{"_id":"633754a89603ee55445a890f","slug":"property-worth-2-59-crores-seized-of-fraud-accused-karnal-news-knl122974637","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखाधड़ी के आरोपियों की 2.59 करोड़ की संपत्ति जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखाधड़ी के आरोपियों की 2.59 करोड़ की संपत्ति जब्त
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। फर्जी कंपनियां खोल मेच्योरिटी पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर एफडी और आरडी करा सैकड़ों लोगों के करीब 2 करोड़ 41 लाख 60 हजार 473 रुपये हड़प लिए। जिला पुलिस ने इन आरोपियों की 2 करोड़ 59 लाख 45 हजार 252 रुपये की चल व अचल संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई उपायुक्त करनाल अनीश यादव के आदेश पर की गई।
सीआईए वन से एसआई सलेंद्र सिंह व थाना शहर से एसआई सुखबीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने आरोपी मलूक सिंह उप्पल, भूपिंद्र कौर, हरप्रीत सिंह व गुरप्रीत सिंह, वासी मकान नंबर 95 लेन नंबर दो एनआरआई कॉलोनी, लोहारका रोड, अमृतसर थाना कैंटोनमेंट अमृतसर (पंजाब), सौरभ महाजन वासी लोहरी गेट शक्ति नगर अमृतसर, हाल निवासी गुरु नानक कटरा, कर्म सिंह अमृतसर पंजाब, मंदीप कौर गिल निवासी जसपाल एवेन्यु मेहता रोड अमृतसर, शशि भूषण यादव व महेश यादव वासी सूरजपुरा थाना भगवानपुर जिला बेगुसराय, बिहार हाल निवासी हकीकत नगर घोघड़ीपुर फाटक पार करनाल की 2 करोड़ 59 लाख 45 हजार 252 रुपये की चल व अचल संपत्ति कुर्क की गई है। इस संपत्ति में आरोपियों के घर, प्लॉट, खेत, वाहन व बैंक में जमा पूंजी शामिल है। यह कार्रवाई हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स इन फाइनेंस इस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत की गई है। इस संपत्ति पर अब आरोपियों का कोई अधिकार नहीं रहेेगा।
कंपनियों में रखे एजेंट
पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने बताया कि आरोपियों ने सर्वोत्तम विकास मल्टी स्टेट हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, सर्वोत्तम सेल्फ ग्रोथ निधि लिमिटेड, सर्वोत्तम हाई टेक लिमिटेड और सर्वोत्तम हाई-टेक इंफ्रा डेवलपर्स लिमिटेड के नाम से पंजाब के अमृतसर में फर्जी कंपनियां खोल रखी थी। इन फर्जी कंपनियों की शाखा करनाल में भी खोली थी। सभी आरोपी इन कंपनियों में प्रमुख पदों पर तैनात थे। आरोपियों ने इन कंपनियों में स्टाफ भर्ती किया था और फील्ड में भी अपने एजेंट रखे थे। कंपनी के कर्मचारी लोगों को विश्वास में लेकर एफडी और आरडी करने के नाम पर मोटी ब्याज दर देने व मैच्योरिटी के समय पर मोटी रकम देने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे और लंबी अवधि के लिए किस्त जमा करते थे। जब एफडी और आरडी का समय पूरा होने लगा और लोग जमा पूंजी मांगने लगे तो आरोपी कंपनियों को बंद कर भाग गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। फर्जी कंपनियां खोल मेच्योरिटी पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर एफडी और आरडी करा सैकड़ों लोगों के करीब 2 करोड़ 41 लाख 60 हजार 473 रुपये हड़प लिए। जिला पुलिस ने इन आरोपियों की 2 करोड़ 59 लाख 45 हजार 252 रुपये की चल व अचल संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई उपायुक्त करनाल अनीश यादव के आदेश पर की गई।
सीआईए वन से एसआई सलेंद्र सिंह व थाना शहर से एसआई सुखबीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने आरोपी मलूक सिंह उप्पल, भूपिंद्र कौर, हरप्रीत सिंह व गुरप्रीत सिंह, वासी मकान नंबर 95 लेन नंबर दो एनआरआई कॉलोनी, लोहारका रोड, अमृतसर थाना कैंटोनमेंट अमृतसर (पंजाब), सौरभ महाजन वासी लोहरी गेट शक्ति नगर अमृतसर, हाल निवासी गुरु नानक कटरा, कर्म सिंह अमृतसर पंजाब, मंदीप कौर गिल निवासी जसपाल एवेन्यु मेहता रोड अमृतसर, शशि भूषण यादव व महेश यादव वासी सूरजपुरा थाना भगवानपुर जिला बेगुसराय, बिहार हाल निवासी हकीकत नगर घोघड़ीपुर फाटक पार करनाल की 2 करोड़ 59 लाख 45 हजार 252 रुपये की चल व अचल संपत्ति कुर्क की गई है। इस संपत्ति में आरोपियों के घर, प्लॉट, खेत, वाहन व बैंक में जमा पूंजी शामिल है। यह कार्रवाई हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स इन फाइनेंस इस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत की गई है। इस संपत्ति पर अब आरोपियों का कोई अधिकार नहीं रहेेगा।
विज्ञापन
कंपनियों में रखे एजेंट
पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने बताया कि आरोपियों ने सर्वोत्तम विकास मल्टी स्टेट हाउसिंग कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, सर्वोत्तम सेल्फ ग्रोथ निधि लिमिटेड, सर्वोत्तम हाई टेक लिमिटेड और सर्वोत्तम हाई-टेक इंफ्रा डेवलपर्स लिमिटेड के नाम से पंजाब के अमृतसर में फर्जी कंपनियां खोल रखी थी। इन फर्जी कंपनियों की शाखा करनाल में भी खोली थी। सभी आरोपी इन कंपनियों में प्रमुख पदों पर तैनात थे। आरोपियों ने इन कंपनियों में स्टाफ भर्ती किया था और फील्ड में भी अपने एजेंट रखे थे। कंपनी के कर्मचारी लोगों को विश्वास में लेकर एफडी और आरडी करने के नाम पर मोटी ब्याज दर देने व मैच्योरिटी के समय पर मोटी रकम देने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे और लंबी अवधि के लिए किस्त जमा करते थे। जब एफडी और आरडी का समय पूरा होने लगा और लोग जमा पूंजी मांगने लगे तो आरोपी कंपनियों को बंद कर भाग गए।
विज्ञापन