{"_id":"646d2ad7a98e81a2600bace9","slug":"seven-thousand-rupees-incentive-will-be-given-for-planting-alternative-crops-instead-of-paddy-karnal-news-c-18-knl1008-130424-2023-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: धान की बजाय वैकल्पिक फसलें लगाने पर मिलेगी सात हजार रुपये प्रोत्साहन राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: धान की बजाय वैकल्पिक फसलें लगाने पर मिलेगी सात हजार रुपये प्रोत्साहन राशि
Wed, 24 May 2023 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 24 May 2023 02:36 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। भूजल की बचत को लेकर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से किसानों को जिस खेत में पिछले साल धान लगाए गए थे, उस खेत में यदि इस बार कोई अन्य फसल लगाई गई है तो हरियाणा सरकार की ओर से संबंधित किसान को सात हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उप निदेशक (कृषि) डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि लगातार गिरते हुए भू-जल स्तर को सुधारने व फसल विविधिकरण को बढाने के लिए जिले के किसानों से धान फसल के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की बिजाई करने का आह्वान किया गया है। किसान वैकल्पिक फसलों जैसे-मक्का, कपास, खरीफ दालें (अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबिन), खरीफ तिलहन (तिल, अरंडी, मूंगफली) चारा फसले, खरीफ प्याज, सब्जियां यहां तक की खेत का खाली रखना व कृषि वानिकी पॉपुलर व सफेदा लगाने पर विभाग द्वारा एक मुश्त किसान के सीधे खाते में भौतिक सत्यापन के बाद सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि शर्त ये है कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिन्होंने पिछले साल उस खेत में धान की फसल ली थी और वह अब की बार उसी खेत में अन्य कोई वैकल्पिक फसल लेना चाहता है। इस योजना में खरीफ 2022 में जिस किसान द्वारा फसल विविधिकरण यानी इस स्कीम का लाभ लिया था वह भी अब की बार धान न लगा कर उसी खेत में दोबारा कोई वैकल्पिक फसल लेता है तो उसको भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा व इसके लिए किसान को सबसे पहले मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य रहेगा। जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गई है। सरकार द्वारा 100 प्रतिशत एमएसपी आधारित फसलों की खरीद की जाएगी व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान को अपने स्तर पर ही बीमा करवाना होगा।
विज्ञापन
उप निदेशक (कृषि) डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि लगातार गिरते हुए भू-जल स्तर को सुधारने व फसल विविधिकरण को बढाने के लिए जिले के किसानों से धान फसल के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की बिजाई करने का आह्वान किया गया है। किसान वैकल्पिक फसलों जैसे-मक्का, कपास, खरीफ दालें (अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबिन), खरीफ तिलहन (तिल, अरंडी, मूंगफली) चारा फसले, खरीफ प्याज, सब्जियां यहां तक की खेत का खाली रखना व कृषि वानिकी पॉपुलर व सफेदा लगाने पर विभाग द्वारा एक मुश्त किसान के सीधे खाते में भौतिक सत्यापन के बाद सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शर्त ये है कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिन्होंने पिछले साल उस खेत में धान की फसल ली थी और वह अब की बार उसी खेत में अन्य कोई वैकल्पिक फसल लेना चाहता है। इस योजना में खरीफ 2022 में जिस किसान द्वारा फसल विविधिकरण यानी इस स्कीम का लाभ लिया था वह भी अब की बार धान न लगा कर उसी खेत में दोबारा कोई वैकल्पिक फसल लेता है तो उसको भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा व इसके लिए किसान को सबसे पहले मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य रहेगा। जिसकी अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी गई है। सरकार द्वारा 100 प्रतिशत एमएसपी आधारित फसलों की खरीद की जाएगी व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान को अपने स्तर पर ही बीमा करवाना होगा।
विज्ञापन