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स्कूलों में 40 फीसदी शिक्षकों का टोटा, जहां पर्याप्त हैं वहां युक्तिकरण से बिगड़ेगी व्यवस्था

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 02:33 AM IST
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Players' dreams are broken due to lack of treatment
माडल टाऊन स्कूल में बैठे बच्चे।
गगन तलवार
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करनाल। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के तबादले और युक्तिकरण की प्रक्रिया चल रही है। इससे शिक्षा विभाग तो सभी स्कूलों में शिक्षक मिलने का दावा कर रहा है। वहीं शिक्षक यूनियन युक्तिकरण में अपनाई गई प्रक्रिया के फैसले के विरोध में हैं। उनका कहना है कि स्कूलों मेें विषय के विशेषज्ञ शिक्षकों के पद कैप्ट किए गए हैं। यदि इन विषयों के शिक्षक ही नहीं होंगे तो विद्यार्थियों की पढ़ाई को नुकसान होगा।
जिले के 781 राजकीय स्कूलों में से 40 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की कमी है। कई स्कूल तो महज एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। 61 स्कूलों में मुखिया सहित सभी श्रेणी के मिलाकर कुल 1975 पद लंबे समय से खाली हैं। जबकि विभाग की ओर से जिले के लिए 7038 अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं। इधर, यह भी माना जा रहा है कि जिन स्कूलों में शिक्षक पर्याप्त हैं, वहां युक्तिकरण के तहत कई पदों को कैप्ट किया गया है। ताकि तबादला प्रक्रिया में इन सीटों पर अध्यापक नियुक्ति न ले सकें। ऐसे में जब प्रक्रिया पूरी होगी तो ये कैप्ट पद रिक्त रह जाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि जब ट्रांसफर ड्राइव के बाद स्थिति पर नजर डालेंगे तो जिन स्कूलों में अभी पर्याप्त शिक्षक हैं, वहां भी शिक्षकों की कमी मिलेगी। क्योंकि कैप्ट पद रिक्त जाएंगे। इससे यहां बनी हुई व्यवस्था भी बिगड़ेगी। वर्तमान में जिले में 781 स्कूलों में कक्षा पहली से 12वीं तक 1.38 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ब्यूरो
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इस तरह कम होंगे शिक्षक
नाम न छापने की शर्त पर शहर के एक राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि ट्रांसफर ड्राइव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके स्कूल में आधे से भी कम स्टाफ रह जाएगा। वर्तमान में उनके स्कूल में 39 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 10 खाली हैं। ट्रांसफर ड्राइव के बाद 28 शिक्षक चले जाएंगे। कक्षा छह से आठ के वर्तमान में कार्य कर रहे सात में से दो और कक्षा 9वीं से 12वीं के 24 शिक्षकों में से 15 चले जाएंगे।
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यह है स्थिति : पीजीटी और टीजीटी की ज्यादा कमी
शिक्षक कुल कार्यरत गेस्ट रिक्त
जेबीटी 2370 1486 475 409
लेक्चरर (पीजीटी) 2124 1361 84 679
मास्टर (टीजीटी) 1449 765 216 468
सी एंड वी 784 359 67 358
एलेमेंट्री हेड 135 86 00 49
प्रधानाचार्य 120 105 00 05
मुख्याध्यापक 56 49 00 07
कुल 7038 4211 842 1975
स्कूलों की स्थिति
वरिष्ठ माध्यमिक 112
मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक 07
हाई 57
माध्यमिक 118
प्राथमिक 421
प्राथमिक मॉडल संस्कृति 66
कुल 781
करनाल में शुरू होगा प्रदेश स्तरीय क्रमिक अनशन
हसला के जिलाध्यक्ष श्याम लाल का कहना है कि युक्तिकरण और तबादला प्रक्रिया के विरोध में करनाल में प्रदेश स्तरीय क्रमिक अनशन होगा। यहां रोजाना चार जिलों के शिक्षक आकर अनशन और धरने पर बैठेंगे। इसे लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। आज या कल से धरना शुरू कर दिया जाएगा।
पीटीआई के बिना कैसे संभालेंगे व्यवस्था : हसला
पीटीआई सहित कई विषयों के शिक्षकों के पद कैप्ट किए हैं। बड़े स्कूलों में पीटीआई ही व्यवस्था बनाते हैं। यदि यहां पीटीआई ही नहीं होंगे तो कैसे व्यवस्था बनेगी। इसी तरह गणित और साइंस सहित कई विषयों के शिक्षक भी जरूरत अनुसार घटेंगे, जहां अभी पूरे हैं। कई जगह स्कूल मुखिया का पद भी कैप्ट है। बिना मुखिया कैसे स्कूल चल सकता है।

- बीर सिंह राणा, पूर्व संरक्षक हसला
सभी स्कूलों में शिक्षक देने का प्रयास : विभाग
ट्रांसफर ड्राइव के तहत जिन स्कूलों में अभी शिक्षकों की ज्यादा कमी है। वहां शिक्षक मिल जाएंगे। वर्तमान में जो स्कूल एक शिक्षक के सहारे चल रहा है, वहां और शिक्षक आ जाएंगे। जहां शिक्षक ज्यादा हैं, वहां से दूसरे स्कूलों में भेजने के लिए ही यह प्रक्रिया चलाई गई है। युक्तिकरण जरूरी है ताकि विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूल को शिक्षक मिलें।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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