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टीएनए : परीक्षा केंद्रों के अंदर सन्नाटा, बाहर बवाल
करनाल
Updated Mon, 26 May 2014 11:52 PM IST
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अध्यापकों के विरोध के चलते सोमवार को करनाल में टीएनए टेस्ट नहीं हो सका।
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अध्यापकों की एकजुटता के सामने सरकार व शिक्षा विभाग की टेस्ट लेने की
योजना पहले ही कदम पर दम तोड़ गई।
जिले भर में आठ परीक्षा केंद्रों के बाहर अध्यापकों ने जमकर बवाल काटा और सरकार के खिलाफ कड़ी नारेबाजी की। अध्यापकों का विरोध इस कदर सफल रहा कि एक भी परीक्षार्थी ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं किया। परीक्षार्थियों के अभाव में दोनों परीक्षा केंद्र सूने पड़े रहे।
सरकार व शिक्षा विभाग ने पूरे अमले के साथ टेस्ट लेने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन अध्यापकों ने एकता दिखाते हुए टेस्ट को पूरी तरह से फ्लाप कर दिया। इस बात से साबित होता है कि अध्यापक वर्ग एकजुट हैं और विभाग की गलत नीतियाें का विरोध करने के लिए तैयार हैं।
जिले में 1717 अध्यापकों में से किसी ने भी इस टेस्ट का नहीं दिया। अध्यापक संघ के प्रधान बलराज सिंह ने सरकार व शिक्षा विभाग पर गलत शिक्षा नीति का आरोप लगाया हुए कहा कि सरकार अध्यापकों का टेस्ट लेकर मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है।
उनका सिलेक्शन मेरिट के आधार पर हुआ है तो इस टेस्ट का कोई औचित्य ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि अध्यापक अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग रहे हैं, बल्कि वो केवल शिक्षा विभाग व सरकार की गलत नीतियों के विरोध में आवाज उठा रहे हैं।
अध्यापक कृष्ण कुमार निर्माण ने कहा कि सरकार व शिक्षा विभाग अध्यापकों की प्रयोगशाला बनाना बंद करे। विभाग के तानाशाही रवैये का आगे भी विरोध किया जाएगा।
पर्यवेक्षक करते रहे इंतजार
टीएनए टेस्ट दो चरणों में किया जाना था। पहला चरण सुबह 9 बजे से 11 बजे तक तथा दूसरा चरण 11:30 से 1:30 ड्यूटी पर तैनात अधिकारी टेस्ट देने वाले अध्यापकों की बाट जोहते रहे लेकिन कोई भी अध्यापक टेस्ट में नहीं बैठा।
रिटायर्ड अध्यापकों के भी आए रोल नंबर
शिक्षा विभाग की लापरवाही देखिए कि रिटायर्ड अध्यापकों को भी रोल नंबर जारी कर दिए। संढीर विद्यालय से सुभाष रानी मार्च में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, उनको 15075 रोल नंबर जारी किया गया। उसी प्रकार कांता रानी झंझाड़ी स्कूल से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उनका रोल नंबर 114965 दिया गया। इस बात से शिक्षा विभाग की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
कहां पर किसने संभाला मोर्चा
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की ओर से करनाल में बलराज सिंह, सुरेंद्र व बबली, निसिंग में जगतार सिंह, गुध्यान सिंंह व शेरसिंह ने, घरौंडा में मोहन बुरा, नरेंद्र चोपड़ा व भगवान दास ने, नीलोखेड़ी में जय प्रकाश, कुलबीर व अजय ने, इंद्री में श्याम लाल, मनीष, रोशन लाल ने, असंध में त्रिलोकी लाल, महावीर व कर्मवीर ने मोर्चा संभाला और टेस्ट का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया गया।
कहां कितनों की होनी थी परीक्षा
गवर्नमेंट स्कूल करनाल -228
डीएवी स्कूल -220
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल घरौंडा -154
