संतुलन बिगड़ने से कार और बस भिड़े, 20 घायल
करनाल इंद्री रोड पर गांव रंबा गुरुद्वारा मोड़ पर ओवर टेकिंग करते समय एक महिला चालक की कार का संतुलन बिगड़ गया और कार सामने से आ रही प्राइवेट बस से टकरा गई। वहीं दूसरी ओर बस चालक भी कार को बचाने के प्रयास में बस का संतुलन खो बैठा। इससे बस एक पेड़ से टकराते हुए सड़क के दूसरी तरफ नीचे उतर गई। लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनकर गुरुद्वारा व आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने कार से महिला चालक व बस से यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे। इस हादसे में महिला कार चालक सहित करीब 20 यात्री घायल हो गए, जिन्हें राहगीरों द्वारा उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है। जहां अभी तक उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक वीरवार को सुबह करीब पौने 10 बजे सेक्टर-6 निवासी पूनम कार से इंद्री स्थित रिश्तेदार के घर जा रही थी। जब वह गांव रंबा के गुरुद्वारा मोड़ पर पहुंची तो उसने एक अन्य गाड़ी को ओवर टेक करने का प्रयास किया। ओवर टेकिंग के दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार प्राइवेट बस को देख वह घबरा गई तथा उसका संतुलन बिगड़ गया और कार बस से टकराकर सड़क से नीचे उतर गई। वहीं दूसरी ओर जब बस चालक ने कार को असंतुलित होते देखा तो उसने कार को बचाने का प्रयास किया। इससे बस असंतुलित होकर पेड़ से टकराकर दूसरी तरफ सड़क के नीचे गड्ढे में जा गिरी। इस हादसे में बस में सवार दर्जनभर लोग घायल हो गए। इनमें राजेंद्र इंद्री, सुरजीत बीबीपुर, हिमांशु इंद्री व जयनारायण समौरा को चोटें आई हैं। इनका कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। पुलिस जांच अधिकारी कर्मवीर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
ब्लाइंड मोड़ पर पहले भी हो चुके कई हादसे
इंद्री रोड पर गांव रंबा के पास दो ब्लाइंड मोड़ हैं। जो अब तक कई जिंदगियों को लील चुके हैं। आए दिन वहां सड़क हादसे होते हैं, जिनमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन वाहन चालकों को इन मोड़ों की सूचना देने के लिए कोई भी संकेत चिन्ह नहीं लगाए गए हैं। हादसाें को देखते हुए लोग उन मोड़ों पर ब्रेकर बनाने की भी मांग कर चुके हैं। लेकिन प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
मौत को करीब से देख रुक गई थी सांसें
हादसे में चोटिल हुए सुरजीत निवासी बीबीपुर ने बताया कि आंखों की दवाई लेने के लिए घर से करनाल के लिए निकला था। रंबा गांव से ही बस में चढ़ा था। बस में अधिक भीड़ होने की वजह से वह बस के केबिन में खाली पड़ी स्टाफ सीट पर बैठ गया। अभी बस ने रफ्तार ही पकड़ी थी कि सामने से आ रही लड़खड़ाती कार को देखकर उसे किसी अनहोनी का अंदाजा हो गया था। जब यात्री कुछ सोचते तब तक बस पेड़ से टकराते हुए गड्ढे में जा गिरी। आंखों के सामने मौत को देख कर उसके दिल की धड़कनें थम गई। बस के गड्ढे में गिरने पर पीछे के यात्री भी अगली सीटों पर आ गिरे। इस बस में सवार कई महिलाएं व बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। यात्रियों की चीख सुनकर आसपास खड़े लोगों ने वहां आकर बस के शीशे तोड़कर यात्रियों का बाहर निकाला। जिस भी यात्री के साथ बात की तो वह इतना घबराया हुआ था कि अपना दर्द भी सही ढंग से ब्यान नहीं कर पा रहा था।