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तो क्या सफाई कर्मियों को पेरोल पर रखने में हो रहा खेल ?

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 02:51 AM IST
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Recruitment of scavengers
नगर निगम में सफाई कर्मियों को पेरोल पर रखने के मामले में अनावश्यक देरी के पीछे खेल किए जाने के आरोप लगने लगे हैं। अपील पर सुनवाई पूरी होने के बाद भी निगम के अधिकारी सूची जारी नहीं कर रहे हैं। इधर नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि जो पुराने अनुभवी कर्मचारी हैं, उन्हें अनावश्यक शर्तें लगाकर बाहर किया जा रहा है और सिफारिशों के आधार पर नए चेहरों को रखा जा रहा है। अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सभी 1029 कर्मियों को पेरोल पर नहीं रखा गया तो सफाई कर्मचारी आंदोलन करेंगे। जिसकी रणनीति 11 सितंबर को प्रदेशाध्यक्ष की मौजूदगी में तैयार की जाएगी।
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एक अगस्त से नगर निगम के हाथ में सफाई व्यवस्था आ गई है, लेकिन आज तक निगम सफाई व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला सका है। निगम ने पहले ठेेके पर काम कर चुके 1029 कर्मियों को पेरोल पर रखने में प्राथमिकता देने का वादा किया था। लेकिन निगम ने अभी तक पुराने कर्मियों में से 521 कर्मचारी ही पेरोल पर रखे हैं। हालांकि निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम ने 905 कर्मचारी पेरोल पर ले लिए हैं, सिर्फ 133 कर्मचारी ही अपील पर सुनवाई करके लेने हैं, जिसके सापेक्ष 388 अपील आई हैं, जिनकी सुनवाई शुक्रवार को ही पूरी हो चुकी है। अब चयनित कर्मियों को व्यक्तिगत रूप से लेटर जारी करके उन्हें सूचित किया जा रहा है। नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ करनाल के उप प्रधान राम सिंह ने आरोप लगाया कि निगम ने 17 माह की लगातार हाजिरी के आधार पर पेरोल पर चयन करना शुरू किया लेकिन कई कर्मियों को हाजिरी होते हुए भी किसी न किसी बहाने उसका गैप दिखाकर बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं। उप प्रधान व प्रदेश सचिव शारदा ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारियों के पास नेताओं से उनके चहेतों को रखने की सूचियां आ रही हैं। यही कारण है कि चयनितों की सूची जारी करने में अनावश्यक देरी कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने बेटी की शादी के लिए 25 हजार एडवांस लिए, जिसे ठेकेदार ने पारिश्रमिक से काटा तो उसकी गैरहाजिरी लगा दी। इसके अलावा 24 कर्मचारियों की अक्तूबर 2018 में ठेका बदलने के दौरान एक महीने की गैरहाजिरी दिखा कर बाहर कर दिया, जबकि उनकी उसी माह की हाजिरी को सफाई निरीक्षक प्रमाणित किया है। जबकि 2019 में 64 दिन के धरने के बाद समझौते में तय किया था कि सभी को पेरोल पर रखा जाएगा, उस समय गैप की कोई शर्त नहीं थी।
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-चयनित कर्मियों की सूची वीरवार को आने की संभावना है। कर्मचारियों को पेरोल पर रखने में नगर निगम खेल कर रहा है। 11 सितंबर को कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री करनाल आ रहे हैं, उनके सामने ही यह मामला रखा जाएगा। यदि निगम ने सभी 1029 कर्मियों को पेरोल पर नहीं लिया तो बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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-राम सिंह, उप प्रधान नगर पालिका कर्मचारी संघ करनाल।
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