{"_id":"5ea9dcc48ebc3e9097269636","slug":"sb-mission-school-is-sealed-principal-arrest-karnal-news-knl294764190","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसबी मिशन स्कूल सील, प्रिंसिपल गिरफ्तार, मान्यता रद करने की हुई सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसबी मिशन स्कूल सील, प्रिंसिपल गिरफ्तार, मान्यता रद करने की हुई सिफारिश
विज्ञापन
पुराने शहर क्षेत्र स्थित एसबी मिशन स्कूल को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। वहीं स्कूल प्रिंसिपल एवं डायरेक्टर समता शर्मा पर भी मामला दर्ज करने के साथ गिरफ्तार कर लिया है। स्कूल पर यह कार्रवाई लॉकडाउन के बावजूद कक्षाएं लगाने पर की गई है। अर्जुन गेट स्थित एसबी मिशन स्कूल को लॉकडाउन के नियम ताक पर रखकर खोला गया था। बुधवार को जांच के दौरान स्कूल में कक्षाएं भी चल रही थीं। शिक्षा विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो अलग-अलग कमरों में 11 बच्चों की कक्षाएं लगी थी। वहीं 15 टीचर भी स्कूल में मौजूद थे। छापे के दौरान इन शिक्षकों को एक कमरे में बंद किया गया था। मौके पर पहुंचे डीईओ, डीईईओ और सिटी पुलिस ने शिक्षकों को कमरे से बाहर निकाला और बच्चों को उनके अभिभावकों को सुपुर्द करने के बाद स्कूल सील कर दिया। डीईओ रविन्द्र कुमार और डीईईओ रोहताश वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने स्कूल के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया। वहीं शिक्षा अधिकारियों ने स्कूल को सील कर आठवीं कक्षा तक चलने वाले स्कूल की बोर्ड से मान्यता रद्द करने की भी सिफारिश की है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी ताकि पता चले कि कितने दिन से स्कूल लग रहा था। छापे के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एटीपी अजमेर सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा, एसएचओ हरजिन्द्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
सवालों पर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया प्रबंधन
बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे शिक्षा विभाग को स्कूल खुलने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस को साथ लेकर दलबल के साथ डीईओ मौके पर पहुंचे और स्कूल में कक्षाएं लगी मिलीं। जब टीचरों के बारे में पूछा गया तो प्रबंधन टालमटोल करने लगा। प्रिंसिपल समता शर्मा ने कहा कि अभिभावकों को किताबें देने के लिए स्कूल खोला था ताकि बच्चे पढ़ाई कर सकें। लेकिन कक्षाओं में बच्चे क्यों बैठे थे, इसका वे जवाब नहीं दे पाईं। हालात ये थे कि कक्षाओं में बैठे बच्चों और शिक्षकों के पास मास्क तक नहीं थे।
गलती मानकर हम माफी मांगते हैं : प्रिंसिपल
स्कूल प्रिंसिपल समता शर्मा ने पहले तो कहा था कि वे लॉकडाउन को फॉलो कर रहे हैं। बच्चे पेरेंट्स के साथ आए हैं। बुक्स के लिए वे काफी तंग हो रहे थे। थोड़ी देर के लिए क्लास में बैठाया था। लेकिन बच्चे क्यों आए यह नहीं बता पाईं। बाद में वे बोलीं, हम अपनी गलती मानते हैं, हमें माफ किया जाए।
विज्ञापन
पहले शिकायत की थी तो स्कूल किया था बंद : पार्षद
वार्ड पार्षद युद्धवीर सैनी ने बताया कि हम दो दिन पहले भी स्कूल संचालकों को स्कूल बंद करने के लिए बोल कर गए थे। लॉकडाउन की शुरूआत में भी स्कूल खुला था, मामला एसडीएम के संज्ञान में लाया तो बंद कर दिया था। अब दोबारा खोल लिया, तो कार्रवाई होनी चाहिए।
टीचर्स के लेंगे बयान, संलिप्त पाए तो होगी कार्रवाई : एसएचओ
स्कूल में 11 बच्चे पढ़ रहे थे और टीचिंग स्टाफ भी था। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर थाना शहर करनाल में एसबी मिशन स्कूल सुभाष गेट करनाल की मुख्याध्यापिका समता शर्मा के खिलाफ धारा 188, 269, 270 भा.द.स. व 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज से जांच होगी कि कौन-कौन टीचर्स आते हैं। उनके बयान भी लिए जाएंगे। यदि वे भी संलिप्त पाएंगे तो हो सकता है उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए।
-हरजिंद्र सिंह, एसएचओ सिटी थाना करनाल
कोविड-19 के मद्देनजर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों, कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को आगामी आदेशों तक बंद किया है, लेकिन बुधवार सुभाष गेट स्थित एसबी मिशन स्कूल ने प्रदेश सरकार के नियमों की अवहेलना करते हुए अपने स्कूल को खोला था। हमने कार्रवाई कर सील कर दिया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा की ओर से स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए भी लिखा गया है।
-रविंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल
प्रशासन के निर्देश के बावजूद बेची जा रहीं थी किताबें
टीचर किताबों के बना रहे थे सेट, बाहर से लगाया ताला
