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11. धान की सीधी बिजाई के लिए बीजोपचार व खरपतवार नियंत्रण जरूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 02:36 AM IST
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Seed treatment and weed control necessary for direct sowing of paddy
करनाल। भूजल की चिंताओं के बीच राज्य सरकार ने इस बार धान की सीधी बिजाई (डीएसआर-डायरेक्ट सीडेड राइस) का लक्ष्य बढ़ाया है। अनुसंधान वैज्ञानिकों का कहना है कि किसानों को 15 जून से पूर्व या मानसून की वर्षा से पहले तक सीधी बिजाई कर लेनी चाहिए। सीधी बिजाई के दो तरीके हैं एक बत्तर (नमीयुक्त) खेत में व दूसरा सूखे में बिजाई करना। यदि बत्तर में बिजाई करते हैं तो खेत में इतनी नमी हो कि ट्रैक्टर आसानी से चल सके। बीज की गहराई दो से तीन सेंटीमीटर रखें। उसके ऊपर सुहागा या पाटा लगाकर छोड़ दें और पहला पानी 20 दिन के बाद देना है। दूसरा सूखे में बिजाई विधि के तहत बिजाई के बाद ऊपर से पानी दिया जाता है। इस विधि में बीज की गहराई एक से दो सेंटीमीटर ही रखी जाती है। इसमें खरपतवार नियंत्रण की दवा का छिड़काव बुआई के 48 घंटे बाद जब खेत में पांव थमने लगे तब करना है।
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फोटो-202
बीज उपचार जरूरी
डीएसआर विधि में आठ किलो बीज प्रति एकड़ लगता है। एक किलो बीज के लिए एक ग्राम कार्बेन्डाजिम के साथ एक ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लीन को दस लीटर पानी में घोल बनाकर करीब 12 घंटे तक बीज को उसमें डुबोकर रखें। बाद में बीज को एक-दो घंटे छाया में सूखाकर बिजाई करें। बिजाई करते ही पानी अवश्य लगाएं।
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- डॉ. एसके ककरालिया, अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक।
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फोटो-203
खरपतवार नियंत्रण के लिए रहें सजग
सीधी बिजाई करने वाले किसान बुआई से एक सप्ताह पूर्व एक बार खेत में पानी दें। इससे शुरूआती खरपतवार उग जाते हैं और उन्हें नष्ट कर दें। उसके बाद जुताई करके बिजाई करें। बुआई के 48 घंटे के भीतर धान के अंकुरण से पूर्व पैंडीमैथलीन 30 सीसी (स्टोंप) 1.5 लीटर खरपतवारनाशक को 150 लीटर पानी में घोलकर खेत में छिड़काव करें। बिजाई के 25 दिन बाद सोडियम बिस्पायरबैक (नोमिनी गोल्ड) 100 एमएल व पायराजोसल्परोन इथाइल 80 से 100 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। उस समय खेत में नमी हो और मौसम साफ होना चाहिए।
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-- डॉ. एचएस जाट, प्रधान वैज्ञानिक, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान।
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फोटो-204
किसान अपना रहें तकनीक
खाद्यान्न की घरेलू आपूर्ति के लिए धान उत्पादन भी जरूरी है। सरकार का मकसद पानी बचाना है। किसानों का रुझान डीएसआर की तरफ बढ़ रहा है। सरकार चार हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन दे रही है।
- विजय कपूर, प्रदेश महासचिव, किसान क्लब।
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