फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   six drowned

पत्नी और बच्चों को बचाने के लिए आवाज लगाते बेसुध हुआ सुशील

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 12:33 AM IST
विज्ञापन
six drowned
एक पल में मजदूर सुशील का परिवार उजाड़ गया। अपने दो बच्चों और पत्नी को आंखों के साम के डूबते देख उसने बचाने के लिए खूब आवाज लगाई। चिल्लाते चिल्लाते वह बेसुध होकर नदी के किनारे पर ही गिर गया। इस दौरान उसके साथ बैठा भतीजा डर कर घर की ओर भागा और लोगों को लेकर आया। इस दौरान सुशील और बच्चों की आवाज सुनकर ही तीन गांव के लोग बचाने को दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अब परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं, लेकिन बहुत छोटे है। बेटा 4 और बेटी 3 साल की है। वह परिवार का अकेला कमाने वाला था, अब छोटे बच्चों की पूरी जिम्मेदारी भी उसके ऊपर आ गई है। अपने बच्चों के नदी से मिलने के इंतज़ार में नदी किनारे ही बैठा रहा।
विज्ञापन

खेतों में मजदूरी कर करते थे भरण पोषण
यमुना नदी में डूबी महिला सोनिया समेत सभी लोग मजदूर परिवार से थे। कोई खेत में मजदूरी का कार्य करके परिवार चला रहे थे। गांव करंहस निवासी 16 साल का गर्व 10वीं कक्षा में पढ़ता था। उसका एक बड़ा भाई हर्ष हैं और माता-पिता मजदूरी करते हैं। कल ही वह अपनी मौसी सोनिया के घर गांव करहंस से जलमाना आया था। वगांव चंदोली निवासी 18 वर्षीय बदल भी दसवीं कक्षा में पढ़ता है। वह भी अपनी मौसी सोनिया के पास गांव से सोमवार को आया था। 18 वर्षीय सरिता के पिता श्यामलाल गांव जलमाना मजदूरी करते हैं। सरिता 12वीं कर चुकी थी और स्नातक करने की तैयारी कर रही थी, पिता उसे पढ़ाने में कोई कमी नही छोड़ रहे थे। परिवार का रो- रो कर बुरा हाल है।
विज्ञापन

नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा रेत खननऱ् रावल
यमुना सुधार समिति के हरियाणा राज्य के अध्यक्ष रत्तन सिंह रावल का कहना है कि यमुना नदी के अंदर रेत खनन सभी नियमों को ताख पर रखकर अवैध तरीके से अधिक गहराई से रेत खनन किया जाता हैं। जिसके चलते यमुना में गहरे कुंड हो जाते हैं और इन गहरे कुंडों में डूबने से मौतें हो रही हैं। यमुना के अंदर रोक के बावजूद प्रशासन की मिलीभगत से जेसीबी, मशीनों से अधिक गहराई से रेत खनन होने पर यमुना की धारा बदलती रहती हैं और अधिक गहराई से कुंड हो जाने पर यमुना के अंदर हादसे हो रहे हैं। इन पर पूरी तरह से शिंकजा कसा जाना चाहिए। अगर रेत खनन का कोई किसान व सामाजिक संगठन विरोध करते हैं तो रेत खनन माफिया पैसों व राजनीतिक बल के चलते किसानों पर झूठे मामले दर्ज करवा कर उन्हें डराते हैं। रेत खनन माफियाओं से नेताओं व अधिकरियों की सह पर अवैध खनन किया जाता है। इसका खामियाजा आसपास के किसान, मजदूर परिवार के बच्चों को झेलना पड़ता हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यमुना पर डीसी भी घटना स्थल पर पहुंचे-
सनौली। गांव जलमाना में यमुना नदी में डूबने की सूचना पर डीसी पानीपत धर्मेंद्र सिंह, डीएसपी प्रदीप कुमार समालखा, डीआरओ चंद्रमोहन, नायब तहसीलदार नरेश कौशल घटनास्थल पर पहुंचे और गांव मिर्जापुर के यमुना घाट पर तलाश कर रहे इंजन बोट मशीन व गोताखोरों को जल्द से जल्द तलाश करने के लिए कहा है। परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि ओर भी गोताखोरों को लगाया जाएगा। कोई कसर नहीं रहेगी, जल्द ही तलाश कर लिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed