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जमीन बेचकर 5 साल में पहुंचा अमेरिका: चार दिन में ही डिपोर्ट हो गया करनाल का सतबीर, नदी में बह गए थे सारे कपड़े

Thu, 06 Feb 2025 12:30 PM IST
नवीन दलाल अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा
अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 06 Feb 2025 12:30 PM IST
सार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद अमृतसर में डिपोर्ट किए गए लोगों में से 11 लोग कैथल जिले से हैं। अब इन लोगों के परिवार सहित अन्य रिकॉर्ड को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जांच शुरू की जाएगी।

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Reached America in five years by selling land: Karnal's Satbir deported in just 4 days, debt of lakhs on head
यूएस एयरफोर्स का विमान। - फोटो : संवाद

विस्तार

करनाल के मूनक के जानी गांव का रहने वाला सतबीर डंकी रास्ते से चार दिन पहले ही अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ था। वह भी बुधवार को डिपोर्ट होकर अमृतसर पहुंच गया। उसका बड़ा भाई भी दो वर्ष पहले विदेश चला गया था। ग्रामीणों के अनुसार, मूनक के जानी गांव निवासी सतबीर (38) करीब पांच वर्ष पहले अपने हिस्से की जमीन बेचकर एक एजेंट के माध्यम से विदेश चला गया। वहां छोटे-छोटे अनेक देशों का सफर करते हुए चार दिन पहले ही मैक्सिको की सीमा पार कर अमेरिका में दाखिल हुआ था। जहां वह अवैध तरीके से अमेरिका में घुसने के आरोप में पकड़ा गया। इसके बाद उसे डिपोर्ट कर दिया गया।

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पांच महीने पहले ही गया था अमेरिका, जाते ही वहां की पुलिस ने हिरासत में लिया
अमेरिका से डिपोर्ट किए गए कैथल के लोगों में अटैला निवासी अमन भी शामिल है। परिवार वालों ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर 35 लाख रुपये जुटाए थे। वह पांच माह पहले आंखों में बड़े-बड़े सपने सजाकर डंकी रास्ते से अमेरिका में दाखिल हुआ। उसी समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वह शरणार्थी बना था। अब उसे डिपोर्ट कर दिया गया।
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अमन के पिता कृष्ण ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि अमन को डिपोर्ट किया गया है। उन्होंने बताया, अमन पांच माह पहले अमेरिका गया था। वहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तब से वह शरणार्थी था। अमन को विदेश भेजने के लिए एक एजेंट से करीब 35 लाख रुपये में बातचीत तय हुई थी। रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इस उम्मीद से विदेश भेजा गया था कि घर की आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी। परंतु सारी उम्मीदें समाप्त हो गईं। अब वह पहले से ज्यादा कर्जदार हो गए। इस कर्ज से मुक्ति पाना अब बेहद मुश्किल है। उन्होंने बताया कि वह किसान हैं और परिवार के पास आय का यही जरिया है।

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पिता ने चालीस लाख का कर्ज लेकर साहिल को भेजा था अमेरिका

कैथल के धुंधरेहड़ी का रहने वाला साहिल भी डिपोर्ट होने वालों में शामिल है। उसकेपिता चरण सिंह ने बताया, साहिल को करीब छह महीने पहले ही 40 लाख का कर्ज लेकर डंकी मार्ग से अमेरिका भेजा था। वह एक छोटा किसान और करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर खेती हैं। वह तभी से अमेरिकी पुलिस की हिरासत में था। अब उसे वापस भेज दिया गया है। साहिल को लेने के लिए परिजन अमृतसर पहुंच चुके हैं। वे वीरवार को कैथल पहुंचेंगे।

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोगों में से 11 कैथल के, प्रशासन करेगी जांच

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद अमृतसर में डिपोर्ट किए गए लोगों में से 11 लोग कैथल जिले से हैं। अब इन लोगों के परिवार सहित अन्य रिकॉर्ड को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जांच शुरू की जाएगी। इन लोगों को वीजा नियमों के उल्लंघन और अवैध प्रवास के कारण अमेरिका से डिपोर्ट किया गया है।

