फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Record wheat production expected

Karnal News: गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार की संभावना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2024 01:50 AM IST
विज्ञापन
Record wheat production expected
देव शर्मा
विज्ञापन

करनाल। करीब 90 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में गेहूं की बिजाई पूरी हो चुकी है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक तक देश में गेहूं का रकबा बढ़ने की संभावना है। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के वैज्ञानिकों ने इस बार रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की संभावना जताई है।
गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से ही शुरू हो जाती है, जो दिसंबर के अंत तक चलती रही है। अतिविलंबित स्थिति में 15 जनवरी तक भी किसान गेहूं की बिजाई करते हैं। अति पिछैती बिजाई में खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी शामिल हैं, जहां किसान गन्ना काटने के बाद, आलू की खोदाई और मटर की तुड़ाई करने के बाद गेहूं की फसल बोते हैं।
विज्ञापन

भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि अति पिछैती गेहूं की बिजाई में किसानों को डीबीडब्लयू- 173, डब्ल्यूआर-544, डब्ल्यूएच-1124 जैसी गेहूं की किस्मों की बिजाई करनी चाहिए। इनसे किसान पिछैती बिजाई करने के बाद भी करीब 20 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से पैदावार ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि अब तक जो रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक पूरे देश में डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-22, डीबीडब्ल्यू-303, डीबीडब्ल्यू-327 ( ये सभी किस्में आईआईडब्ल्यूबीआर की हैं) किस्में सर्वाधिक बोई गई हैं। इसके अलावा पूर्वी भारत में एचडी-2967 भी अच्छे रकबे में बोई गई है। सबसे खास बात ये है कि ये सभी गेहूं की किस्में जलवायु सहनशील हैं, जो अधिक सर्दी, उच्च ताप, बारिश आदि के प्रति सहनशील है, रोग भी कम लगते हैं।
कई किस्में तो कुछ विशेष रोगों से मुक्त हैं, देश में गेहूं की अधिक पैदावार और किसानों में लोकप्रिय होने का ये भी एक मुख्य कारण है। इससे किसानों को विपरीत मौसम में नुकसान तो कम होता ही है, दवाइयों का भी कम प्रयोग करना पड़ता है। अधिक पैदावार से आर्थिक लाभ भी होता है। देश के भी खाद्यान्न भंडार भरते हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय की 16 दिसंबर की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 293 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई हो चुकी थी। इसी तिथि तक पिछले साल 284 लाख हेक्टेयर में ही गेहूं बोया गया था। इस पर इस साल गेहूं का रकबा बढ़कर 320 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। पिछले साल देश में कुल गेहूं की पैदावार 113.29 मिलियन टन थी। इस बार का लक्ष्य 115 मिलियन टन है, जो बढ़े रकबे को देखते हुए आसानी से पूरा होने की प्रबल संभावना है। - डॉ. रतन तिवारी, निदेशक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed