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Karnal News: महायज्ञ में डालीं आहुतियां, गूंजे जयकारे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2024 02:16 AM IST
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Sacrifices were offered in the Mahayagya, cheers resounded
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल/घरौंडा। सर्व कल्याण की कामना के साथ जय ओंकार यज्ञ समिति की ओर से सामूहिक महायज्ञ का आयोजन किया गया। घरौंडा की नई अनाज मंडी में हुए महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सैकड़ों परिवारों ने अलग-अलग कुंड पर बैठकर जय गुरुदेव जय ओंकार के 1008 मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां डाली।

महायज्ञ की पूर्णाहुति जय ओंकार अंतरराष्ट्रीय सेवाश्रम संघ एवं भगवान श्री ब्रह्मा मंदिर कुरुक्षेत्र के संस्थापक स्वामी शक्तिदेव महाराज ने डाली। शुभारंभ कन्याओं ने सामूहिक रूप से ज्योति जलाकर किया। सभी ने सामूहिक रूप से 251 कन्याओं का पूजन करके सबके कल्याण की मन्नतें मांगी। महायज्ञ के बाद भजन संध्या का भी आयोजन हुआ है। समिति सदस्यों ने भजनों से गुरु की महिमा का बखान किया।
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महायज्ञ में मंत्रोच्चारण पंडित राधेश्याम, पंडित मांगे राम और पंडित हरिराम शर्मा ने किया। पूर्व प्रधान विनोद जैन ने ज्योति प्रज्वलित की। कन्या पूजन समाजसेवी रजनी चुघ के परिवार ने किया। गणेश पूजन नगर पालिका के चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता और कलश पूजन सुरेंद्र सिंगला ने किया। इस अवसर पर संघ संचालक पंडित शिव नारायण दीक्षित, एडवोकेट जय नारायण दीक्षित, कार्तिक दीक्षित, राजेश दहिया, मास्टर जगबीर सिंह, शंभूदयाल हाई स्कूल की चेयरमैन जसवंती देवी, डॉ. रमेश कुमार, मित्रपाल राणा, नीटू राणा आदि मौजूद रहे।
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शुभ कार्यों के लिए कन्याओं का पूजन जरूरी ः शक्तिदेव

स्वामी शक्तिदेव महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि किसी भी शुभ कार्य से पहले यज्ञ अवश्य करना चाहिए। द्वादशी के उलपक्ष्य में कन्याओं का पूजन करना 33 करोड़ देवी-देवताओं के पूजन के समान है। यज्ञ भगवान मां दुर्गा की आत्मा है और दुर्गा संसार की पालक भी हैं। दुर्गा स्तुति के पाठ में भी मुक्ति का द्वार देवी मां को बताया गया है। महामाया के रूप में देवी मां ही संसार को चला रही है। प्रत्येक आध्यात्मिक कार्य के दौरान यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वहां आने वाला कोई भी जीव भूखा न रहे। क्योंकि आध्यात्मिक कार्य तभी संपूर्ण माने जाते हैं। सभी को अपने घर में हर शुभ कार्य पर कन्याओं का पूजन करने का संकल्प भी दिलाया गया।
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