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Karnal News: चार दिन में मिला कोरोना संंक्रमित दूसरा मरीज
Wed, 28 May 2025 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 28 May 2025 02:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में कोरोना (कोविड) का एक और मामला सामने आया है। पिछले चार दिनों में जिले में दो कोरोना संक्रमित केस हो गए हैं। दूसरा कोरोना संक्रमित मरीज शनिवार को संक्रमित मिली 55 वर्षीय महिला का ही 24 साल का पड़ोसी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला हाल ही में दिल्ली से लौटकर करनाल आई थी और जांच में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसी के संपर्क में आने से उसके पड़ोसी को भी संक्रमण हुआ है। तबियत खराब और वही लक्षण आने पर युवक की जांच हुई तो वह कोरोना पॉजिटिव निकला।
उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा के अनुसार, वर्तमान में करनाल में कोविड के दो एक्टिव केस हैं। दोनों ही मामलों में मरीजों को केवल सामान्य लक्षण जैसे जुकाम और बुखार हैं। उनकी स्थिति स्थिर है और उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। उन्होंने बताया कि चूंकि लक्षण हल्के हैं, इसलिए अस्पतालों में अलग से आइसोलेशन वार्ड की जरूरत नहीं पड़ी है।
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स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 442 लोगों की सैंपलिंग की है, जिनमें से किसी में भी कोविड की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज और जिला नागरिक अस्पताल सहित जिले के सभी पीएचसी व सीएचसी केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि फ्लू कॉर्नर बनाए जाएं और वहां से लक्षण वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएं।
अभी तक संदिग्धों की रैपिड टेस्टिंग किट से ही जांच की जा रही है जिसमें टेस्ट की अधिकतर मामलों में पुष्टि सही नहीं निकलती है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अभी तक आरटी-पीसीआर चालू नहीं हुई है। ये टेस्ट फिलहाल सीएमओ कार्यालय में ही हो रहे हैं। आरटी-पीसीआर टेस्ट एक नाक या गले का स्वैब के साथ किया जाता है और उच्च सटीकता वाली रिपोर्ट प्रदान करता है।
नया वेरिएंट कमजोर, घबराएं नहीं
उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा का कहना है कि फिलहाल जो ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट हैं, यह इतना गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है क्योंकि इसमें मरीजों की हालत जल्दी सामान्य हो रही है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन विशेष सावधानी की जरूरत है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित और इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस लक्षण वाले मरीजों को कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई है। इसमें भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचना, मास्क पहनना, हाथ धोते रहना और स्वच्छता बनाए रखना शामिल है।
सात लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव : पीएमओ
जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि अस्पताल में अब तक सात लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है, जिनमें से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने भी लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी लक्षण की स्थिति में तुरंत जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस समय अधिक घबराने की बजाय सावधान रहना जरूरी है बस कोविड निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क : एमएस
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. निवेश अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि हमने ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग रोजाना हो रही है। किसी भी संदिग्ध मरीज का सैंपल लेकर उसकी जांच की जा रही है। फिलहाल घबराने की नहीं, बल्कि सतर्कता की जरूरत है।
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करनाल। जिले में कोरोना (कोविड) का एक और मामला सामने आया है। पिछले चार दिनों में जिले में दो कोरोना संक्रमित केस हो गए हैं। दूसरा कोरोना संक्रमित मरीज शनिवार को संक्रमित मिली 55 वर्षीय महिला का ही 24 साल का पड़ोसी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला हाल ही में दिल्ली से लौटकर करनाल आई थी और जांच में उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसी के संपर्क में आने से उसके पड़ोसी को भी संक्रमण हुआ है। तबियत खराब और वही लक्षण आने पर युवक की जांच हुई तो वह कोरोना पॉजिटिव निकला।
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उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा के अनुसार, वर्तमान में करनाल में कोविड के दो एक्टिव केस हैं। दोनों ही मामलों में मरीजों को केवल सामान्य लक्षण जैसे जुकाम और बुखार हैं। उनकी स्थिति स्थिर है और उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है। उन्होंने बताया कि चूंकि लक्षण हल्के हैं, इसलिए अस्पतालों में अलग से आइसोलेशन वार्ड की जरूरत नहीं पड़ी है।
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स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 442 लोगों की सैंपलिंग की है, जिनमें से किसी में भी कोविड की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज और जिला नागरिक अस्पताल सहित जिले के सभी पीएचसी व सीएचसी केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि फ्लू कॉर्नर बनाए जाएं और वहां से लक्षण वाले लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएं।
अभी तक संदिग्धों की रैपिड टेस्टिंग किट से ही जांच की जा रही है जिसमें टेस्ट की अधिकतर मामलों में पुष्टि सही नहीं निकलती है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में अभी तक आरटी-पीसीआर चालू नहीं हुई है। ये टेस्ट फिलहाल सीएमओ कार्यालय में ही हो रहे हैं। आरटी-पीसीआर टेस्ट एक नाक या गले का स्वैब के साथ किया जाता है और उच्च सटीकता वाली रिपोर्ट प्रदान करता है।
नया वेरिएंट कमजोर, घबराएं नहीं
उप सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा का कहना है कि फिलहाल जो ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट हैं, यह इतना गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है क्योंकि इसमें मरीजों की हालत जल्दी सामान्य हो रही है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन विशेष सावधानी की जरूरत है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित और इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस लक्षण वाले मरीजों को कोविड उपयुक्त व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई है। इसमें भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचना, मास्क पहनना, हाथ धोते रहना और स्वच्छता बनाए रखना शामिल है।
सात लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव : पीएमओ
जिला नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि अस्पताल में अब तक सात लोगों की सैंपलिंग की जा चुकी है, जिनमें से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने भी लोगों से सावधानी बरतने और किसी भी लक्षण की स्थिति में तुरंत जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस समय अधिक घबराने की बजाय सावधान रहना जरूरी है बस कोविड निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क : एमएस
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. निवेश अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि हमने ओपीडी में आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग रोजाना हो रही है। किसी भी संदिग्ध मरीज का सैंपल लेकर उसकी जांच की जा रही है। फिलहाल घबराने की नहीं, बल्कि सतर्कता की जरूरत है।