडी-80
4. पलक, लड़की, 2 वर्ष, गली नंबर छह, अशोक नगर, 9034771777, सैंपल आईडी-79
लोगों को इस तरह से नहीं करना चाहिए कि किसी का भी मोबाइल नंबर या पता फार्म में लिखवाएं। सही नंबर की ही जानकारी देनी चाहिए। भविष्य में हम संदिग्ध लोगों की आईडी और मोबाइल नंबर की जांच के बाद ही सैंपल लेंगे। -डॉ. जगदीश दुरेजा, डायरेक्टर, कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज।
सैंपल के फार्म में गलत मोबाइल नंबर देने का मामला मेरे संज्ञान में आया था। सेक्टर छह चौकी से संबंधित है। जिस व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया गया है, उसे घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश हैं कि वे दस्तावेज और मोबाइल नंबर की जांच के बाद ही फार्म में स्वीकार करें। यदि इन चारों सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आती है तो हम उन्हें ढूंढ लेंगे। -राजीव कुमार, डीएसपी करनाल।

मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। मेडिकल कॉलेज में अब हर संदिग्ध के सैंपल की जांच के समय आईडी जांच करने के बाद अब रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी या मिस्ड कॉल का सिस्टम शुरू करेंगे। अभी इन चारों की रिपोर्ट नहीं आई। यदि पॉजिटिव आएंगे तो इन्हें ट्रेस भी कर लिया जाएगा। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
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