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सेहत से खिलवाड़, डेयरी में मिलीं एक्सपायरी फ्लेवर्ड दूध की 8664 बोतलें
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नकली घी बनाए जाने की सूचना पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी की टीम के साथ मेरठ रोड स्थित गुडरिच डेयरी प्रोडक्ट पर छापा मारा जहां भारी मात्रा में दूध, खुले में रखा घी और क्रीम मिला। यहां फ्लेवर्ड दूध की 8664 बोतलें एक्सपायर तिथि की मिलीं, जिन्हें टीम ने मौके पर नष्ट कर दिया है। दूध व घी के सैंपल लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि घी या दूध मिलावटी है या नहीं। इसी आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि उन्हें गोपनीय जानकारी मिली थी कि करनाल में मेरठ रोड स्थित गुडरिच डेयरी प्रोडक्ट फैक्टरी में नकली घी बनाया जा रहा है, यहां दूध की जानकारी नहीं मिली थी। सूचना पर सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. संदीप कादियान के साथ संयुक्त टीम गठित कर छापा मारा गया।
डेयरी मालिक का नाम अमित गर्ग निवासी, सेक्टर-14 करनाल है। निरीक्षण करने पर यहां टैंक में 8000 लीटर दूध, एक खुले टैंक में 200 किलोग्राम मक्खन, एक टैंक में घी 700 किलोग्राम व खुला घी 993 लीटर और स्टोर में भैंस का शुद्ध घी व गाय के घी का स्टॉक मिला है। डेयरी क्रीम मार्का गुडरिच की 2976 बोतल व एक खुले ड्रम में 30 किलोग्राम क्रीम मिली। एक्सपायरी तिथि के विभिन्न फ्लेवर के दूध की पैक्ड बोतलें मिली हैं। जिसमें स्ट्रॉबेरी फ्लेवर की 1296 बोतलें, बटर स्कॉच फ्लेवर की 816 बोतलें, बादाम फ्लेवर की 3816 बोतलें, केसर फ्लेवर की 1920 बोतलें, चॉकलेट फ्लेवर 264 बोतलें, इलायची फ्लेवर 504 बोतलें, कॉफी फ्लेवर 48 बोतलें मिली हैं। एक्सपायरी तिथि की इन सभी फ्लेवर्ड दूध की पैक्ड बोतलों को सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. संदीप कादियान की देखरेख में नष्ट किया गया।
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जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
मौके पर मिले सभी उत्पादों के डा. संदीप कादियान द्वारा अलग-अलग सैंपल लेकर सील किया गया है। जिन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया है। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। डेयरी मालिक अमित गर्ग ने बताया कि डेयरी पर कुछ भी गलत नहीं मिला है, जो एक्सपायर दूध की बोतलें मिली हैं, उन्हें नष्ट करने के लिए ही डेयरी के एक कोने में रख दिया गया था। उसके यहां किसी तरह का मिलावटी या नकली प्रोडक्ट नहीं बनाया जाता है, उसकी कंपनी प्रतिष्ठित कंपनी है, बदनामी वाला कोई काम नहीं कर सकते।
वर्जन
गुडरिच डेयरी प्रोडक्ट के सात सैंपल लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। एक्सपायर डेट फ्लेवर्ड दूध की बोतलों से दूध निकालकर नष्ट कर दिया गया है।
डॉ. संदीप कादियान, सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के प्रभारी राजेंद्र ने बताया कि उन्हें गोपनीय जानकारी मिली थी कि करनाल में मेरठ रोड स्थित गुडरिच डेयरी प्रोडक्ट फैक्टरी में नकली घी बनाया जा रहा है, यहां दूध की जानकारी नहीं मिली थी। सूचना पर सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. संदीप कादियान के साथ संयुक्त टीम गठित कर छापा मारा गया।
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डेयरी मालिक का नाम अमित गर्ग निवासी, सेक्टर-14 करनाल है। निरीक्षण करने पर यहां टैंक में 8000 लीटर दूध, एक खुले टैंक में 200 किलोग्राम मक्खन, एक टैंक में घी 700 किलोग्राम व खुला घी 993 लीटर और स्टोर में भैंस का शुद्ध घी व गाय के घी का स्टॉक मिला है। डेयरी क्रीम मार्का गुडरिच की 2976 बोतल व एक खुले ड्रम में 30 किलोग्राम क्रीम मिली। एक्सपायरी तिथि के विभिन्न फ्लेवर के दूध की पैक्ड बोतलें मिली हैं। जिसमें स्ट्रॉबेरी फ्लेवर की 1296 बोतलें, बटर स्कॉच फ्लेवर की 816 बोतलें, बादाम फ्लेवर की 3816 बोतलें, केसर फ्लेवर की 1920 बोतलें, चॉकलेट फ्लेवर 264 बोतलें, इलायची फ्लेवर 504 बोतलें, कॉफी फ्लेवर 48 बोतलें मिली हैं। एक्सपायरी तिथि की इन सभी फ्लेवर्ड दूध की पैक्ड बोतलों को सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी डॉ. संदीप कादियान की देखरेख में नष्ट किया गया।
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जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
मौके पर मिले सभी उत्पादों के डा. संदीप कादियान द्वारा अलग-अलग सैंपल लेकर सील किया गया है। जिन्हें जांच के लिए लैब भेज दिया है। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। डेयरी मालिक अमित गर्ग ने बताया कि डेयरी पर कुछ भी गलत नहीं मिला है, जो एक्सपायर दूध की बोतलें मिली हैं, उन्हें नष्ट करने के लिए ही डेयरी के एक कोने में रख दिया गया था। उसके यहां किसी तरह का मिलावटी या नकली प्रोडक्ट नहीं बनाया जाता है, उसकी कंपनी प्रतिष्ठित कंपनी है, बदनामी वाला कोई काम नहीं कर सकते।
वर्जन
गुडरिच डेयरी प्रोडक्ट के सात सैंपल लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। एक्सपायर डेट फ्लेवर्ड दूध की बोतलों से दूध निकालकर नष्ट कर दिया गया है।
डॉ. संदीप कादियान, सहायक खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी