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करनालवासियों को भाने लगी लाड़लियां

Thu, 24 Jul 2014 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल Updated Thu, 24 Jul 2014 12:23 AM IST
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Sex Ratio increase in karnal
जिले में लिंगानुपात का अंतर सुधरने लगा है। पिछले वर्ष का लिंगानुपात एक हजार बेटों पर 881 बेटियां था जो अब जून माह तक ग्रामीण क्षेत्र में 910 व शहरी क्षेत्र में 898 हो गया है।
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जून माह में सीएचसी बड़ौता पीएचसी का लिंग अनुपात एक हजार लड़कों पर 1069 लड़कियां,  पीएचसी घीड़ में 1152, पीएचसी कुंजपुरा में 1052, पीएचसी पोपड़ा में 1036, पीएचसी बल्ला में 1000,पीएचसी सालवन में 1022, पीएचसी इंद्री में 914 लड़कियों का है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में जून माह तक नगर पालिका तरावड़ी मेें लिंग अनुपात 1017, नगर पालिका इंद्री में 965 है व असंध पीएचसी में 1027 है।
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जिले में उपलाना पीएचसी का 524, बरसत पीएचसी का 528, कुटेल पीएचसी का 658, मधुबन पीएचसी 849, पीएचसी जुंडला का लिंगानुपात 791 है। शहरी क्षेत्र में निसिंग नगरपालिका का 729 व घरौंडा नगरपालिका की सीएचसी का 773 तथा नगरनिगम करनाल का लिंगानुपात 882 है। ये जानकारी  परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि जिले में लिंगानुपात में  संतुलन बनाने के लिए जिला प्रशासन व सामाजिक संस्थाएं आए दिन कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और लोगों को ‘बेटी बचाओ का संदेश’ दे रहीं हैं।
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उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के मुताबिक जो गांव लिंगानुपात सुधारने के लिए सराहनीय कार्य करता हैं। ऐसे दो गांवों को जिलास्तर पर चयनित कर उन्हें प्रतिवर्ष पुरस्कृत किया जाता है। इसके अलावा प्रशासन के निर्देश पर गर्भ में लिंग की जांच करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर नियुक्त कार्यक्रम अधिकारी समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाते हैं।

 यदि इन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कोई भी खामी मिलती है तो उसके संचालक के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाती है। कोई भी व्यक्ति किसी भी अल्ट्रासाउंड की लिंग जांच से संबंधित सूचना स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन के अधिकारियों को दे सकता है। सूचना सही पाए जाने पर उस व्यक्ति को 20 हजार रुपये का ईनाम दिया जाएगा और सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाता है।


स्वास्थ्य विभाग व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी पूरे जिले में पिछले वर्ष जागरूकता अभियान चलाकार लोगों को बेटी बचाओ का संदेश दिया गया। इस अभियान के तहत जिले के करीब 300 गांवों में कार्यक्रम आयोजित करके जिले के सभी 434 गांवों के लोगों को जागरूक किया गया। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम भी आने शुरू हो गए हैं। परिणामस्वरूप जून 2014 में बढ़कर यह 910 हो गया है।
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