Karnal News: सलाखों में बंद भाइयों को बहनों ने बांधी राखी, छलक आए आंसू
जेल में आठ अलग-अलग काउंटर बनाए गए, जहां बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी और मिठाई खिलाई। भाई की कलाई पर राखी बांधते समय कई बहनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। खास बात ये रही कि इस पर्व पर राखी से लेकर मिठाई का इंतजाम पुलिस प्रशासन की ओर से कराया गया था। वहीं, मुलाकात पर आने वाले लोगों के परिजनों के लिए जेल के बाहर कढ़ी चावल का लंगर भी लगाया गया था।
भाई को देखते ही भर आईं आंखें
कई बहनों के लिए यह मुलाकात भावनाओं से भरी रही। भाई सामने आया तो चेहरे पर मुस्कान आई, लेकिन राखी बांधते समय आंखें नम हो गईं। कुछ बहनों ने भाइयों से जेल से बाहर आने के बाद नई शुरुआत करने और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने की उम्मीद भी जताई। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। रक्षाबंधन पर सुबह से ही जेल परिसर में बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर-दराज से आई कई महिलाएं अपने साथ बच्चों को भी लेकर पहुंचीं। किसी के हाथ में राखी थी तो किसी के हाथ में भाई के लिए मिठाई।
बड़ी संख्या में महिलाओं के जेल पहुंचने पर सुरक्षा व व्यवस्था कड़ी रखी गई। राखी और मिठाई का इंतजाम पुलिस प्रशासन की ओर से कराया गया। बाहर चावल कढ़ी का लंगर लगाया गया। आठ काउंटर पर मुलाकात करवाई गई। शाम तक करीब 400 बहनों ने भाईयों के हाथों पर राखी बांधी।
- लखबीर सिंह विर्क, एसपी, जेल

जिला कारागार में अपने भाई, भतीजे, पिता और दादा को राखी बांधने के लिए पहुंची बहन, बुआ और बेटिया

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