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Karnal News: छह नए सब स्टेशन और छह की बढ़ाई जा रही क्षमता
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. गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारी, 75 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई
राम सारस्वत
करनाल। गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली निगम ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए छह नए 33 केवी सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। वहीं छह सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में बिजली की अधिकतम मांग 1337 मेगावाट तक पहुंची थी। वहीं वर्ष 2025 में जुलाई माह के दौरान यह मांग बढ़कर 1590 मेगावाट दर्ज की गई। अधिकारियों का अनुमान है कि इस वर्ष गर्मी के मौसम में बिजली की मांग करीब 200 मेगावाट तक और बढ़ सकती है।
बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए जिले में छह नए 33 केवी सब स्टेशन निर्माणाधीन हैं। इनमें भोरमाजरा, अमरगढ़, नरुखेड़ी, आलीपुर वीरान, कलसौरा और बालू क्षेत्र शामिल हैं। इन सब स्टेशनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इन्हें गर्मी के मौसम से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नए सब स्टेशन शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या कम होगी और ओवरलोडिंग से राहत मिलेगी।
यहां बढ़ाई जा रही क्षमता
बढ़ते लोड को देखते हुए छह प्रमुख सब स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। रत्तक सब स्टेशन की क्षमता 18 एमवीए से बढ़ाकर 22.5 एमवीए, धाकवाड़ा की 12.5 से 25 एमवीए और घरौंडा की क्षमता 30 से बढ़ाकर 37.5 एमवीए की जा रही है। इसी प्रकार श्यामगढ़ सब स्टेशन की क्षमता 22.5 से 25 एमवीए, सग्गा की 20 से 25 एमवीए तथा रसीदपुर की क्षमता 20 से बढ़ाकर 30 एमवीए की जा रही है। इससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या कम होगी।
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मोबाइल ट्रांसफार्मर तैयार
गर्मी के मौसम में किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए निगम ने 48 मोबाइल ट्रांसफार्मर ट्रॉली तैयार रखी हैं। इन ट्रॉलियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रभावित क्षेत्र में भेजकर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। इसके अलावा सब डिवीजन स्तर पर ट्रांसफार्मर बैंक का रखरखाव भी किया जा रहा है, जिससे खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदला जा सके और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। बिजली निगम ने जिले में 75 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही 60 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए हैं। वहीं 250 ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। लोड बैलेंसिंग से किसी एक लाइन या ट्रांसफार्मर पर अधिक भार नहीं पड़ेगा, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी। इससे तकनीकी खराबियों और फॉल्ट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग चरम पर होती है, इसलिए समय रहते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है।
- नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम
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राम सारस्वत
करनाल। गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली निगम ने आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए छह नए 33 केवी सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। वहीं छह सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में बिजली की अधिकतम मांग 1337 मेगावाट तक पहुंची थी। वहीं वर्ष 2025 में जुलाई माह के दौरान यह मांग बढ़कर 1590 मेगावाट दर्ज की गई। अधिकारियों का अनुमान है कि इस वर्ष गर्मी के मौसम में बिजली की मांग करीब 200 मेगावाट तक और बढ़ सकती है।
बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए जिले में छह नए 33 केवी सब स्टेशन निर्माणाधीन हैं। इनमें भोरमाजरा, अमरगढ़, नरुखेड़ी, आलीपुर वीरान, कलसौरा और बालू क्षेत्र शामिल हैं। इन सब स्टेशनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इन्हें गर्मी के मौसम से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। नए सब स्टेशन शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या कम होगी और ओवरलोडिंग से राहत मिलेगी।
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यहां बढ़ाई जा रही क्षमता
बढ़ते लोड को देखते हुए छह प्रमुख सब स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। रत्तक सब स्टेशन की क्षमता 18 एमवीए से बढ़ाकर 22.5 एमवीए, धाकवाड़ा की 12.5 से 25 एमवीए और घरौंडा की क्षमता 30 से बढ़ाकर 37.5 एमवीए की जा रही है। इसी प्रकार श्यामगढ़ सब स्टेशन की क्षमता 22.5 से 25 एमवीए, सग्गा की 20 से 25 एमवीए तथा रसीदपुर की क्षमता 20 से बढ़ाकर 30 एमवीए की जा रही है। इससे इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या कम होगी।
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मोबाइल ट्रांसफार्मर तैयार
गर्मी के मौसम में किसी भी तकनीकी खराबी या आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए निगम ने 48 मोबाइल ट्रांसफार्मर ट्रॉली तैयार रखी हैं। इन ट्रॉलियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रभावित क्षेत्र में भेजकर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। इसके अलावा सब डिवीजन स्तर पर ट्रांसफार्मर बैंक का रखरखाव भी किया जा रहा है, जिससे खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदला जा सके और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। बिजली निगम ने जिले में 75 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ ही 60 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए हैं। वहीं 250 ट्रांसफार्मरों की लोड बैलेंसिंग का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। लोड बैलेंसिंग से किसी एक लाइन या ट्रांसफार्मर पर अधिक भार नहीं पड़ेगा, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी। इससे तकनीकी खराबियों और फॉल्ट की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
गर्मी के मौसम में बिजली की मांग चरम पर होती है, इसलिए समय रहते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना जरूरी है।
- नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम