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एफसीआई भ्रष्टाचार पर भड़के राइस मिलर्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Feb 2022 01:46 AM IST
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Rice millers furious over corruption in FCI, picketing at DM office
करनाल। यमुनानगर के मुस्तफाबाद में एफसीआई डिपो पर स्पेश की कमी बताकर सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) को उतारने के लिए सुविधा शुल्क मांगने के मामले से प्रदेशभर के राइस मिलर्स भड़क गए हैं। हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान हंसराज सिंगला की अगुवाई में विभिन्न जिलों के राइस मिलर्स भारतीय खाद्य निगम के मंडल कार्यालय पर आ धमके। मंडल प्रबंधक पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए राइस मिलर्स ने धरना शुरू कर दिया। हालांकि बाद में मंडल प्रबंधक अंकुर वत्स ने धरनास्थल पर आकर समस्याएं सुनी और समाधान का भरोसा दिया। तब जाकर राइस मिलर्स ने धरना खत्म किया।
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हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के हंसराज सिंगला व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कुमार गोयल, चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने कहा कि कई दिनों से प्रदेशभर में एफसीआई के अधिकारी भ्रष्टाचार पर उतर आए हैं। यमुनानगर के मुस्तफाबाद में एफसीआई अधिकारियों ने स्पेस की कमी बताकर चावल लेना ही बंद कर दिया। स्पष्ट कह रहे हैं कि सीएमआर देना है तो पहले सुविधा शुल्क दो। तीन दिन से मुस्तफाबाद के राइस मिलर्स रोजाना मंडल प्रबंधक कार्यालय करनाल आ रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें गेट के अंदर ही घुसने नहीं दिया जा रहा है।
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मंडल प्रबंधक अकुंर वत्स फोन ही रिसीव नहीं कर रहे हैं। प्रदेशभर में एफसीआई की मनमानी के खिलाफ प्रदेशभर के राइस मिलर्स को मंडल कार्यालय आना पड़ा है। राज्य प्रधान की अगुवाई में विभिन्न जिलों से राइस मिलर्स यहां पहुंचे और मंडल प्रबंधक कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए हैं। डीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि डिपो पर कर्मचारी कांटे मनमर्जी से खोल रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर एक बजे खोलते हैं दो बजे बंद कर देते हैं। यह सब पैसे ऐंठने के लिए डीएम के आदेश से हो रहा है। दोपहर बाद मंडल प्रबंधक अंकुर वत्स धरना स्थल पर पहुंचे तो राइस मिलर्स ने खूब खरी खरी सुनाई। मंडल प्रबंधक सिर्फ मुस्कुराते रहे। फिर तय किया कि वह स्पेस व अन्य समस्याओं के लिए एक कमेटी गठित करेंगे, जिसमें दो राइस मिलर्स भी होंगे। सभी कांटे सुबह नौ बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक खुलेंगे, सभी का फोन रिसीव करना संभव नहीं लेकिन सभी प्रधानों के फोन वह जरूर रिसीव करेंगे।
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धरना देने वालों में राजेश चहल, संजीव गोयल (इंद्री), नरेश बंसल (तरावड़ी), प्रवीन कुमार (यमुनानगर), बालकृष्ण लांबा (कुंजपुरा), राजेंद्र रहेजा, राज कुमार गुप्ता, विजय टक्कर, सौरभ गुप्ता, कुलभूषण गोयल (करनाल), मुकेश अग्रवाल आदि कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, कैथल आदि कई जिलों के राइस मिलर्स मौजूद रहे।
तकनीकि सहायक ने माफी मांगी
-दो दिन पहले मुस्तफाबाद के सरस्वती राइस मिल के कुलदीप सिंह अपनी समस्या को लेकर एफसीआई मंडल कार्यालय करनाल आए थे तो तकनीकि सहायक ने पहले तो गेट बंद करा दिया। बाद में अंदर आए तो उसने उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे वह जख्मी हो गए। हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष विनोद कुमार गोयल ने बताया कि इसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन आज तकनीकि सहायक अनिल कुमार ने डीएम व दस राइस मिलर्स की मौजूदगी में माफी मांग ली है, इसके बाद पुलिस को दी गई शिकायत को वापस ले लिया गया है।
-सीएमआर को समय देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है, राइस मिलर्स सीएमआर देना चाहते हैं लेकिन एफसीआई के कर्मचारी सुविधा शुल्क वसूलने के लिए स्पेस की कमी बताकर सीएमआर उतारने ही नहीं दे रहे हैं। मुस्तफाबाद में तो एएम ने साफ कहा कि नए मंडल प्रबंधक आए हैं। उनका आदेश है कि पांच हजार रुपये पहले दीजिये, तभी चावल उतारने दिया जाएगा। इस कारण धरना देने को मजबूर होना पड़ा।
-हंसराज सिंगला प्रदेश प्रधान हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन।
-एफसीआई के अधिकारी कर्मचारी कांटे मनमर्जी से खोल रहे हैं, जब राइस मिलर्स सीएमआर लेकर पहुंचते हैं, तब तक वह कांटा बंद कर चले जाते हैं। ऐसे में समय पर सीएमआर की डिलीवरी कैसे संभव है। आज मंडल प्रबंधक से जो बातें तय हुई हैं, यदि उनका अनुपालन नहीं होता है तो फिर धरना दिया जाएगा। भ्रष्टाचार की भी कोई सीमा होनी चाहिए।
-विनोद कुमार गोयल, वरिष्ठ उप प्रधान हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन।
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-सबसे बड़ी समस्या मंडल प्रबंधक का फोन रिसीव न करना है, यदि एफसीआई के किसी कर्मचारी की शिकायत करें तो कैसे, अपनी समस्या आखिर राइस मिलर्स किसे बताएं। मंडल प्रबंधक कहते हैं कि सभी के फोन रिसीव करना संभव नहीं है, ऐसे में कम से कम प्रधानों के फोन तो रिसीव किए जा सकते हैं। आखिर समस्या का समाधान कैसे होगा।

-ज्वैल सिंगला, चेयरमैन हरियाणा स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन।
-सुविधा शुल्क मांगने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है, रही बात फोन न रिसीव करने की तो करीब दो सौ से ढाई सौ फोन रोज आते हैं, इसलिए अब प्रधानों के फोन फीड करा रहा हूं, उनके फोन जरूर सुने जाएंगे। कांटे हर रोज सुबह नौ बजे से 3.30 बजे तक खुलेंगे। राइस मिलर्स की समस्याओं के समाधान के लिए एक कमेटी गठित की जा रही है।
-अंकुर वत्स, मंडल प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम करनाल।
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