{"_id":"62534555a71a650bea150c72","slug":"second-phase-of-har-khet-swasth-khet-abhiyan-started-karnal-news-knl1045480187","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘हर खेत स्वस्थ खेत अभियान’ का द्वितीय चरण शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘हर खेत स्वस्थ खेत अभियान’ का द्वितीय चरण शुरू
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भूमि का स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में राज्य सरकार के ‘हर खेत स्वस्थ खेत अभियान’ के द्वितीय चरण (2022-23) के तहत खेतों की मिट्टी की जांच का कार्य शुरू हो गया है। योजना के तहत चिन्हित खंडों में प्रत्येक खेत से मिट्टी के नमूने लेकर किसान को मृदा जांच रिपोर्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा। कार्ड की अनुशंसा अनुसार ही किसान अपने खेतों में संतुलित मात्रा में खाद का इस्तेमाल करेंगे। इससे अनियंत्रित तरीके से खेतों में खाद फेंकने की प्रक्रिया पर रोक लगेगी। खेत में जिन पोषक तत्वों की कमी है, उनकी सही मात्रा में प्रतिपूर्ति की जा सकेगी।
अभियान के दूसरे चरण में प्रदेश भर में 49 खंडों में 30 लाख मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य है। जीटी बेल्ट के करनाल जिले के करनाल खंड, घरौंडा व कुंजपुरा खंड को चिन्हित किया गया है। अंबाला जिले के शहजादपुर व साहा, यमुनानगर के जगाधरी, रादौर व खिजराबाद, कैथल जिले के पूंडरी व राजौंद, पानीपत जिले के समालखा व बपौली और कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर, बबैन व पिपली खंड को शामिल किया गया है। किसान सहायक किसान के खेत में जाकर विभाग की एप से किला नंबर का मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान किसान का मौके पर उपस्थित होना जरूरी है। एप पर काम करने की प्रक्रिया के दौरान किसान के फोन पर ओटीपी आता है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि मिट्टी के सेंपल लेने के लिए किसान सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया है। कुंजपुरा खंड के 57 किसान सहायकों को प्रशिक्षित किया गया। चिन्हित गांवों में हर खेत से नमूना लेना अनिवार्य है। ये किसान सहायक उसी गांव के पढ़े-लिखे युवा हैं। किसान सहायक को सरकार प्रत्येक सैंपल के लिए 40 रुपये देगी। किसान को एक सैंपल के लिए 10 रुपये देने होंगे। मृदा स्वास्थ्य जांच कार्ड में प्रत्येक फसल के लिए उर्वरक की मात्रा अंकित होगी। इससे किसान अंधाधुंध रसायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से बचेगा और उनका मुनाफा बढ़ेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. सुरेंद्र टामक व कृषि विकास अधिकारी डॉ. राकेश सहारण मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। भूमि का स्वास्थ्य सुधारने की दिशा में राज्य सरकार के ‘हर खेत स्वस्थ खेत अभियान’ के द्वितीय चरण (2022-23) के तहत खेतों की मिट्टी की जांच का कार्य शुरू हो गया है। योजना के तहत चिन्हित खंडों में प्रत्येक खेत से मिट्टी के नमूने लेकर किसान को मृदा जांच रिपोर्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा। कार्ड की अनुशंसा अनुसार ही किसान अपने खेतों में संतुलित मात्रा में खाद का इस्तेमाल करेंगे। इससे अनियंत्रित तरीके से खेतों में खाद फेंकने की प्रक्रिया पर रोक लगेगी। खेत में जिन पोषक तत्वों की कमी है, उनकी सही मात्रा में प्रतिपूर्ति की जा सकेगी।
अभियान के दूसरे चरण में प्रदेश भर में 49 खंडों में 30 लाख मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य है। जीटी बेल्ट के करनाल जिले के करनाल खंड, घरौंडा व कुंजपुरा खंड को चिन्हित किया गया है। अंबाला जिले के शहजादपुर व साहा, यमुनानगर के जगाधरी, रादौर व खिजराबाद, कैथल जिले के पूंडरी व राजौंद, पानीपत जिले के समालखा व बपौली और कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर, बबैन व पिपली खंड को शामिल किया गया है। किसान सहायक किसान के खेत में जाकर विभाग की एप से किला नंबर का मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया के दौरान किसान का मौके पर उपस्थित होना जरूरी है। एप पर काम करने की प्रक्रिया के दौरान किसान के फोन पर ओटीपी आता है।
विज्ञापन
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि मिट्टी के सेंपल लेने के लिए किसान सहायकों को प्रशिक्षण दिया गया है। कुंजपुरा खंड के 57 किसान सहायकों को प्रशिक्षित किया गया। चिन्हित गांवों में हर खेत से नमूना लेना अनिवार्य है। ये किसान सहायक उसी गांव के पढ़े-लिखे युवा हैं। किसान सहायक को सरकार प्रत्येक सैंपल के लिए 40 रुपये देगी। किसान को एक सैंपल के लिए 10 रुपये देने होंगे। मृदा स्वास्थ्य जांच कार्ड में प्रत्येक फसल के लिए उर्वरक की मात्रा अंकित होगी। इससे किसान अंधाधुंध रसायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से बचेगा और उनका मुनाफा बढ़ेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा, सहायक मृदा संरक्षण अधिकारी डॉ. सुरेंद्र टामक व कृषि विकास अधिकारी डॉ. राकेश सहारण मौजूद रहे।
विज्ञापन