फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   sector 32 civil hospital

अपने ही घर में बेगाना हो गया सामान्य अस्पताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2019 02:06 AM IST
विज्ञापन
sector 32 civil hospital
जिला नागरिक अस्पताल अपने ही घर में बेगाना हो गया है। वहीं आवंटित भूमि पर नए भवन निर्माण का प्रस्ताव विभाग में धूल फांक रहा है। दरअसल सामान्य अस्पताल की इमारत को 2012 में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में समायोजित करके अस्पताल को खत्म कर दिया गया था। तब सरकार ने इसी इमारत पर मेडिकल कॉलेज का नाम अंकित कर दिया था। 2017 में मेडिकल कालेज से अस्पताल को अलग कर इसी बिल्डिंग में संचालित कर दिया गया, लेकिन यह इमारत व जमीन अब मेडिकल कालेज के नाम है। अस्पताल अपने ही भवन से बेदखल हो चुका है। सेक्टर 32 में सरकार ने दस एकड़ जमीन सामान्य अस्पताल के लिए दी हुई है। नक्शा बनकर स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय फाइल भेजी हुई है। उस जमीन पर कब अस्पताल निर्माण का कार्य शुरू होगा यह योजना भविष्य के गर्भ में है।
विज्ञापन

पांच साल शहर में नहीं था सामान्य अस्पताल
शहर में 2012 से 2017 के बीच सामान्य अस्पताल नहीं था, जिस कारण नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ी दिक्कत होती थी। मेडिकल कॉलेज की सेवाओं से जिलावासी असंतुष्ट थे। जिलावासियों की पुरजोर मांग के बाद प्रदेश सरकार ने 23 दिसंबर 2017 को पुन: जिला नागरिक अस्पताल चालू करवाया। अस्पताल को संचालित करने के लिए उसकी पुरानी इमारत दे दी गई। अस्पताल समायोजित करने व उसे दोबारा चालू करने के बीच हश्र यह हुआ कि स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम बिखर गया। सिविल सर्जन का कार्यालय आज भी अस्पताल से दूर माल रोड स्थित रेडक्रास सोसाइटी के भवन में चल रहा है।
विज्ञापन

कई स्वास्थ्य सेवाएं हैं प्रभावित
स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए जगह की कमी महसूस की जा रही है। डायलेसिस, एमआरआई, 24 घंटे सिटी स्कैन व एक्सरे जैसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। इको, टीएमटी व एंजोग्राफी, हर्ट स्टंट, जैसी सेवाएं जो यहां संचालित नहीं हो पा रही। सरकारी अस्पताल में हर्ट स्टंट केवल 80 हजार रुपये में डाले जाते हैं जबकि प्राइवेट अस्पताल में दो लाख रुपये तक लिए जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल से मेडिकल कॉलेज और अब प्रापर्टी से बेदखल
ब्रिटिश शासन में किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पीटल के नाम से तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर मेजर सीएच बक ने 17 अप्रैल 1911 को करनाल में अस्पताल का नींव पत्थर रखा था। किंग एडवर्ड की याद में तब हिंदुस्तान में दो अस्पताल बनाए गए थे एक करनाल में व दूसरा मुम्बई में। दानवीर राजा कर्ण के नाम से विख्यात करनाल के लोगों ने तब दान देकर अस्पताल के भवन बनवाए थे। दानियों के सूचीपट्ट अस्पताल की पुरानी खंडहर हो चुकी इमारत में अब भी लगे हुए हैं। कैथल, करनाल व शाहबाद की म्युनिसिपल कमेटी ने भी अस्पताल निर्माण में चंदा दिया था।

प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्विनी आहुजा का कहना है कि सामान्य अस्पताल के लिए सेक्टर 32 में जमीन दी हुई है। अस्पताल का नक्शा बनाकर विभाग को भेजा हुआ है। अस्पताल निर्माण को लेकर अभी उनके पास कोई सूचना या पत्र नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed