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पत्नी और बच्चों को बचाने के लिए आवाज लगाते बेसुध हुआ सुशील
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एक पल में मजदूर सुशील का परिवार उजाड़ गया। अपने दो बच्चों और पत्नी को आंखों के साम के डूबते देख उसने बचाने के लिए खूब आवाज लगाई। चिल्लाते चिल्लाते वह बेसुध होकर नदी के किनारे पर ही गिर गया। इस दौरान उसके साथ बैठा भतीजा डर कर घर की ओर भागा और लोगों को लेकर आया। इस दौरान सुशील और बच्चों की आवाज सुनकर ही तीन गांव के लोग बचाने को दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अब परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं, लेकिन बहुत छोटे है। बेटा 4 और बेटी 3 साल की है। वह परिवार का अकेला कमाने वाला था, अब छोटे बच्चों की पूरी जिम्मेदारी भी उसके ऊपर आ गई है। अपने बच्चों के नदी से मिलने के इंतज़ार में नदी किनारे ही बैठा रहा।
खेतों में मजदूरी कर करते थे भरण पोषण
यमुना नदी में डूबी महिला सोनिया समेत सभी लोग मजदूर परिवार से थे। कोई खेत में मजदूरी का कार्य करके परिवार चला रहे थे। गांव करंहस निवासी 16 साल का गर्व 10वीं कक्षा में पढ़ता था। उसका एक बड़ा भाई हर्ष हैं और माता-पिता मजदूरी करते हैं। कल ही वह अपनी मौसी सोनिया के घर गांव करहंस से जलमाना आया था। वगांव चंदोली निवासी 18 वर्षीय बदल भी दसवीं कक्षा में पढ़ता है। वह भी अपनी मौसी सोनिया के पास गांव से सोमवार को आया था। 18 वर्षीय सरिता के पिता श्यामलाल गांव जलमाना मजदूरी करते हैं। सरिता 12वीं कर चुकी थी और स्नातक करने की तैयारी कर रही थी, पिता उसे पढ़ाने में कोई कमी नही छोड़ रहे थे। परिवार का रो- रो कर बुरा हाल है।
नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा रेत खननऱ् रावल
यमुना सुधार समिति के हरियाणा राज्य के अध्यक्ष रत्तन सिंह रावल का कहना है कि यमुना नदी के अंदर रेत खनन सभी नियमों को ताख पर रखकर अवैध तरीके से अधिक गहराई से रेत खनन किया जाता हैं। जिसके चलते यमुना में गहरे कुंड हो जाते हैं और इन गहरे कुंडों में डूबने से मौतें हो रही हैं। यमुना के अंदर रोक के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से जेसीबी, मशीनों से अधिक गहराई से रेत खनन होने पर यमुना की धारा बदलती रहती हैं और अधिक गहराई से कुंड हो जाने पर यमुना के अंदर हादसे हो रहे हैं। इन पर पूरी तरह से शिंकजा कसा जाना चाहिए। अगर रेत खनन का कोई किसान व सामाजिक संगठन विरोध करते हैं तो रेत खनन माफिया पैसों व राजनीतिक बल के चलते किसानों पर झूठे मामले दर्ज करवा कर उन्हें डराते हैं। रेत खनन माफियाओं से नेताओं व अधिकरियों की सह पर अवैध खनन किया जाता है। इसका खामियाजा आसपास के किसान, मजदूर परिवार के बच्चों को झेलना पड़ता हैं।
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यमुना पर डीसी भी घटना स्थल पर पहुंचे-
सनौली। गांव जलमाना में यमुना नदी में डूबने की सूचना पर डीसी पानीपत धर्मेंद्र सिंह, डीएसपी प्रदीप कुमार समालखा, डीआरओ चंद्रमोहन, नायब तहसीलदार नरेश कौशल घटनास्थल पर पहुंचे और गांव मिर्जापुर के यमुना घाट पर तलाश कर रहे इंजन बोट मशीन व गोताखोरों को जल्द से जल्द तलाश करने के लिए कहा है। परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि ओर भी गोताखोरों को लगाया जाएगा। कोई कसर नहीं रहेगी, जल्द ही तलाश कर लिए जाएंगे।
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खेतों में मजदूरी कर करते थे भरण पोषण
यमुना नदी में डूबी महिला सोनिया समेत सभी लोग मजदूर परिवार से थे। कोई खेत में मजदूरी का कार्य करके परिवार चला रहे थे। गांव करंहस निवासी 16 साल का गर्व 10वीं कक्षा में पढ़ता था। उसका एक बड़ा भाई हर्ष हैं और माता-पिता मजदूरी करते हैं। कल ही वह अपनी मौसी सोनिया के घर गांव करहंस से जलमाना आया था। वगांव चंदोली निवासी 18 वर्षीय बदल भी दसवीं कक्षा में पढ़ता है। वह भी अपनी मौसी सोनिया के पास गांव से सोमवार को आया था। 18 वर्षीय सरिता के पिता श्यामलाल गांव जलमाना मजदूरी करते हैं। सरिता 12वीं कर चुकी थी और स्नातक करने की तैयारी कर रही थी, पिता उसे पढ़ाने में कोई कमी नही छोड़ रहे थे। परिवार का रो- रो कर बुरा हाल है।
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नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा रेत खननऱ् रावल
यमुना सुधार समिति के हरियाणा राज्य के अध्यक्ष रत्तन सिंह रावल का कहना है कि यमुना नदी के अंदर रेत खनन सभी नियमों को ताख पर रखकर अवैध तरीके से अधिक गहराई से रेत खनन किया जाता हैं। जिसके चलते यमुना में गहरे कुंड हो जाते हैं और इन गहरे कुंडों में डूबने से मौतें हो रही हैं। यमुना के अंदर रोक के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से जेसीबी, मशीनों से अधिक गहराई से रेत खनन होने पर यमुना की धारा बदलती रहती हैं और अधिक गहराई से कुंड हो जाने पर यमुना के अंदर हादसे हो रहे हैं। इन पर पूरी तरह से शिंकजा कसा जाना चाहिए। अगर रेत खनन का कोई किसान व सामाजिक संगठन विरोध करते हैं तो रेत खनन माफिया पैसों व राजनीतिक बल के चलते किसानों पर झूठे मामले दर्ज करवा कर उन्हें डराते हैं। रेत खनन माफियाओं से नेताओं व अधिकरियों की सह पर अवैध खनन किया जाता है। इसका खामियाजा आसपास के किसान, मजदूर परिवार के बच्चों को झेलना पड़ता हैं।
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यमुना पर डीसी भी घटना स्थल पर पहुंचे-
सनौली। गांव जलमाना में यमुना नदी में डूबने की सूचना पर डीसी पानीपत धर्मेंद्र सिंह, डीएसपी प्रदीप कुमार समालखा, डीआरओ चंद्रमोहन, नायब तहसीलदार नरेश कौशल घटनास्थल पर पहुंचे और गांव मिर्जापुर के यमुना घाट पर तलाश कर रहे इंजन बोट मशीन व गोताखोरों को जल्द से जल्द तलाश करने के लिए कहा है। परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि ओर भी गोताखोरों को लगाया जाएगा। कोई कसर नहीं रहेगी, जल्द ही तलाश कर लिए जाएंगे।