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श्रीकृष्ण प्रेम में राधिका ने बीस बरस पहले छोड़ा घर-बार

Sat, 14 Dec 2013 04:01 PM IST
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र Updated Sat, 14 Dec 2013 04:01 PM IST
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Radika's love for Shri Krisna makes her zipsy
श्रीकृष्ण भक्ति में लीन मीरा ने ही भले ही महलों का त्याग न किया हो, लेकिन राधिका ने 16 बरस की उम्र में श्रीकृष्ण प्रेम में सभी ऐशोआराम त्याग दिए थे।
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धर्मग्रंथों और किस्से-कहानियों में भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन सदियों से मीरा ही भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का पर्याय है। दरअसल यह कहानी है जम्मू के एक धनाड्य परिवार से संबंध रखने वाली राधिका की।

बीस साल पहले जम्मू की कैनाल कॉलोनी की राधिका ने भगवान श्रीकृष्ण को ही पति मानकर घर छोड़ दिया था। तभी से भगवान श्रीकृष्ण की एक मूर्ति को पूरा श्रृंगार करके राधिका अपने साथ रखती हैं। उनकी श्रीकृष्ण भक्ति को देखकर अब लोग उन्हें मीरा नाम से ही पुकारने लगे हैं।
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कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में भगवान श्रीकृष्ण की कर्मस्थली पर आई राधिका से ‘अमर उजाला’ ने बात की। राधिका ने बताया कि वह अभी तक नौ बार अलग-अलग रुप में भगवान श्रीकृष्ण  से विवाह कर चुकीं है। वर्ष 2013 में राधिका ने गुजरात द्वारिका धाम जाकर मीरा, राधा और रुक्मिणी बनकर श्रीकृष्ण से ब्याह रचाया।
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यहां के गोकुल भवन, इस्कॉन मंदिर और रुक्मिणी मंदिर में उसने भगवान श्रीकृष्ण के साथ सात जन्मों के लिए फेरे भी लिए। जबकि तीनों बार भगवान श्रीकृष्ण की बारात द्वारिका धाम मंदिर से रवाना हुई और उक्त मंदिरों में पहुंची। श्रीजयराम आश्रम में गीता जयंती पर आयोजित श्रीभागतद ज्ञान महायज्ञ में कथा श्रवण करने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ में एक राधिका भी शामिल हुईं।

इस भीड़ में अनूठे अंदाज में दिखीं। बालों में कलर और दुल्हन की तरह सजी राधिका के मुताबिक उसकी गोद में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति आज से नहीं, बल्कि पिछले 20 साल से है। यहां तक की जलपान और शयन के समय भी वह मूर्ति को अपने संग रखती हैं।

बकौल राधिका, उसके पिता जम्मु एवं कश्मीर के प्रख्यात इंजीनियर थे। उनके पिता मुनीष शर्मा ने ही मां वैष्णो देवी दरबार का नवनिर्माण कार्य कराया था। तीन भाइयों की इकलौती बहन राधिका के अनुसार उसके बड़े भाई अशोक शर्मा हाल ही में भारतीय थल सेना में मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि दूसरा भाई रमेश चंद्र खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में है, जबकि तीसरे भाई दिनेश कुमार का फर्नीचर का कारोबार है।


राधिका ने बताया कि पहले वह कभी कभार अपने परिवार को मिलने जरूर जाती थीं, लेकिन जब से उसकी माता कृष्णा शर्मा का देहांत हुआ है, तब से वह घर नहीं गई।

 राधिका ने बताया कि जब उन्हें लोग मीरा कह कर बुलाते हैं तो उन्हें अच्छा लगता है। वहीं, उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में जो व्यक्ति या धर्मगुरु आडंबर रच कर गलत कृत्य करेगा, उसका सर्वनाश तय है।
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