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Karnal News: कौहंड में डीटीपी की कार्रवाई का विरोध, लौटना पड़ा वापस
Wed, 16 Jul 2025 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 16 Jul 2025 06:04 AM IST
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घरौंडा। गांव कोहंड में शनि मंदिर के निकट स्थित एक अवैध निर्माण (बंद पड़ी पुरानी फैक्टरी) को तोड़ने के लिए मंगलवार को जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) की टीम पहुंची। तोड़फोड़ शुरू करते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। मालिक ने विभाग की कार्रवाई को अवैध और दबाव में की जा रही कार्रवाई बताया। अधिकारी स्वयं निर्माण को हटाने की हिदायत देकर लाैट गए।
मंगलवार की सुबह डीटीपी की टीम पुलिस बल के साथ गांव कोहंड में स्थित बंद फैक्टरी पर पहुंची। मालिक की अनुपस्थिति में अधिकारियों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर जेसीबी के जरिए अंदर प्रवेश किया और साइड में बनी दीवारों को गिराना शुरू कर दिया। जैसे ही इस कार्रवाई की सूचना फैक्टरी मालिक अनिल कुमार और उनके पुत्र आशीष कुमार को मिली, वे दस्तावेज लेकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बताया कि फैक्टरी पर विवाद वर्षों पुराना है और मामला इस समय अदालत में विचाराधीन है। साथ ही उन्होंने (नोटिस ऑफ डिमोलेशन क्लेम) के लिए भी आवेदन किया हुआ है। कार्रवाई का विरोध करते हुए आशीष कुमार और अनिल कुमार जेसीबी के सामने बैठ गए और काम रुकवा दिया। मौके पर भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। फैक्टरी मालिकों के अनुसार, अधिकारियों को कोर्ट की स्थिति और दस्तावेज दिखाए गए, लेकिन वे कार्रवाई पर अड़े रहे। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद एटीपी (असिस्टेंट टाउन प्लानर) सुमित कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और अंततः कार्रवाई को रोककर टीम को वापस लौटना पड़ा।
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आशीष कुमार ने कहा कि हमने कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है और सभी दस्तावेज एनडीसी के लिए भी जमा किए गए हैं। इसके बावजूद डीटीपी विभाग के कुछ अधिकारी बेवजह परेशान कर रहे हैं। हमें एक महीने का समय मिला था, लेकिन एक सप्ताह में ही कार्रवाई करना गलत और दुर्भावनापूर्ण है।
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15 दिन का दिया गया समय : एटीपी
एटीपी सुमित कुमार ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने 15 दिन का समय लिखित में मांगा है, जिसे संज्ञान में लिया गया है। इसके बाद ही अगली विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार की सुबह डीटीपी की टीम पुलिस बल के साथ गांव कोहंड में स्थित बंद फैक्टरी पर पहुंची। मालिक की अनुपस्थिति में अधिकारियों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर जेसीबी के जरिए अंदर प्रवेश किया और साइड में बनी दीवारों को गिराना शुरू कर दिया। जैसे ही इस कार्रवाई की सूचना फैक्टरी मालिक अनिल कुमार और उनके पुत्र आशीष कुमार को मिली, वे दस्तावेज लेकर मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने विभागीय अधिकारियों को बताया कि फैक्टरी पर विवाद वर्षों पुराना है और मामला इस समय अदालत में विचाराधीन है। साथ ही उन्होंने (नोटिस ऑफ डिमोलेशन क्लेम) के लिए भी आवेदन किया हुआ है। कार्रवाई का विरोध करते हुए आशीष कुमार और अनिल कुमार जेसीबी के सामने बैठ गए और काम रुकवा दिया। मौके पर भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। फैक्टरी मालिकों के अनुसार, अधिकारियों को कोर्ट की स्थिति और दस्तावेज दिखाए गए, लेकिन वे कार्रवाई पर अड़े रहे। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद एटीपी (असिस्टेंट टाउन प्लानर) सुमित कुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और अंततः कार्रवाई को रोककर टीम को वापस लौटना पड़ा।
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आशीष कुमार ने कहा कि हमने कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है और सभी दस्तावेज एनडीसी के लिए भी जमा किए गए हैं। इसके बावजूद डीटीपी विभाग के कुछ अधिकारी बेवजह परेशान कर रहे हैं। हमें एक महीने का समय मिला था, लेकिन एक सप्ताह में ही कार्रवाई करना गलत और दुर्भावनापूर्ण है।
15 दिन का दिया गया समय : एटीपी
एटीपी सुमित कुमार ने बताया कि फैक्टरी मालिक ने 15 दिन का समय लिखित में मांगा है, जिसे संज्ञान में लिया गया है। इसके बाद ही अगली विभागीय कार्रवाई की जाएगी।