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सीवर लाइन के काम में गोलमाल, सैंपल जांच के लिए भेजा
ब्यूरो/विनीत पांडेय, करनाल
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:30 AM IST
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हुडा सेक्टर 32-33 में बिछाई जा रही सीवर लाइन में अनियमितता का खुलासा हुआ है। इसमें घटिया गुणवत्ता के मैटीरियल का उपयोग किया जा रहा था। निर्माण में हो रही इस धांधली का खुलासा सीएम ऑफिस के अधिकारियों के निर्माण स्थल पर मारे गए छापे के बाद हुआ। इसके बाद से काम को स्थगित कर दिया गया। साथ ही सभी मैटीरियल के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा दिया गया है। वहीं, इसमेें दो जेई की भी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
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सीवर लाइन बिछाने का काम प्रदेश की ही एक कंपनी कर रही है। यहां पर दो माह से सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। यहां के दोनों सेक्टरों में लगभग पांच किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका था।
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लगभग एक सप्ताह पहले सीएम ऑफिस से आए अधिकारियों ने निर्माण स्थल पर छापा मारा। इस दौरान वहां पर सीवर लाइन बनाने में जिन पाइपों, ईंट, सीमेंट व अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था, वे विभाग के मानकों के अनुरूप नहीं थे। प्रथमदृष्टिया घटिया सामग्री मिलने के बाद अधिकारियों ने तुरंत काम को रुकवा दिया और करीब पांच सौ मीटर सीवर लाइन को उखड़ा कर सैंपल लिए। इसको जांच के लिए कुरुक्षेत्र लैब में भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद कंपनी का टेंडर निरस्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा कई अधिकारी भी विभाग की ओर से शुरू की गई जांच के घेरे में हैं।
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छह करोड़ का है सीवर बिछाने का प्रोजेक्ट
दोनों सेक्टरों में सीवर बिछाने का प्रोजेक्ट संबंधित कंपनी को छह करोड़ में मिला है। कंपनी इस बजट में सीवर लाइन बिछाने के साथ ही दोनों सेक्टरों में दो दर्जन से अधिक सीवर का टैंक भी बनाती है। प्रोजेक्ट करीब 90 फीसदी पूरा हो गया था। जांच के दौरान प्रथमदृष्टिया सभी मैटीरियल घटिया गुणवत्ता के पाए जाने के बाद हुडा विभाग के अधिकारी भी भौचक्के रह गए। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जिस तरह से कंपनी निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग कर रही थी, उससे हो सकता है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में लाखों का घोटाला किया गया हो। इसलिए पूरे निर्माण की जांच होनी चाहिए।
जेई नहीं देते थे अधिकारियों को जानकारी
सीवर लाइन निर्माण की देखरेख के लिए तैनात किए गए दो जेई की भूमिका भी जांच के घेरे में है। एसडीओ आरएस नारंग ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर दोनों जेई की भूमिका की जांच और कार्रवाई की अनुशंसा की है। एसडीओ आरएस नारंग ने बताया कि, इन दोनों जेई पर निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जांच और अधिकारियों से अप्रूव कराने की जिम्मेदारी थी। लेकिन दोनों ने न तो सामग्री की गुणवत्ताकी कोई जानकारी दी और न ही फाइलों पर उनसे साइन कराते थे। इसलिए इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि घपलेबाजी में इनकी संलिप्तता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान प्रथमदृष्टया निर्माण में घटिया सामग्री पकड़ी गई है। निर्माण को रुकवाकर सभी घटिया सामग्री को निकाल दिया गया है। सैंपल को कुरुक्षेत्र लैब में भेजा गया है। जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो रही है।
-वाईएम मेहरा, एसई, हुडा विभाग