सरकारी बैंक पर ताले, मुश्किल में मुसाफिर
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ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर हुई हड़ताल का जिले में मिला जुला असर रहा। परिवहन सेवा और बैंकों को छोड़कर अन्य विभागों में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं दिखा। बिजली और पानी की सप्लाई सुचारू रही, वहीं स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, लेकिन यहां भी स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा। हालांकि, रोडवेज की करीब 40 बसें नहीं चलने के कारण यात्रियों को परेशानी करनी पड़ी और कई रूटों पर बसों की भारी कमी रही। इसी प्रकार सरकारी बैंकों की हड़ताल में शामिल होने के कारण 19 शाखाएं बंद रहीं, जबकि सात स्टेट बैंकों की शाखाएं बंद रहने से जिलों में करोड़ों रुपये का लेन देन प्रभावित रहा।
सुबह से विभागों में कर्मचारियों ने हड़ताल में शामिल हो गए। दोपहर को कर्ण पार्क में कर्मचारी एकत्र हुए और घंटाघर चौक पर प्रदर्शन किया। बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग व रोडवेज समेत अन्य विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ज्यादा असर रोडवेज पर रहा। यहां पर दो रोडवेज यूनियनों ने करीब 40 बसों को नहीं चलने दिया, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। देर शाम तक बसों की यही स्थिति रही। रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रधान ऋषिपाल राणा ने हड़ताल सफल होने का दावा किया है। हालांकि, रोडवेज जीएम जयपाल राणा का दावा है कि हड़ताल से कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है, सभी रूटों पर बसों को चलाया गया। उधर, जिला प्रशासन दिनभर अलर्ट रहा और कर्मचारियों की हड़ताल और जुलूूस को लेकर पल पल की सूचना लेता रहा। जिले में भी असंध, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, निसिंग और इंद्री, घरौंडा में भी इसी प्रकार के हालात रहे। कर्मचारियों ने अपने विभागों के बाहर गेट मीटिंग करके सरकार के खिलाफ रोष जाहिर किया।
एनआरएचएम के कर्मियों ने दिया धरना
अस्पताल में एनआरएचएम के कर्मचारियों ने सुबह से ही धरना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं करने को लेकर प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। इसी प्रकार बिजली निगम में भी कर्मचारियों ने रोष जाहिर किया। उधर, दिनभर शहर के सभी चौक चौराहों पर पुलिस तैनात रही व सभी विभागों के अधिकारी अलर्ट रहे।
जमकर निकाली भड़ास, इससे भी बड़ा होगा आंदोलन
ऑल हरियाणा पीडब्लयूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल रहे। इंद्री, असंध, करनाल, नीलोखेड़ी व घरौंडा सहित सभी शाखाओं में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की गई। कर्ण गेट स्थित कार्यालय में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों से कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। रोष स्वरूप आज कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की है। सरकार अपने वायदों से मुकर गई है। उन्होंने कहा कि आज की हड़ताल के बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानी तोबड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर प्रांतीय प्रधान विश्वनाथ शर्मा, प्रांतीय कार्यालय सचिव रामकुमार प्रजापत, प्रांतीय आडिटर बलजीत शर्मा, कर्ण सिंह, सुरेंद्र बराड़, कर्मचंद्र अग्रवाल, कृष्ण सुलतानपुर, जसबीर आर्य, राजेंद्र शर्मा, रामसरूप, कर्ण सिंह संधु, जसबीर कांबोज आदि मौजूद थे।
ये हैं मांगें
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, वेतन विसंगतियां दूर करना,
पंजाब के समान वेतन देना, छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करना, निजीकरण
बंद करना, कैश लैस मेडिकल सुविधा देना, विभाग में वर्कलोड के हिसाब से
खाली पड़े पदों पर नियमित भर्ती करना आदि मुख्य मांगों में शामिल हैं।