सियासत: शिअद बादल ग्रुप पर पंथ के पैसे का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप, CBI जांच की मांग की
नए बने शिरोमणि अकाली दल हरियाणा स्टेट ने सुखबीर बादल और रघुजीत विर्क की सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं रघुजीत बोले कि आरोप निराधार तथ्य सामने लाएं। डेरा कार सेवा में नए दल शिअद हरियाणा स्टेट की पांच सदस्यीय कमेटी ने प्रेसवार्ता करके गंभीर आरोप लगाए हैं।
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शिरोमणि अकाली दल बादल ग्रुप से अलग हुए सदस्यों ने बादल ग्रुप के पदाधिकारियों पर पंथ के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। नए बने शिरोमणि अकाली दल हरियाणा स्टेट के पांच सदस्यीय कमेटी के सदस्य भूपेंद्र सिंह असंध ने सुखबीर बादल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि रघुजीत सिंह विर्क ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके शिरोमणि कमेटी के विभिन्न कार्यों में गोलमाल किया है। इधर, रघुजीत सिंह विर्क ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि हवा में आरोप न लगाए। तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। यदि तथ्य हैं तो भूपेंद्र सिंह वे सामने लाएं।
गुरुवार को डेरा कार सेवा में प्रेसवार्ता करते हुए भूपेंद्र सिंह असंध और कंवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि सभी बड़े टेंडर में रघुजीत सिंह विर्क की भागीदारी रही है। जब से रघुजीत विर्क दल में आए, तब से लेकर अब तक उनकी संपत्ति की जांच हो। पता चल जाएगा कि उन्होंने इतना पैसा कहां से हासिल किया है और कहां-कहां पर उन्होंने संपत्तियां खरीदी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी अपनी संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि उन पर भी पिछले दिनों बादल ग्रुप की ओर से गबन करने के आरोप लगाए गए थे। इस अवसर पर सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, इंद्रपाल सिंह, तेजिंदर सिंह मक्कड़, अमरजीत, लखबीर सिंह और तेजपाल सिंह मौजूद रहे।
बादल परिवार ने नहीं रखा हरियाणा के हितों का ध्यान
भूपेंद्र सिंह असंध ने कहा कि मेरा किसी सरकार से कोई लेना देना नहीं है। हमारा उद्देश्य अकाली दल को दोबारा उसी मुकाम पर खड़ा करना है, जहां पर वह पहले था। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर आरोप लगाया कि उन्होंने हरियाणा के हितों को दरकिनार करके केवल यहां से पैसा इकठ्ठा करने का काम किया है। शाहाबाद में निर्माणाधीन मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज का कार्य 26 साल के बाद भी अधूरा है। कई बार कहने के बाद भी वहां पर कोई काम नहीं किया। इसके अलावा अन्य स्थानों पर अनेक विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिन पर आज तक कोई काम नहीं हुआ।