{"_id":"57b605e84f1c1bd0596ec50e","slug":"roadways-bus-raksha-bandhan-problem-karnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"देरी से आई रोडवेज लारी, बहनों की नहीं आई बारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देरी से आई रोडवेज लारी, बहनों की नहीं आई बारी
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
बस का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षाबंधन पर सरकार की ओर से रोडवेज बसों में फ्री यात्रा की सुविधा बहनों के लिए असुविधा बन गई। बहनों की संख्या अधिक होने से निर्धारित स्टॉपेज से ही बसें भर गई और लोकल अड्डों से सवारियों को बस में चढ़ने तक का रास्ता नहीं मिला। इससे बहनों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। दूसरी तरफ रोडवेज अधिकारियों ने व्यवस्था को संभालने के लिए दिनभर बसस्टैंड परिसर में निगरानी रखी। जिस मार्ग पर सवारियों की संख्या अधिक हुई वहीं पर बसों के चक्कर लगाए गए। इस दौरान बस स्टैंड पर पुलिस भी तैनात रही।
विज्ञापन
जिले में हरियाणा रोडवेज करनाल डिपो ने विभिन्न मार्गों पर 182 बसों को दौड़ाया गया। आम दिनों से ज्यादा सवारियां होने से बसों की संख्या कम नजर आई। करनाल बस स्टैंड से मूनक-सालवन की तरफ जाने वाली बस के लिए भी महिलाओं को लंबा इंतजार करना पड़ा। काउंटरों पर बस कम नजर आई, जबकि महिलाएं सफर के लिए बसों के लिए इंतजार में काउंटरों पर ही बैठी रही। बसों में भीड़ और महिलाओं के साथ बच्चों के साथ परेशानी हुई। बस रुकते ही सीट लेने के लिए मारामारी चली। किसी को सीट मिली तो किसी ने दूसरों के लिए बस सीट रोक करके रखी। इसको लेकर भी सवारियों में आपस में नोकझोंक होती रही। इस दौरान नन्हे बच्चों को लेकर सफर करने वाली महिलाओं को परेशानी हुई। गर्मी और भीड़ के चलते पसीने से लोग तरबतर रहे।
विज्ञापन
निजी बसों में टिकट को लेकर बहस
रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में फ्री यात्रा रही, लेकिन निजी बसों में बहनों की फ्री यात्रा में संशय बना रहा। महिलाओं को टिकट न कटवाने को लेकर जमकर बहस करनी पड़ी। निजी बसों के परिचालक टिकट लेने को लेकर धक्का करते रहे, लेकिन महिलाओं ने इसका विरोध किया। रोडवेज कर्मचारियों ने भी बार-बार महिला सवारियों को समझाया कि आज के दिन किसी भी बस में टिकट नहीं लेनी है। यदि कोई टिकट काटता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है।
विज्ञापन
लोकल अड्डों से निजी वाहन चले भरकर
लोकल अड्डों पर बहुत कम सवारियों को बसों में सफर मिला। लोकल अड्डों से सवारियों को निजी वाहनों में किराया देकर शहर तक आना पड़ा। शहर आकर उन्हें बसों में सफर करना पड़ा। करनाल-असंध मार्ग पर जो बस असंध से भरकर चली वह जलमाना तक पूरी तरह भर गई। जलमाना से जुंडला के बीच पड़ने वाले अड्डों पर सुबह सवारियां इंतजार करती रहीं। सवारियों ने कहा कि रोडवेज ने अतिरिक्त बसें नहीं चलाई। रूटीन से भी कम बसें चलाई हैं। इस कारण सफर करने में पूरा दिन खराब हो रहा है।
बस रुकने से पहले ही चढ़ने को लेकर धक्का मुक्की
सुबह साढ़े 10 बजे स्थिति इतनी तनाव पूर्ण हो गई कि बस रुकने से पहले ही सवारियाें में चढ़ने को लेकर धक्का मुक्की हो गई। इस तनावपूर्ण माहौल को देखकर बच्चे रोने लगे। रोडवेज अधिकारियों ने बस को काउंटर पर लगवाकर सीट नंबर अलॉट करके स्थिति पर काबू पाया। इस पर सीट नंबर लेने को लेकर एक दूसरे से आगे बढ़ने की चेष्टा करते रहे।
वर्जन
रक्षाबंधन पर बहनों को बेहतर सफर दिलाने के लिए दिनभर बस स्टैंड परिसर में व्यवस्था को चेक किया गया। बसों के अतिरिक्त चक्कर लगाए गए। सफर के दौरान किसी बहन को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
- जयपाल राणा, महाप्रबंधक, हरियाणा रोडवेज करनाल।