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कार्यक्षमता के लिए खाकी की तैयारी, जिले में ही प्रशिक्षित हो सकेंगे जांच अधिकारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 02:18 AM IST
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Preparation of khaki for efficiency, investigating officers will be able to be trained in the district itself
करनाल। पुलिस की कार्य क्षमता और कुशलता को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत अब जिले में ही जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए तीनों जिले करनाल, कैथल और पानीपत के पुलिस अधीक्षकों से प्रस्ताव मांगा गया है कि उन्हें प्रशिक्षण के लिए किन-किन उपकरणों की आवश्यकता है। यह जानकारी करनाल रेंज आईजी ममता सिंह (आईपीएस) ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में साझा की।
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उन्होंने बताया कि तीनों पुलिस अधीक्षकों की ओर से प्रस्ताव आने के बाद उन्हें बजट जारी कर दिया जाएगा। फिर जिले में ही जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। विदित हो कि फिलहाल मधुबन पुलिस अकादमी में जांच अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में अलग-अलग अपराधों से संबंधित जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में अपराधी बहुत शातिर होते जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस को भी हाईटेक करने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
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डायल 112 में ही महिला हेल्प लाइन 1091 को भी जोड़ा जाएगा
आईजी ने बताया कि डायल 112 में महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 को जोड़ने का कार्य किया जा रहा हैै ताकि महिलाओं को समय पर पुलिस की सहायता प्राप्त हो सके। साथ ही सभी थाना क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी लगाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं, वह व्यापारियों व समाजसेवियों से मिलकर सीसीटीवी लगाएं, ताकि अपराधी को जल्द ही पकड़ा जाए।
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राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित है आईजी
आईपीएस ममता सिंह 1996 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की रहने वाली हैं और झारखंड तथा छत्तीसगढ़ में माओवादी के खिलाफ चलाए गए अभियान का नेतृत्व कर चुकी हैं। राष्ट्रीय मानव आयोग के साथ भी जुड़ी रही हैं। उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिला है।
महिला अपराध के विरुद्ध पुलिस तत्पर
आईजी ने कहा कि महिला विरुद्ध अपराध को लेकर पुलिस सतर्क है। शिकायत मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाती है और उसकी जांच शुरू कर दी जाती है। आवश्यकता है कि इसके लिए महिलाएं भी जागरूक हों और आवाज उठाएं।
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तीनों जिलों में हैं साइबर ठगी के केस
आईजी के अनुसार पानीपत जिले में जमीन पर कब्जा करना, लड़ाई झगड़ा और स्नैचिंग, चोरी संबंधित अपराध अधिक हैं। इसी तरह करनाल में परिवार विवाद, जिसमें जमीनी विवाद भी शामिल हैं, स्नैचिंग, चोरी और फिरौती के मामले सामने आए हैं। वहीं कैथल में इन अपराधों की संख्या कम है। साइबर ठगी के मामले तीनों जिलों में हैं, इसलिए रेंज में साइबर थाना खोला गया है और थाने में साइबर डेस्क और जिले में साइबर सेल की शुरुआत की गई है।
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चेन बनाकर अंतिम आरोपी को पकड़ने का रहता है प्रयास
नशे के मामले में पुलिस का उस मामले से जुड़े हर आरोपी को पकड़ने का प्रयास रहता है। जांच में यही सामने आया है कि आरोपी नशा मध्य प्रदेश, उड़ीसा आदि राज्यों से लेकर आते हैं। तीनों जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वह मेडिकल स्टोर पर ड्रग कंट्रोल अधिकारी के साथ मिलकर जांच और कार्रवाई करें।
पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर भी विभाग गंभीर
आईजी ने बताया कि विभाग पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर है। साल में अब दो बार हेल्थ चेकअप किया जाएगा। साथ ही जिस पुलिस कर्मचारी व अधिकारी को जो भी परेशानी होती है, उसका तुरंत समाधान किया जाता है।
मानसिक रूप से पुलिस कर्मी स्वस्थ रहें, इसके लिए सप्ताह में एक दिन का उन्हें अवकाश दिया जाता है। उनके बच्चों की शिक्षा के लिए डीएवी स्कूल मधुबन में पूरी व्यवस्था है।

पुरानी रंजिश के मामले में जुटाया जा रहा है रिकॉर्ड
आईजी ने बताया कि पुरानी रंजिश के मामले हत्या तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में निर्देश दिए गए हैं कि पुरानी रंजिश के मामलों की जानकारी जुटाई जाए और उन मामलों को समय रहते हल किया जाए ताकि उन मामलों में कोई बड़ी घटना न हो।
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