गौरतलब है कि अमेरिका से डिपोर्ट हुए जिले के 11 लोगों में एक महिला भी शामिल है। वहीं, इसमें प्रदेश के भी 33 लोग शामिल हैं। ये अधिकतर लोग ग्रामीण क्षेत्रों से संबंध रखते हैं। डीएसपी मुख्यालय वीरभान ने बताया कि अभी तक डिपोर्ट किए गए लोगों की आधिकारिक सूची सरकार या उच्च अधिकारियों से प्राप्त नहीं हुई है। सूची मिलते ही सभी व्यक्तियों के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी और यदि किसी की आपराधिक पृष्ठभूमि पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन्हें किया गया है डिपोर्ट

  • प्यौंदा निवासी अभिषेक
  • धुंधरेहड़ी साहिल
  • कैथल शहर निवासी जितेश वालिया
  • अटैला निवासी अमन कुमार
  • खेड़ी साकरा निवासी ओमी देवी
  • कसान निवासी अंकित
  • मटौर निवासी संदीप
  • कैथल शहर निवासी रमेश
  • अरनौली निवासी गुरप्रीत
  • गांव काकौत निवासी प्रिंस
  • स्यों माजरा निवासी मनदीप

प्रशासन इस मामले में विस्तृत जांच करेगा और आधिकारिक सूची के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। - वीरभान, डीएसपी मुख्यालय, कैथल।

जंगल, नदी के रास्ते पहुंचे थे अमेरिका, सिर पर चढ़ा है लाखों का कर्ज

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोगों में करनाल जिले के करीब 12 लोग शामिल हैं। इनमें हैबतपुर गांव का एक परिवार भी शामिल है। जिनमें माता-पिता, बेटा-बेटी भी शामिल है। डिपोर्ट हुए लोगों में ज्यादातर युवा शामिल हैं। अमेरिका जाने के लिए किसी ने अपनी जमीन बेची है तो किसी ने घर। ये लोग लाखों रुपये कर्ज लेकर अमेरिका गए थे, लेकिन अब वापस आना पड़ गया। फिलहाल सभी 12 लोगों को पंजाब के अमृतसर में रोका गया है। वहीं जिला पुलिस भी इन लोगों का सत्यापन कर रही है कि इनमें किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।

40 लाख रुपये खर्च कर गया था अमेरिका, 26 जनवरी को ही पहुंचा था

घरौंडा निवासी अरुण (24) 14 महीने पहले अमेरिका के लिए निकला था। परिवार के लोगों ने आधी एकड़ जमीन बेचकर व 12 लाख रुपये कर्ज लेकर अरुण को अमेरिका भेजा था। परिवार ने कुल 45 लाख रुपये खर्च किए थे। अरुण के भाई गौरव ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता और वह खुद एक ही कंपनी में काम करते हैं। वह पांच भाई-बहन हैं। सभी भाई-बहनों की वह अच्छे से शादी करवा सके, इसलिए अरुण अमेरिका डॉलर कमाने गया था।

अरुण कई दिनों तक भूखे-प्यासे जंगल में पैदल चला। इस दौरान उसने नदी को भी पार किया था। जिसमें जान जाने का भी खतरा था। जिस नाव में 10 से 15 व्यक्ति बैठ सकते थे। उस पर 20 से 25 युवक होते थे। इस दौरान नाव पलटने का भी खतरा था। वह किसी तरह खतरों को पार कर 26 जनवरी को अमेरिका पहुंचा था, जहां अमेरिका की पुलिस ने पकड़ लिया। अब उन्हें चिंता है कि उनका कर्ज कैसे उतरेगा। कैसे घर चलेगा।

घरौंडा के कालरों गांव निवासी आकाश (20) ढाई एकड़ जमीन बेचकर 65 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका गया था। आकाश के भाई शुभम ने बताया कि वह 10 महीने पहले अमेरिका के लिए घर से निकला था। पहले वह जहाज में मुंबई गया। इसके बाद अलग-अलग देशों में भटका। एजेंट ने कई देशों को तो गाड़ी में छिपाकर पार कराया, कहीं जंगल के रास्ते पैदल चला। इस दौरान मैक्सिको के समीप नदी में उसके सारे कपड़े बह गए थे। इसके बाद उसके पास परिवार ने रुपये भेजे थे। तब जाकर वह 26 जनवरी को अमेरिका पहुंचा था। वहीं से अमेरिका की पुलिस ने पकड़ लिया। वह चार भाई हैं। पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। खेती करके ही घर का गुजारा होता था। अब जमीन भी बिक गई है। घर के लोगों को गुजारा चलाने की चिंता सता रही है।

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