करनाल। एसबी मिशन स्कूल के कमरा नंबर-16 में किताबों के सेट भी तैयार किए जा रहे थे। वहीं यह पूरा कमरा किताबों से भी भरा पड़ा था। जबकि नियम के अनुसार किताबें स्कूलों में नहीं बेची जा सकती। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन के सख्त के आदेश के बावजूद यह काम धड़ल्ले से चल रहा है। हो सकता है कि अन्य स्कूलों में भी इस तरह किताबें बेचने का धंधा चल रहा हो। इस पर विभाग को संज्ञान लेना चाहिए। उधर शिक्षा विभाग के छापे के दौरान टीचर्स इस कमरे को छोड़कर भाग गए। वहीं किताबों से भरे दूसरे कमरे में चले गए। जिसे स्कूल के ही एक कर्मचारी ने बाहर से लॉक कर दिया। जब कमरे को सील किया जाने लगा, उस समय पता चला कि अंदर टीचर हैं। बाद में ताला खोलकर उन्हें बाहर निकाला गया। जब प्रिंसिपल समता शर्मा से बात की तो वो यह नहीं बता पाई की ताला कैसे लगा। उन्होंने कहा कि टीचर्स किताबों के सेट बनाने नहीं सैलरी के लिए आए हैं।
विज्ञापन
सवालों पर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाया प्रबंधन
बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे शिक्षा विभाग को स्कूल खुलने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस को साथ लेकर दलबल के साथ डीईओ मौके पर पहुंचे और स्कूल में कक्षाएं लगी मिलीं। जब टीचरों के बारे में पूछा गया तो प्रबंधन टालमटोल करने लगा। प्रिंसिपल समता शर्मा ने कहा कि अभिभावकों को किताबें देने के लिए स्कूल खोला था ताकि बच्चे पढ़ाई कर सकें। लेकिन कक्षाओं में बच्चे क्यों बैठे थे, इसका वे जवाब नहीं दे पाईं। हालात ये थे कि कक्षाओं में बैठे बच्चों और शिक्षकों के पास मास्क तक नहीं थे।
विज्ञापन
गलती मानकर हम माफी मांगते हैं : प्रिंसिपल
स्कूल प्रिंसिपल समता शर्मा ने पहले तो कहा था कि वे लॉकडाउन को फॉलो कर रहे हैं। बच्चे पेरेंट्स के साथ आए हैं। बुक्स के लिए वे काफी तंग हो रहे थे। थोड़ी देर के लिए क्लास में बैठाया था। लेकिन बच्चे क्यों आए यह नहीं बता पाईं। बाद में वे बोलीं, हम अपनी गलती मानते हैं, हमें माफ किया जाए।
विज्ञापन
पहले शिकायत की थी तो स्कूल किया था बंद : पार्षद
वार्ड पार्षद युद्धवीर सैनी ने बताया कि हम दो दिन पहले भी स्कूल संचालकों को स्कूल बंद करने के लिए बोल कर गए थे। लॉकडाउन की शुरूआत में भी स्कूल खुला था, मामला एसडीएम के संज्ञान में लाया तो बंद कर दिया था। अब दोबारा खोल लिया, तो कार्रवाई होनी चाहिए।
टीचर्स के लेंगे बयान, संलिप्त पाए तो होगी कार्रवाई : एसएचओ
स्कूल में 11 बच्चे पढ़ रहे थे और टीचिंग स्टाफ भी था। जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर थाना शहर करनाल में एसबी मिशन स्कूल सुभाष गेट करनाल की मुख्याध्यापिका समता शर्मा के खिलाफ धारा 188, 269, 270 भा.द.स. व 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज से जांच होगी कि कौन-कौन टीचर्स आते हैं। उनके बयान भी लिए जाएंगे। यदि वे भी संलिप्त पाएंगे तो हो सकता है उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए।
-हरजिंद्र सिंह, एसएचओ सिटी थाना करनाल
कोविड-19 के मद्देनजर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के सभी स्कूलों, कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को आगामी आदेशों तक बंद किया है, लेकिन बुधवार सुभाष गेट स्थित एसबी मिशन स्कूल ने प्रदेश सरकार के नियमों की अवहेलना करते हुए अपने स्कूल को खोला था। हमने कार्रवाई कर सील कर दिया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा की ओर से स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए भी लिखा गया है।
-रविंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल
प्रशासन के निर्देश के बावजूद बेची जा रहीं थी किताबें
टीचर किताबों के बना रहे थे सेट, बाहर से लगाया ताला
करनाल। एसबी मिशन स्कूल के कमरा नंबर-16 में किताबों के सेट भी तैयार किए जा रहे थे। वहीं यह पूरा कमरा किताबों से भी भरा पड़ा था। जबकि नियम के अनुसार किताबें स्कूलों में नहीं बेची जा सकती। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन के सख्त के आदेश के बावजूद यह काम धड़ल्ले से चल रहा है। हो सकता है कि अन्य स्कूलों में भी इस तरह किताबें बेचने का धंधा चल रहा हो। इस पर विभाग को संज्ञान लेना चाहिए। उधर शिक्षा विभाग के छापे के दौरान टीचर्स इस कमरे को छोड़कर भाग गए। वहीं किताबों से भरे दूसरे कमरे में चले गए। जिसे स्कूल के ही एक कर्मचारी ने बाहर से लॉक कर दिया। जब कमरे को सील किया जाने लगा, उस समय पता चला कि अंदर टीचर हैं। बाद में ताला खोलकर उन्हें बाहर निकाला गया। जब प्रिंसिपल समता शर्मा से बात की तो वो यह नहीं बता पाई की ताला कैसे लगा। उन्होंने कहा कि टीचर्स किताबों के सेट बनाने नहीं सैलरी के लिए आए हैं।