गवर्नमेंट बॉयज स्कूल घरौंडा -150
गवर्नमेंट स्कूज असंध - 220
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल्र इंइी - 265
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल निसिंग - 208
गवर्नमेंट स्कूल नीलोखेड़ी - 272
जिले भर में आठ परीक्षा केंद्रों के बाहर अध्यापकों ने जमकर बवाल काटा और सरकार के खिलाफ कड़ी नारेबाजी की। अध्यापकों का विरोध इस कदर सफल रहा कि एक भी परीक्षार्थी ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं किया। परीक्षार्थियों के अभाव में दोनों परीक्षा केंद्र सूने पड़े रहे।
सरकार व शिक्षा विभाग ने पूरे अमले के साथ टेस्ट लेने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन अध्यापकों ने एकता दिखाते हुए टेस्ट को पूरी तरह से फ्लाप कर दिया। इस बात से साबित होता है कि अध्यापक वर्ग एकजुट हैं और विभाग की गलत नीतियाें का विरोध करने के लिए तैयार हैं।
जिले में 1717 अध्यापकों में से किसी ने भी इस टेस्ट का नहीं दिया। अध्यापक संघ के प्रधान बलराज सिंह ने सरकार व शिक्षा विभाग पर गलत शिक्षा नीति का आरोप लगाया हुए कहा कि सरकार अध्यापकों का टेस्ट लेकर मौलिक अधिकारों का हनन कर रही है।
उनका सिलेक्शन मेरिट के आधार पर हुआ है तो इस टेस्ट का कोई औचित्य ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि अध्यापक अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग रहे हैं, बल्कि वो केवल शिक्षा विभाग व सरकार की गलत नीतियों के विरोध में आवाज उठा रहे हैं।
अध्यापक कृष्ण कुमार निर्माण ने कहा कि सरकार व शिक्षा विभाग अध्यापकों की प्रयोगशाला बनाना बंद करे। विभाग के तानाशाही रवैये का आगे भी विरोध किया जाएगा।
पर्यवेक्षक करते रहे इंतजार
टीएनए टेस्ट दो चरणों में किया जाना था। पहला चरण सुबह 9 बजे से 11 बजे तक तथा दूसरा चरण 11:30 से 1:30 ड्यूटी पर तैनात अधिकारी टेस्ट देने वाले अध्यापकों की बाट जोहते रहे लेकिन कोई भी अध्यापक टेस्ट में नहीं बैठा।
रिटायर्ड अध्यापकों के भी आए रोल नंबर
शिक्षा विभाग की लापरवाही देखिए कि रिटायर्ड अध्यापकों को भी रोल नंबर जारी कर दिए। संढीर विद्यालय से सुभाष रानी मार्च में सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, उनको 15075 रोल नंबर जारी किया गया। उसी प्रकार कांता रानी झंझाड़ी स्कूल से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उनका रोल नंबर 114965 दिया गया। इस बात से शिक्षा विभाग की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।
कहां पर किसने संभाला मोर्चा
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की ओर से करनाल में बलराज सिंह, सुरेंद्र व बबली, निसिंग में जगतार सिंह, गुध्यान सिंंह व शेरसिंह ने, घरौंडा में मोहन बुरा, नरेंद्र चोपड़ा व भगवान दास ने, नीलोखेड़ी में जय प्रकाश, कुलबीर व अजय ने, इंद्री में श्याम लाल, मनीष, रोशन लाल ने, असंध में त्रिलोकी लाल, महावीर व कर्मवीर ने मोर्चा संभाला और टेस्ट का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया गया।
कहां कितनों की होनी थी परीक्षा
गवर्नमेंट स्कूल करनाल -228
डीएवी स्कूल -220
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल घरौंडा -154
गवर्नमेंट बॉयज स्कूल घरौंडा -150
गवर्नमेंट स्कूज असंध - 220
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल्र इंइी - 265
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल निसिंग - 208
गवर्नमेंट स्कूल नीलोखेड़ी - 272