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रिकवरी नहीं हुई तो नपेंगे उड़ाना के हेडमास्टर
इंद्री
Updated Thu, 26 Sep 2013 11:17 PM IST
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत गांव धूमसी में बनने वाले भवन निर्माण में कथित धांधली की गाज अब उड़ाना स्कूल के हेडमास्टर पर गिर सकती है। जिस अध्यापक को भवन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वह रिटायर हो चुका है। भवन बनाने में लाखों रुपये का गोलमाल की चर्चा है।
विभाग ने संबंधित अध्यापक पर लाखों रुपये की रिकवरी डाल दी है। इस मामले में बार उच्चाधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ती रहीं और नतीजा यह रहा कि स्कूल भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
धूमसी के मिडल स्कल में भवन का निर्माण का कार्य सालों से अधर में लटका हुआ है, जिस अध्यापक पर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी थी, वह जुलाई 2013 में रिटायर हो चुके हैं।
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विभाग के उच्चाधिकारियों ने उस अध्यापक पर 2 लाख रुपये से ऊपर की रिकवरी भी डाली हुई है लेकिन संबंधित अध्यापक ने अब तक उच्चाधिकारियों को गुमराह करके रखा है और विभाग द्वारा डाली गई रिकवरी के पैसे अब तक जमा नहीं करवाए हैं। जिले के 2010 में सरकार ने 20 प्राथमिक पाठशालाओं को अपग्रेड कर माध्यमिक स्कूल का दर्जा दिया था।
इसमें इंद्री खंड के धूमसी, गढ़ी गुजरान, घिरपुरी, रामपुरा, तुसंग, छपरियों, नागल सहित कुल 9 गांव के स्कूलों को अपग्रेड किया गया था लेकिन धूमसी स्थित स्कूल में भवन निर्माण का कार्य वर्षों से बंद पड़ा है, अन्य अपग्रेेड स्कूलों में नए भवनों में कक्षाएं लग रही हैं।
धूमसी के स्कूल के नए भवन में मार्च 2011 में कक्षाएं लगनी थीं लेकिन भवन पूरा नहीं होने से बच्चों के बैठने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पाई है। अध्यापकों की ओर से कक्षाएं पेड़ों, अधूरे पड़े बरामदे व अन्य जगह पर लगाई जा रही है। इससे बच्चों के अभिभावकों में रोष है।
जिला परियोजना अधिकारी ओमपाल का कहना है कि धूमसी गांव के भवन निर्माण की जिम्मेदारी जिस अध्यापक पर थी, अध्यापक के रिटायर होने से पहले ही कागजी कार्रवाई कर दी गई थी। उनके रिटायर होने से पहले स्कूल भवन निर्माण कार्य की इनक्वायरी करवाकर उड़ाना गांव स्थित हाई स्कूल के हेडमास्टर को रिकवरी के लिए लिखा था।
हेडमास्टर को पत्र लिखा गया था कि भवन निर्माण से संबंधित अध्यापक का बिना रिक वरी के कोई एरियर या कोई भी पेमेंट न निकाली जाए। अब विभाग की ओर से उड़ाना के स्कूल में तैनात हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बिना रिकवरी के संबंधित अध्यापक को पैसे नहीं देने हैं लेकिन फिर भी मौलिक शिक्षा कार्यालय से मिलकर गोलमाल करके पैसे निकाल लिए गए।
अब हेडमास्टर को भी लिखा जाएगा कि बिना किसी आदेश के उसने संबंधित अध्यापक के पैसे कैसे निकाल दिए। अगर पैसे की रिकवरी नहीं हुई तो इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। हेडमास्टर पर भी कार्रवाई होगी।
खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा
इंद्री खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि एसएसए स्कीम के तहत अपग्रेड स्कूलों में भवन निर्माण का कार्य चल रहा था। गांव धूमसी में यह निर्माण कार्य पूरा नही हो सका। इसलिए विभाग की ओर से रिकवरी के लिए पूर्व अध्यापक को नोटिस भेजा गया है।
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विभाग ने संबंधित अध्यापक पर लाखों रुपये की रिकवरी डाल दी है। इस मामले में बार उच्चाधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ती रहीं और नतीजा यह रहा कि स्कूल भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
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धूमसी के मिडल स्कल में भवन का निर्माण का कार्य सालों से अधर में लटका हुआ है, जिस अध्यापक पर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी थी, वह जुलाई 2013 में रिटायर हो चुके हैं।
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विभाग के उच्चाधिकारियों ने उस अध्यापक पर 2 लाख रुपये से ऊपर की रिकवरी भी डाली हुई है लेकिन संबंधित अध्यापक ने अब तक उच्चाधिकारियों को गुमराह करके रखा है और विभाग द्वारा डाली गई रिकवरी के पैसे अब तक जमा नहीं करवाए हैं। जिले के 2010 में सरकार ने 20 प्राथमिक पाठशालाओं को अपग्रेड कर माध्यमिक स्कूल का दर्जा दिया था।
इसमें इंद्री खंड के धूमसी, गढ़ी गुजरान, घिरपुरी, रामपुरा, तुसंग, छपरियों, नागल सहित कुल 9 गांव के स्कूलों को अपग्रेड किया गया था लेकिन धूमसी स्थित स्कूल में भवन निर्माण का कार्य वर्षों से बंद पड़ा है, अन्य अपग्रेेड स्कूलों में नए भवनों में कक्षाएं लग रही हैं।
धूमसी के स्कूल के नए भवन में मार्च 2011 में कक्षाएं लगनी थीं लेकिन भवन पूरा नहीं होने से बच्चों के बैठने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पाई है। अध्यापकों की ओर से कक्षाएं पेड़ों, अधूरे पड़े बरामदे व अन्य जगह पर लगाई जा रही है। इससे बच्चों के अभिभावकों में रोष है।
जिला परियोजना अधिकारी ओमपाल का कहना है कि धूमसी गांव के भवन निर्माण की जिम्मेदारी जिस अध्यापक पर थी, अध्यापक के रिटायर होने से पहले ही कागजी कार्रवाई कर दी गई थी। उनके रिटायर होने से पहले स्कूल भवन निर्माण कार्य की इनक्वायरी करवाकर उड़ाना गांव स्थित हाई स्कूल के हेडमास्टर को रिकवरी के लिए लिखा था।
हेडमास्टर को पत्र लिखा गया था कि भवन निर्माण से संबंधित अध्यापक का बिना रिक वरी के कोई एरियर या कोई भी पेमेंट न निकाली जाए। अब विभाग की ओर से उड़ाना के स्कूल में तैनात हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बिना रिकवरी के संबंधित अध्यापक को पैसे नहीं देने हैं लेकिन फिर भी मौलिक शिक्षा कार्यालय से मिलकर गोलमाल करके पैसे निकाल लिए गए।
अब हेडमास्टर को भी लिखा जाएगा कि बिना किसी आदेश के उसने संबंधित अध्यापक के पैसे कैसे निकाल दिए। अगर पैसे की रिकवरी नहीं हुई तो इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। हेडमास्टर पर भी कार्रवाई होगी।
खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा
इंद्री खंड शिक्षा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि एसएसए स्कीम के तहत अपग्रेड स्कूलों में भवन निर्माण का कार्य चल रहा था। गांव धूमसी में यह निर्माण कार्य पूरा नही हो सका। इसलिए विभाग की ओर से रिकवरी के लिए पूर्व अध्यापक को नोटिस भेजा गया है।