अंकल ! अाज छाेड़ रहे हैं,नियम नहीं माने तो आगे नहीं छोड़ेंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को दिनभर नन्हें ट्रैफिक मैनेजरों ने बड़ों के पसीने छुड़ाए रखे। स्कूल ड्रेस में शहर के हर चौराहे पर खड़े स्टूडेंट्स ने यातायात नियमों को तोड़ने वालों को न केवल सीख दी, बल्कि कई के चालान भी कटवाए। पुलिस आगे सड़क पर खड़े इन बच्चों ने पूरा दिन लोगों को ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया, साथ ही आगे से नहीं छोड़े जाने की चेतावनी भी दे डाली। बच्चों को वाहन रूकवाने में लगाया और चालान के बाद बच्चे वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाते गए। कई वाहन चालकों को तो बच्चों ने यहां तक कह दिया कि अंकल आज तो छोड़ रहे हैं, आगे से ऐसा नहीं चलेगा...।
स्मार्ट सिटी में स्मार्ट ट्रैफिक बनाने के लिए जिला पुलिस ने अहम कदम उठाया है। शहर के 21 स्कूलों के 202 बच्चों को मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। सोमवार को ट्रेनिंग का दूसरा दिन रहा, जहां शहर के अंबेडकर चौक के अलावा अन्य चौकों पर भी बच्चों के साथ चैकिंग अभियान चलाया। मंगलवार को ट्रेनिंग का अंतिम दिन है। बच्चों को फिल्ड की जानकारी के साथ ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़कर यह जिले के अन्य स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरूक करेंगे। ताकि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे। स्टूडेंटस अंकुश, रवि, दिव्यांशु का कहना है कि उन्हें यकीन है कि शहर के लोग उनकी बात जरूर मांनेंगे। सोमवार सुबह से ही अंबेडकर चौक, माल रोड, हास्पीटल रोड, एनडीआरआई चौक, काछवा रोड, कमेटी चौक, ओपीएस विद्या मंदिर व रेलवे रोड पर छात्रों के ग्रुप तैनात रहे।
नहीं चले किसी के बहाने चालान से बचने के लिए किसी वाहन चालक ने बहाना बनाया तो किसी ने पुलिस स्टाफ बताया। लेकिन किसी का कोई बहाना नहीं चला। पुलिस चालान काटती गई और हर तरफ जाम की स्थिति बनी रही। हड़बड़ाहट में कई दो पहिया वाहन चालक चौक पर ही गिर गए, जहां पुलिस कर्मियों ने भागकर उन्हें उठाया और जाने दिया। इस मौके पर एसपी पंकज नैन भी पहुंचे और व्यवस्था को परखकर निकल गए। एसपी ने कहा कि नियमों के सबके लिए जरूरी है। यदि कोई पुलिस कर्मचारी का चालान होता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
प्लीज अंकल, मुझे जाने दो, दवाई लेने आया था... चैकिंग के दौरान प्रताप पब्लिक स्कूल के दो छात्र ड्रैस में बुल्ट पर पहुंचे। पुलिस ने रोका और कागजात मांगे तो छात्रों ने कहा प्लीज अंकल, मुझे जाने दो, दवाई लेने आया था। पुलिस ने लाइसेंस मांगा, नहीं मिला। आरसी लेकर उसके हाथ में चालान देकर जाने दिया। इसके बाद एक्टिवा पर दो युवतियों को रुकवाया और आरसी लेकर इनका विदाउट हेल्मेट का चालान कर दिया। चालान के 100 रुपये देकर साथ ही आरसी लेना चाहा तो पुलिस कर्मियों ने सेक्टर-6 हाईवे थाने में चालान भुगतने का हवाला दिया। दूसरी तरफ माल रोड से आने वाली एक्टिवा पर महिला को रूकवाया। पुलिस कर्मियों के सामने वह जाने की अपील करती रही। लेकिन पुलिस कर्मियों ने उसकी एक भी नहीं सुनी। महिला से घर से कागजात मंगवाएं। कागज पूरे मिलने पर हेल्मेट का चालान कर दिया। ट्रैफिक नियमों की दिखाई फिल्म एम्बारक इंडिया गुड़गांव से सारिका और उनकी टीम ने ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने वालों को यातायात नियमों की फिल्म भी दिखाई। टीम के सदस्य इस तरह चैकिंग की मूवी भी बनाते गए। सारिका ने बताया कि बच्चों को ट्रैफिक की जानकारी देकर उनसे सुझाव भी मांगे जाएंगे। यदि ट्रैफिक के लिए बेहतर होगा उसको लागू भी करवाया जाएगा। यह सुविधा वाहन चालकों के लिए और लोगों ने इस चैकिंग का साथ देना चाहिए।
कार चालकों को देते रहे चेतावनी शहर के विभिन्न स्थानों पर की गई चैकिंग में दो पहिया वाहन चालकों के जहां धड़ाधड़ चालान काटे गए, वहीं कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने की चेतावनी देकर छोड़ते गए। कई पुलिस कर्मचारियों को भी सीट बेल्ट लगाते नहीं मिले। उनको रूकवाकर सीट बेल्ट लगवाई और जाने दिया। इस तरह कड़ी चैकिंग से बहुत से लोग घबराए रहे। बड़े वाहनों में जाने वालों ने किसी ने समझा यहां पर कोई बड़ा क्त्रसइम हो गया है या फिर किसी वीपीआई के आगमन से पहले सख्ती बरती जा रही है।
शहर में हर तरफ जाम की स्थिति अंबेडकर चौक पर रही चैकिंग के दौरान शहर में जाम की स्थिति बनी रही। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालकों ने रोकने पर भी नहीं रूके। इससे पुलिस कर्मियों और वाहन चालकों पर बहस होती रही। चैकिंग से बचने के लिए बहुत से दो पहिया वाहन चालकों ने रास्ता बदल लिया। इससे अन्य स्थानों पर भी जाम लगा रहा। अंबेडकर चौक से लिबर्टी चौक तक वाहनों की लाइन लगी। अंबेडकर चौक से एनडीआरआई चौक तक पांच मिनट का रास्ता 20 मिनट में तय हुआ। इससे वाहन रेंगते रहे और तेल भी अधिक जला।
ट्रैफिक नियमों का पालन हर किसी ने करना चाहिए। बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है और सभी बच्चे खुश हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों की चालान हर सूरत में किये जाएंगे। चार महीने में 20 पुलिस कर्मियों के चालान भी किए गए हैं। चालान के अलावा पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इस सख्ती में वाहन चालकों का फायदा है। हमारा उद्देश्य दुर्घटनाओं में कमी लाना है। -पंकज नैन, एसपी, करनाल।