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Karnal News: लाखों रुपये खर्च कर बनाए शेल्टर, इनमें कुत्ता एक भी नहीं
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नागरिक अस्पताल की पार्किंग में बैठा आवारा कुत्ता संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम ने शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आक्रामक कुत्तों को रखने के लिए लाखों रुपये खर्च कर शेल्टर तो बना दिए हैं लेकिन अब तक इनमें कुत्ता एक भी नहीं रखा गया है। ये शेल्टर खाली पड़े हैं जबकि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते घूम रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश हैं कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते नहीं होने चाहिए। बावजूद निगम अधिकारी कुत्तों को पकड़ने के लिए शिकायत का इंतजार कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वे शिकायत के बाद कार्रवाई करेंगे। इसके लिए शहर के लोग 18001802700 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। वीरवार को भी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सामान्य अस्पताल में भी खुलेआम आवारा कुत्ते घूमते मिले। वहीं, अस्पताल में करीब 10 मरीज कुत्तों के काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने पहंचे। शहर में आक्रामक कुत्तों से हालात अभी भी असामान्य हैं।
लोग हिदायतों के भरोसे
दूसरी ओर शहर के लोग अब भी भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड की ओर जारी हिदायतों के ही भरोसे हैं। इनमें कुत्तों के स्वभाव और उनकी आक्रामकता के बारे में बताया गया है। ताकि शहर के लोग खुद का भी आक्रामक कुत्तों से बचाव कर पाएं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद नगर निगम की ओर से शहर में चार जगहों पर कुत्तों के लिए शेल्टर बनाए जाने प्रस्तावित थे। फिलहाल घोघड़ीपुर में वर्तमान में चल रहा कुत्तों की नसबंदी केंद्र ही पहले चरण में शेल्टर के रूप में विकसित किया गया है। ऊंचाना में एक नया बनाया गया है। दाहा में निर्माणाधीन और सिरसी के पास बनाए जाने की योजना है लेकिन इनमें अब तक एक भी कुत्ता नहीं रखा गया है।
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वर्जन-
आवारा आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर तैयार किए गए हैं। निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी का काम भी जारी है। अब तक निगम के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है कि कुत्तों को शेल्टर में छोड़ा जाए। अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर तुंरत कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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करनाल। नगर निगम ने शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले आक्रामक कुत्तों को रखने के लिए लाखों रुपये खर्च कर शेल्टर तो बना दिए हैं लेकिन अब तक इनमें कुत्ता एक भी नहीं रखा गया है। ये शेल्टर खाली पड़े हैं जबकि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते घूम रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश हैं कि शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते नहीं होने चाहिए। बावजूद निगम अधिकारी कुत्तों को पकड़ने के लिए शिकायत का इंतजार कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वे शिकायत के बाद कार्रवाई करेंगे। इसके लिए शहर के लोग 18001802700 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। वीरवार को भी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सामान्य अस्पताल में भी खुलेआम आवारा कुत्ते घूमते मिले। वहीं, अस्पताल में करीब 10 मरीज कुत्तों के काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने पहंचे। शहर में आक्रामक कुत्तों से हालात अभी भी असामान्य हैं।
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लोग हिदायतों के भरोसे
दूसरी ओर शहर के लोग अब भी भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड की ओर जारी हिदायतों के ही भरोसे हैं। इनमें कुत्तों के स्वभाव और उनकी आक्रामकता के बारे में बताया गया है। ताकि शहर के लोग खुद का भी आक्रामक कुत्तों से बचाव कर पाएं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद नगर निगम की ओर से शहर में चार जगहों पर कुत्तों के लिए शेल्टर बनाए जाने प्रस्तावित थे। फिलहाल घोघड़ीपुर में वर्तमान में चल रहा कुत्तों की नसबंदी केंद्र ही पहले चरण में शेल्टर के रूप में विकसित किया गया है। ऊंचाना में एक नया बनाया गया है। दाहा में निर्माणाधीन और सिरसी के पास बनाए जाने की योजना है लेकिन इनमें अब तक एक भी कुत्ता नहीं रखा गया है।
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वर्जन-
आवारा आक्रामक कुत्तों के लिए शेल्टर तैयार किए गए हैं। निगम की ओर से कुत्तों की नसबंदी का काम भी जारी है। अब तक निगम के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है कि कुत्तों को शेल्टर में छोड़ा जाए। अगर ऐसी कोई शिकायत आती है तो उस पर तुंरत कार्रवाई की जाएगी।
- सुरेंद्र चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम