फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Such cases are not fit for hearing... the Commission rejected the complaint.

Karnal News: इस तरह के मामले सुनवाई के योग्य नहीं... आयोग ने खारिज कर दी शिकायत

Mon, 05 Jan 2026 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 05 Jan 2026 01:45 AM IST
विज्ञापन
Such cases are not fit for hearing... the Commission rejected the complaint.
करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के खिलाफ दायर एक शिकायत को अस्वीकार्य मानते हुए खारिज कर दिया है। शिकायतकर्ता की मांग थी कि जब तक बैंक पूर्ण पारदर्शिता और दस्तावेज प्रदान नहीं करता, तब तक सभी दंडात्मक रिकवरी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। लेकिन आयोग ने तर्क दिया कि इस तरह से शिकायतकर्ता को राहत नहीं दी जा सकती।
विज्ञापन

सुभाष कॉलोनी निवासी कपिल ठुकराल ने बैंक की सेवाओं में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के आरोपों के साथ दायर किया था। शिकायतकर्ता कपिल ठुकराल के अनुसार, उन्होंने बैंक के क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया और समय पर बिलों का भुगतान किया। हालांकि बाद में बैंक ने बिना किसी विस्तृत विवरण के उनसे अत्यधिक राशि की मांग शुरू कर दी।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2020 से अब तक के ब्याज और जीएसटी का दिन-वार विवरण मांगा था, जिसे बैंक ने आंतरिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए देने से इनकार कर दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बैंक और उसके रिकवरी एजेंटों ने आक्रामक फील्ड विजिट, एसएमएस और कॉल के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। इससे पहले, यह मामला बैंकिंग लोकपाल के पास भी गया था लेकिन लोकपाल ने बैंक के इस दावे के आधार पर मामला बंद कर दिया कि उन्होंने आवश्यक गणना साझा कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्याज और शुल्कों की मांगी थी जानकारी
शिकायतकर्ता ने आयोग से मांग की थी कि बैंक को अप्रैल 2020 से अब तक के ब्याज और शुल्कों का विस्तृत पीडीएफ या एक्सेल ब्रेकअप देने का निर्देश दिया जाए। जब तक पूर्ण पारदर्शिता और दस्तावेज प्रदान नहीं किए जाते, तब तक सभी दंडात्मक रिकवरी कार्रवाइयों पर रोक लगाई जाए। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह की अध्यक्षता में आयोग ने दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुनाया कि उपभोक्ता शिकायत में इस तरह की राहतें नहीं दी जा सकतीं। आयोग ने मामले को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करते हुए इसे सुनवाई के योग्य नहीं माना। आयोग ने मामले को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed