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मेहनत से पढ़ाई करने पर मिलती है सफलता : डॉ रणजीत फुलिया
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- राजकीय स्कूल में विशेष तौर पर पहुंचे एयर इंडिया में पूर्व प्रधानमंत्री के साथ काम कर चुके डॉ. रणजीत फुलिया
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। एयर इंडिया में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ काम कर चुके डॉ. रणजीत फुलिया ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफलता का रास्ता संघर्षों से होकर गुजरता है। गांव-शहर और सुविधाओं की अधिकता व अभाव से सफलता तय नहीं होती है। अभावों से पार पाने व आगे बढ़ने के लिए शिक्षा का ही रास्ता है। वे खुद सरकारी स्कूल से पढ़े हैं। इसलिए ग्रामीण पृष्ठभूमि के सरकारी स्कूलों और विद्यार्थियों के साथ उन्हें विशेष स्नेह हैं।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. रणजीत फुलिया विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सफलता जरूर मिलती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संचालन प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों का गहना है। विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ना चाहिए। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है।
सवालों का जवाब देने वाले विद्यार्थी सम्मानित
डॉ. रणजीत फुलिया ने विद्यार्थियों से अंग्रेजी भाषा संबंधी सवाल पूछे और सवालों का सही जवाब देने वाले विद्यार्थी वंशिका, कृतिका, तमन्ना, रूही, कार्तिक, समिष्टी को किताबें भेंट कर सम्मानित किया। हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी समय में सभी विद्यार्थियों को अपने संचार कौशलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुशलतापूर्वक बोल कर व लिख कर अपनी बात कह सकने की क्षमता अर्जित करने के लिए सभी विद्यार्थी अपनी भाषा को समृद्ध करें।
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सदनों के साथ की पढ़ाने के तरीकों पर चर्चा
कार्यक्रम से पहले डॉ. फुलिया ने स्कूल के चार सदनों की बैठक करके उन्होंने पढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। स्कूल में शहीद ऊधम सिंह, शहीद भगत सिंह, सावित्रीबाई फुले और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सदन में अलग-अलग कक्षा वर्ग के विद्यार्थी और अध्यापक हैं। बैठक में स्टाफ सचिव राजेश सैनी, प्राध्यापक सतीश राणा, बलविंद्र सिंह, विनोद भारतीय, डॉ. महाबीर सिंह, अनिल पाल, संदीप कुमार, विवेक कुमार, संजीव कुमार, सलिन्द्र मंढ़ाण, दिनेश कुमार और बलराज मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। एयर इंडिया में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ काम कर चुके डॉ. रणजीत फुलिया ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफलता का रास्ता संघर्षों से होकर गुजरता है। गांव-शहर और सुविधाओं की अधिकता व अभाव से सफलता तय नहीं होती है। अभावों से पार पाने व आगे बढ़ने के लिए शिक्षा का ही रास्ता है। वे खुद सरकारी स्कूल से पढ़े हैं। इसलिए ग्रामीण पृष्ठभूमि के सरकारी स्कूलों और विद्यार्थियों के साथ उन्हें विशेष स्नेह हैं।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. रणजीत फुलिया विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सफलता जरूर मिलती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने की और संचालन प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने किया। प्रधानाचार्य राम कुमार सैनी ने अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कार विद्यार्थियों का गहना है। विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ना चाहिए। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती है।
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सवालों का जवाब देने वाले विद्यार्थी सम्मानित
डॉ. रणजीत फुलिया ने विद्यार्थियों से अंग्रेजी भाषा संबंधी सवाल पूछे और सवालों का सही जवाब देने वाले विद्यार्थी वंशिका, कृतिका, तमन्ना, रूही, कार्तिक, समिष्टी को किताबें भेंट कर सम्मानित किया। हिंदी प्राध्यापक अरुण कुमार कैहरबा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी समय में सभी विद्यार्थियों को अपने संचार कौशलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कुशलतापूर्वक बोल कर व लिख कर अपनी बात कह सकने की क्षमता अर्जित करने के लिए सभी विद्यार्थी अपनी भाषा को समृद्ध करें।
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सदनों के साथ की पढ़ाने के तरीकों पर चर्चा
कार्यक्रम से पहले डॉ. फुलिया ने स्कूल के चार सदनों की बैठक करके उन्होंने पढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। स्कूल में शहीद ऊधम सिंह, शहीद भगत सिंह, सावित्रीबाई फुले और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सदन में अलग-अलग कक्षा वर्ग के विद्यार्थी और अध्यापक हैं। बैठक में स्टाफ सचिव राजेश सैनी, प्राध्यापक सतीश राणा, बलविंद्र सिंह, विनोद भारतीय, डॉ. महाबीर सिंह, अनिल पाल, संदीप कुमार, विवेक कुमार, संजीव कुमार, सलिन्द्र मंढ़ाण, दिनेश कुमार और बलराज मौजूद रहे।