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विद्यार्थियों को लक्ष्य साधकर जीवन संवारने के लिए किया प्रेरित
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करनाल। दयाल सिंह कॉलेज में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर उन्हें भविष्य निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। मुख्य वक्ता दीपांकर दत्त ने कहा कि वर्तमान समय में हमें अपने जीवन के लक्ष्य को तय करते हुए दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इसमें संचार कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से दुनिया में अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणाम के बारे में भी जानकारी जरूर होनी चाहिए। उन्होंने संयम, धैर्य व कार्य की निरंतरता और सकारात्मकता पर भी बल दिया। डॉ. एसपी भट्टी ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने के लिए और नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण होते हैं। जिनमें हार्ड स्किल के साथ सॉफ्ट स्किल संचार कौशल के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी के अतिरिक्त संचार कौशल व्यक्तित्व को ज्यादा निखारता है। इसलिए पढ़ाई के साथ (सॉफ्ट स्किल) संचार कौशल पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए। कौशल विकास से निश्चित रूप से सफलता हासिल होती है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि जीवन में अपनी रुचि के अनुसार चुनौतियों को स्वीकारते हुए नौकरी के अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। अनुशासन और दृढ़ निश्चय ही सफलता की ओर ले जाता है। इस मौके पर प्रो. सुशील गोयल, डॉ. रेणू तंवर, डॉ. अंबिका, डॉ. कपिल, डॉ. अदिति व डॉ. सुभाष चंद्र मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से दुनिया में अपनी पहचान बनाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणाम के बारे में भी जानकारी जरूर होनी चाहिए। उन्होंने संयम, धैर्य व कार्य की निरंतरता और सकारात्मकता पर भी बल दिया। डॉ. एसपी भट्टी ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने के लिए और नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम महत्वपूर्ण होते हैं। जिनमें हार्ड स्किल के साथ सॉफ्ट स्किल संचार कौशल के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। प्राचार्या डॉ. आशिमा गक्खड़ ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम से संबंधित जानकारी के अतिरिक्त संचार कौशल व्यक्तित्व को ज्यादा निखारता है। इसलिए पढ़ाई के साथ (सॉफ्ट स्किल) संचार कौशल पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए। कौशल विकास से निश्चित रूप से सफलता हासिल होती है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि जीवन में अपनी रुचि के अनुसार चुनौतियों को स्वीकारते हुए नौकरी के अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। अनुशासन और दृढ़ निश्चय ही सफलता की ओर ले जाता है। इस मौके पर प्रो. सुशील गोयल, डॉ. रेणू तंवर, डॉ. अंबिका, डॉ. कपिल, डॉ. अदिति व डॉ. सुभाष चंद्र मौजूद रहे।
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