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Karnal News: शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभाव
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शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभाव
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। बाजार से लेकर गली-मोहल्लों तक, दुकानदारी से लेकर घरेलू कामकाज तक लोग इसका जमकर उपयोग कर रहे हैं। पॉलिथीन जैसे उत्पाद न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि इंसानी स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्लास्टिक से निकलने वाले हानिकारक रसायन धीरे-धीरे शरीर में पहुंचकर कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन संबंधी बीमारियों तक का कारण बन रहे हैं।
डॉक्टरों ने जताई चिंता
सिविल अस्पताल करनाल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर मनीष सिंगला का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के कंटेनरों में रखे खाने-पीने की चीजें जहरीले रसायनों को अवशोषित कर लेती हैं। खासतौर पर गर्म भोजन पॉलिथीन में रखने से कैंसरकारी पदार्थ (कार्सिनोजेनिक केमिकल्स) भोजन में मिल जाते हैं। लंबे समय तक ऐसे भोजन का सेवन लीवर, किडनी और पेट संबंधी बीमारियों को जन्म देता है।
बच्चों और महिलाओं पर ज्यादा असर
डॉक्टरों के अनुसार प्लास्टिक में पाए जाने वाले बिस्फेनॉल-ए और फ्थेलेट्स जैसे तत्व हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों ओर बुजुर्गों पर पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद खतरनाक है।
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रोजाना बढ़ रही खपत
शहर के बाजारों में रोजाना लाखों की संख्या में पॉलिथीन थैलियां और डिस्पोजल कप-प्लेटें इस्तेमाल हो रही हैं। दुकानदारों को सस्ता और आसान होने के कारण प्लास्टिक से परहेज नहीं है। वहीं, ग्राहक भी सुविधा के चलते इसे अपनाते जा रहे हैं। नगर निगम और प्रशासन की ओर से कई बार अभियान चलाकर पॉलिथीन पर रोक लगाने की कोशिश की गई, लेकिन परिणाम धरातल पर नजर नहीं आते।
कॉलोनीवासियों की चिंता
सुभाष कॉलोनी निवासी सुदेश शर्मा ने बताया कि वे हर रोज सब्जी और राशन की खरीदारी पॉलिथीन में ही लाते हैं। लेकिन अब समझ में आ रहा है कि यही हमारी सेहत को धीरे-धीरे खराब कर रहा है। सरकार को सख्ती करनी चाहिए।
वहीं, कुंजपुरा मार्केट के दुकानदार मनोज गुप्ता का कहना है कि ग्राहक खुद पॉलिथीन मांगते हैं। अगर प्रशासन विकल्प सस्ते और आसान उपलब्ध कराए तभी रोक लग पाएगी।
प्रशासन की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक से होने वाले खतरों को देखते हुए प्रशासन को न केवल सख्त कदम उठाने होंगे, बल्कि लोगों को जागरूक भी करना होगा। कपड़े और जूट के थैलों को बढ़ावा देना होगा, ताकि लोग आसानी से पॉलिथीन का विकल्प अपना सकें।
वर्जन
सिंगल प्लास्टिक की रोकथाम को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है । दुकानदारों के चालान भी किया जा रहे हैं। इसका स्टॉक रखने वालों को 7 दिन की मोहलत दी गई है ताकि वे इसे बदल ले वरना उनके गोदाम तक सील किए जाएंगे। शहर में सिंगल उसे प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा
डॉ वैशाली शर्मा आयुक्त नगर निगम करनाल।
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शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक से बढ़ रहा खतरा, स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभाव
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है। बाजार से लेकर गली-मोहल्लों तक, दुकानदारी से लेकर घरेलू कामकाज तक लोग इसका जमकर उपयोग कर रहे हैं। पॉलिथीन जैसे उत्पाद न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि इंसानी स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि प्लास्टिक से निकलने वाले हानिकारक रसायन धीरे-धीरे शरीर में पहुंचकर कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन संबंधी बीमारियों तक का कारण बन रहे हैं।
डॉक्टरों ने जताई चिंता
सिविल अस्पताल करनाल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर मनीष सिंगला का कहना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के कंटेनरों में रखे खाने-पीने की चीजें जहरीले रसायनों को अवशोषित कर लेती हैं। खासतौर पर गर्म भोजन पॉलिथीन में रखने से कैंसरकारी पदार्थ (कार्सिनोजेनिक केमिकल्स) भोजन में मिल जाते हैं। लंबे समय तक ऐसे भोजन का सेवन लीवर, किडनी और पेट संबंधी बीमारियों को जन्म देता है।
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बच्चों और महिलाओं पर ज्यादा असर
डॉक्टरों के अनुसार प्लास्टिक में पाए जाने वाले बिस्फेनॉल-ए और फ्थेलेट्स जैसे तत्व हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों ओर बुजुर्गों पर पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद खतरनाक है।
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रोजाना बढ़ रही खपत
शहर के बाजारों में रोजाना लाखों की संख्या में पॉलिथीन थैलियां और डिस्पोजल कप-प्लेटें इस्तेमाल हो रही हैं। दुकानदारों को सस्ता और आसान होने के कारण प्लास्टिक से परहेज नहीं है। वहीं, ग्राहक भी सुविधा के चलते इसे अपनाते जा रहे हैं। नगर निगम और प्रशासन की ओर से कई बार अभियान चलाकर पॉलिथीन पर रोक लगाने की कोशिश की गई, लेकिन परिणाम धरातल पर नजर नहीं आते।
कॉलोनीवासियों की चिंता
सुभाष कॉलोनी निवासी सुदेश शर्मा ने बताया कि वे हर रोज सब्जी और राशन की खरीदारी पॉलिथीन में ही लाते हैं। लेकिन अब समझ में आ रहा है कि यही हमारी सेहत को धीरे-धीरे खराब कर रहा है। सरकार को सख्ती करनी चाहिए।
वहीं, कुंजपुरा मार्केट के दुकानदार मनोज गुप्ता का कहना है कि ग्राहक खुद पॉलिथीन मांगते हैं। अगर प्रशासन विकल्प सस्ते और आसान उपलब्ध कराए तभी रोक लग पाएगी।
प्रशासन की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक से होने वाले खतरों को देखते हुए प्रशासन को न केवल सख्त कदम उठाने होंगे, बल्कि लोगों को जागरूक भी करना होगा। कपड़े और जूट के थैलों को बढ़ावा देना होगा, ताकि लोग आसानी से पॉलिथीन का विकल्प अपना सकें।
वर्जन
सिंगल प्लास्टिक की रोकथाम को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है । दुकानदारों के चालान भी किया जा रहे हैं। इसका स्टॉक रखने वालों को 7 दिन की मोहलत दी गई है ताकि वे इसे बदल ले वरना उनके गोदाम तक सील किए जाएंगे। शहर में सिंगल उसे प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा
डॉ वैशाली शर्मा आयुक्त नगर निगम करनाल।