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Karnal News: रोडवेज कर्मचारी 24 को करेंगे सांकेतिक हड़ताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की यमुनानगर बस स्टैंड स्थित कार्यालय में बैठक हुई। इसमें मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों ने 24 जनवरी की सांकेतिक हड़ताल की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता विभिन्न यूनियनों से डिपो प्रधान मुकेश पोसवाल, महिपाल सोडे, जगजीत सिंह, राजेंद्र कांबोज, रघुबीर सिंह ने की। बैठक में मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य जयबीर घणघस, सुखविंद्र बयाना, प्रताप बनवाला ने बताया कि हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की परिवहन मंत्री व उच्च अधिकारियों से वर्ष 2023 में चार दौर की बातचीत हो चुकी है। आरोप है कि बैठकों में मांगों को जायज मान शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया गया था, पर मानी गई मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए गए। मुख्यमंत्री आवास घेराव भी किया गया। तब सरकार ने मुख्यमंत्री से बातचीत कराने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक बैठक का समय नहीं दिया।इससे सरकार की कार्यशैली को लेकर कर्मचारियों में रोष हैं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा हड़ताल जैसे आंदोलन से जनता को तंग नहीं करना चाहता, पर सरकार कई बार बातचीत कर मानी गई मांगों को लागू न कर रोडवेज कर्मियों को हड़ताल जैसे आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार समय रहते मानी गई मांगों के परिपत्र जारी करे, अन्यथा 24 जनवरी की सांकेतिक हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। बैठक का संचालन विभिन्न यूनियनों से डिपो सचिव सुखबीर सिंह, प्रदीप शर्मा, रविंदर मलिक, अनिल कुमार, राजेश कांबोज, संजीव सैनी ने किया। मौके पर कमल कुमार, विपिन कांबोज, चंद्रपाल, धर्मेंद्र कादियान, बलिंदर कांबोज, बृजभूषण व अन्य मौजूद रहे।
ये है मुख्य मांगें
-हिट एंड रन केस को लेकर बना कानून वापस हो।
-265 मार्गों पर असीमित परमिट पॉलिसी वापिस हो।
-रोडवेज बेड़े के लिए नई बसें खरीदी जाएं।
-परिचालक, चालक, लिपिकों की वेतन विसंगति दूर हों।
-देय अवकाश कटौती पत्र वापस लिए जाएं।
-बसों का मरम्मत कार्य कंपनी को न दिया जाए।
-वर्ष 2016 में भर्ती चालकों सहित दादरी डिपो के 52 हेल्पर पक्के हों।
-वर्ष 2002 में भर्ती चालक पक्के कर पुरानी पेंशन में शामिल किया जाए।
-वर्ष 2005 से पहले भर्ती कर्मचारियों को पुरानी पेंशन में शामिल किया जाए।
-ग्रुप डी के कर्मियों को कॉमन कैडर से बहार कर तकनीकी पदों पर प्रमोशन दी जाए।
-कई वर्षों के बकाया बोनस का भुगतान किया जाए।
-तकनीकी वेतनमान से वंचित कर्मियों को तकनीकी वेतन मान दिया जाए।
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यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा की यमुनानगर बस स्टैंड स्थित कार्यालय में बैठक हुई। इसमें मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों ने 24 जनवरी की सांकेतिक हड़ताल की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता विभिन्न यूनियनों से डिपो प्रधान मुकेश पोसवाल, महिपाल सोडे, जगजीत सिंह, राजेंद्र कांबोज, रघुबीर सिंह ने की। बैठक में मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य जयबीर घणघस, सुखविंद्र बयाना, प्रताप बनवाला ने बताया कि हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल की परिवहन मंत्री व उच्च अधिकारियों से वर्ष 2023 में चार दौर की बातचीत हो चुकी है। आरोप है कि बैठकों में मांगों को जायज मान शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया गया था, पर मानी गई मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए गए। मुख्यमंत्री आवास घेराव भी किया गया। तब सरकार ने मुख्यमंत्री से बातचीत कराने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक बैठक का समय नहीं दिया।इससे सरकार की कार्यशैली को लेकर कर्मचारियों में रोष हैं। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा हड़ताल जैसे आंदोलन से जनता को तंग नहीं करना चाहता, पर सरकार कई बार बातचीत कर मानी गई मांगों को लागू न कर रोडवेज कर्मियों को हड़ताल जैसे आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। मोर्चा के वरिष्ठ नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार समय रहते मानी गई मांगों के परिपत्र जारी करे, अन्यथा 24 जनवरी की सांकेतिक हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। बैठक का संचालन विभिन्न यूनियनों से डिपो सचिव सुखबीर सिंह, प्रदीप शर्मा, रविंदर मलिक, अनिल कुमार, राजेश कांबोज, संजीव सैनी ने किया। मौके पर कमल कुमार, विपिन कांबोज, चंद्रपाल, धर्मेंद्र कादियान, बलिंदर कांबोज, बृजभूषण व अन्य मौजूद रहे।
ये है मुख्य मांगें
-हिट एंड रन केस को लेकर बना कानून वापस हो।
-265 मार्गों पर असीमित परमिट पॉलिसी वापिस हो।
-रोडवेज बेड़े के लिए नई बसें खरीदी जाएं।
-परिचालक, चालक, लिपिकों की वेतन विसंगति दूर हों।
-देय अवकाश कटौती पत्र वापस लिए जाएं।
-बसों का मरम्मत कार्य कंपनी को न दिया जाए।
-वर्ष 2016 में भर्ती चालकों सहित दादरी डिपो के 52 हेल्पर पक्के हों।
-वर्ष 2002 में भर्ती चालक पक्के कर पुरानी पेंशन में शामिल किया जाए।
-वर्ष 2005 से पहले भर्ती कर्मचारियों को पुरानी पेंशन में शामिल किया जाए।
-ग्रुप डी के कर्मियों को कॉमन कैडर से बहार कर तकनीकी पदों पर प्रमोशन दी जाए।
-कई वर्षों के बकाया बोनस का भुगतान किया जाए।
-तकनीकी वेतनमान से वंचित कर्मियों को तकनीकी वेतन मान दिया जाए।