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प्राइमरी स्कूलों में बैग फ्री और अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2020 02:54 AM IST
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prepation for english medium studies in primary schools from the new semester
विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में बदलाव आना शुरू हो गया है। जहां सक्षम हरियाणा कार्यक्रम से शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं अब संसाधनों में बढ़ोत्तरी करने के साथ-साथ सुविधाएं बढ़ाने पर भी निर्णय लिए जा रहे हैं। नए सत्र से प्राइमरी स्कूल बैग फ्री होने के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम होंगे। हरियाणा शिक्षा निदेशालय पंचकूला में हुई बैठक में हुए निर्णयों के अनुसार, जिले में 200 प्ले स्कूल नए खोले जाएंगे, जबकि शहर में 50 प्राइमरी स्कूलों को बैग फ्री बनाया जाएगा। इसके अलावा 25 से कम छात्र संख्या वाले जिले के 29 स्कूल भी अब बंद नहीं होंगे। यहां छात्रों की संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। पंचकूला में बैठक सहायक निदेशक नंदकिशोर वर्मा की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में सभी जिलों के डीएमसी, डीएसएस और एपीसी भी मौजूद रहे।
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किसी गांव में दो या ज्यादा स्कूल हैं, तो एक होगा बैग फ्री
करनाल जिले में कुल 418 प्राइमरी स्कूल हैं। बैठक में प्रदेश में 1000 प्राइमरी स्कूलों को बैग फ्री करने का निर्णय लिया गया। इससे शहर के 50 से ज्यादा स्कूल बैग फ्री होंगे, जबकि कई गांवों के स्कूलों को भी बैग फ्री बनाया जाएगा। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि यदि किसी गांव में दो या दो से ज्यादा प्राइमरी स्कूल हैं, तो उनमें से किसी एक को बैग फ्री किया जाएगा। जबकि अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाई सभी स्कूलों में हो सकेगी।
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200 नए के अलावा प्राइमरी स्कूलों में भी बनेगी प्ले स्कूल यूनिट
बैठक में प्रदेश में 4000 नए प्ले स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसमें करनाल जिले में 200 स्कूल नए खुलने की योजना है। इसके अतिरिक्त छात्र संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से चल रहे प्राइमरी स्कूलों में भी प्ले स्कूल यूनिट खोली जाएगी। कुल 418 प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में बच्चों को प्राइवेट प्ले स्कूलों से भी बेहतर सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है।
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...ताकि बढ़े छात्र संख्या
25 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बंद करने के निर्णय पर भी बैठक में चर्चा हुई। अब ऐसे स्कूलों को बंद नहीं करने का निर्णय लिया गया है। यहां प्ले स्कूल यूनिट खोल कर छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। जिले में ऐसे कुल 29 स्कूलों की सूची विभाग के पास है। सबसे ज्यादा 10 स्कूल इंद्री खंड के हैं, जबकि असंध और निसिंग खंड के छह-छह स्कूल हैं। इसी तरह नीलोखेड़ी खंड के चार, करनाल के दो और घरौंडा का महज एक ही स्कूल सूची में शामिल है।
तरावड़ी माडल स्कूल की तर्ज पर पांच और मॉडल स्कूल बनेंगे
बजट में सरकार का निर्णय था कि सभी ब्लॉकों में एक-एक मॉडल संस्कृति स्कूल खोला जाएगा। करनाल जिले के नीलोखेड़ी खंड में तरावड़ी में मॉडल संस्कृति स्कूल पहले से चल रहा है। अब इसकी तर्ज पर अन्य पांच खंडों में भी एक-एक स्कूल खोला जाएगा। जहां पूरी पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में होगी। साथ ही बच्चें को सभी सुविधाएं भी मिलेंगी।
शिक्षकों को ट्रेनिंग की जरूरत!
पुकार वक्त की संस्था की अध्यक्ष डॉ. कीर्ति गुप्ता का कहना है कि शुरूआत से ही स्कूलों में शिक्षक हिंदी माध्यम में ही पढ़ाते आए हैं। ऐसे में अब नए सत्र से अंग्रेजी माध्यम में सभी विषयों की पढ़ाई कराना भी आसान नहीं लग रहा। शिक्षकों को रिफ्रेशर कोर्स के साथ-साथ नए तरीके से पढ़ाने की ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए। ताकि सरकार का लक्ष्य भी पूरा हो और विद्यार्थियों का शैक्षणिक विकास भी हो।

हरियाणा शिक्षा निदेशालय पंचकूला में सहायक निदेशक नंदकिशोर वर्मा की अध्यक्षता में बैठक में कई निर्णय लिए गए। नए सत्र यानी पहली अप्रैल से ये लागू हो जाएंगे। सुविधाएं बढ़ने से विद्यार्थियों को भी फायदा होगा। हमारे शिक्षक भी इसके लिए तैयार हैं और यदि जरूरत हुई तो विभाग की ओर से ट्रेनिंग की भी व्यवस्था कराई जा सकती है। -डॉ. सुशील कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ करनाल।
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