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मौसमी बीमारी की मार, ओपीडी में लगी कतार
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:32 AM IST
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अस्पताल में लगी कतार
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम के परिवर्तन का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोग उल्टी, दस्त, डायरिया, सीजनल इंफेक्शन आदि बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। अस्पताल का ओपीडी खुलते ही मरीजों की कतार लग रही है। बरसात होने और अस्पताल की एक दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। हर रोज एक हजार के लगभग मरीजों की होने वाली ओपीडी सोमवार को 1247 पर पहुंच गई। इसके अलावा पुराने मरीजों की एक हजार संख्या अलग से है।
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सोमवार को अस्पताल में डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। इसमें सबसे ज्यादा डायरिया के मरीज थे। इसमें खानपान में थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है। इसके साथ ही निजी नर्सिंग होम में भी इसके मरीज पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं मेडिसन विभाग की डॉक्टर किरण गिरधर का कहना है कि बरसात के मौसम और गर्मी में डायरिया के मरीज बढ़ जाते हैं। इसमें ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत होती है। इस रोग में थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह रोग होने पर शुरुआत में ही चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी होता है।
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समय से उपचार न होने पर दिक्कत आ सकती है। उन्होंने बताया कि हर रोज अस्पताल में डायरिया के 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। गौरतलब है कि बदलते मौसम में कई बीमारियों से लोगों का जूझना पड़ता है। अस्पताल में शहर के शिव कालोनी, प्रेम नगर, रामनगर, शिवाजी कालोनी, दुर्गा कालोनी सहित ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों सहित अन्य क्षेत्रों से भी मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों में ज्यादा मरीज डायरिया के हैं।
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डायरिया के क्या है कारण
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरण गिरधर ने बताया कि ज्यादा देर से कटा रखा फल, खुले में रखा भोजन, दूषित पानी, भोजन पर बैठकर मक्खियों द्वारा दूषित किया गया भोजन आदि के सेवन और बिना हाथ धोए कुछ खाने पीने से भी डायरिया हो जाता है।
डायरिया से रोकथाम के उपाय
समय-समय पर गर्मी में ओआरएस का घोल लें
नारियल पानी का भी सेवन करें
अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें
भोजन को ढककर रखना चाहिए
हाथ धोकर खाना खाना चाहिए
पानी को उबाल कर पीना चाहिए
अधिक देर से कटा फल नहीं खाएं
मक्खियों से बचाव करना चाहिए
खुले में शौच से बचना चाहिए
साफ शुद्ध जल का सेवन करना चाहिए