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Karnal News: हिंदी में हस्ताक्षर कर मातृभाषा को आगे बढ़ाने का लिया प्रण
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- दयाल सिंह महाविद्यालय में हिंदी साहित्य परिषद की ओर से मनाया जा रहा स्वभाषा सप्ताह
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हिंदी भले ही हमारी मातृभाषा है, लेकिन नई पीढ़ी इसे बोलने में झिझक महसूस करती है। पत्राचार भी अंग्रेजी में किया जाता है, ऐसे में हिंदी को आगे बढ़ाने का प्रण लेते हुए प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने हिंदी में हस्ताक्षर किए। मौका था अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में स्वभाषा सप्ताह के आगाज का।
दयाल सिंह महाविद्यालय में हिंदी साहित्य परिषद की ओर से यह सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके तहत पहली गतिविधि में स्वभाषा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमें 494 विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने अपनी मातृभाषा हिंदी में हस्ताक्षर कर अभियान को सफल बनाया।
प्राचार्य डॉ. आशीमा गक्खड़ ने हस्ताक्षर करते हुए अभियान का आगाज किया। उन्होंने कहा कि स्वभाषा हस्ताक्षर अभियान महत्वपूर्ण पहल है जो भारतीय समाज में राष्ट्रीय भावना और स्वाभिमान को मजबूत करने का काम करेगा। यही वजह है कि यूनेस्को द्वारा हर साल 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।
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विभागों को करेंगे जागरूक
हिंदी साहित्य परिषद अध्यक्ष डॉ. जय कुमार ने बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक धरोहर, और भाषाई समृद्धि का समर्थन करता है और भारतीय समाज को एकमतता की दिशा में अग्रसर करेगा। सप्ताह में प्रत्येक विभाग को हिंदी में पत्राचार करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। परिषद उपाध्यक्ष डॉ. यशवंती देवी ने बताया कि इस अभियान ने कॉलेज विद्यार्थियों को उत्साहित कर मातृभाषा के प्रति समर्थन का भाव पैदा किया। इस अवसर पर डॉ. रणधीर सिंह डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. सुभाष सैनी और डॉ. कमलेश मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हिंदी भले ही हमारी मातृभाषा है, लेकिन नई पीढ़ी इसे बोलने में झिझक महसूस करती है। पत्राचार भी अंग्रेजी में किया जाता है, ऐसे में हिंदी को आगे बढ़ाने का प्रण लेते हुए प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने हिंदी में हस्ताक्षर किए। मौका था अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में स्वभाषा सप्ताह के आगाज का।
दयाल सिंह महाविद्यालय में हिंदी साहित्य परिषद की ओर से यह सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसके तहत पहली गतिविधि में स्वभाषा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमें 494 विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने अपनी मातृभाषा हिंदी में हस्ताक्षर कर अभियान को सफल बनाया।
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प्राचार्य डॉ. आशीमा गक्खड़ ने हस्ताक्षर करते हुए अभियान का आगाज किया। उन्होंने कहा कि स्वभाषा हस्ताक्षर अभियान महत्वपूर्ण पहल है जो भारतीय समाज में राष्ट्रीय भावना और स्वाभिमान को मजबूत करने का काम करेगा। यही वजह है कि यूनेस्को द्वारा हर साल 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।
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विभागों को करेंगे जागरूक
हिंदी साहित्य परिषद अध्यक्ष डॉ. जय कुमार ने बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक धरोहर, और भाषाई समृद्धि का समर्थन करता है और भारतीय समाज को एकमतता की दिशा में अग्रसर करेगा। सप्ताह में प्रत्येक विभाग को हिंदी में पत्राचार करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। परिषद उपाध्यक्ष डॉ. यशवंती देवी ने बताया कि इस अभियान ने कॉलेज विद्यार्थियों को उत्साहित कर मातृभाषा के प्रति समर्थन का भाव पैदा किया। इस अवसर पर डॉ. रणधीर सिंह डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. सुभाष सैनी और डॉ. कमलेश मौजूद रहे।