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ऐसी दिखाई बहादुरी नहीं भूल पाएंगे लोग
अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Thu, 14 Nov 2013 11:29 PM IST
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कैथल के सेठान मोहल्ला निवासी 14 वर्षीय राहुल ने चाचा नेहरू पार्क के पास झील में डूबते हुए दो बच्चों की जिंदगी बचाकर बहादुरी का परिचय देकर एक मिसाल कायम की है।
इस बहादुर बच्चे को वीरवार को डीसी एनके सोलंकी ने बाल दिवस पर बाल भवन में आयोजित बाल दिवस समारोह में राहुल को सम्मानित किया।
गत 30 जून को राहुल पार्क के पास झील के किनारे सुबह की सैर कर रहे थे। झील के आसपास 16 वर्षीय सूरज और 14 वर्षीय पूजा जो कैलरम भट्ठे पर काम करने वाले गरीब मजदूर के बच्चे थे। नजदीक के चिकित्सक से दवाई लेकर ईधर से गुजर रहे थे कि अचानक इनके पीछे बंदर लग गए। डर के मारे जान बचाने के लिए सूरज व पूजा झील में कूद गए।
झील में कूदने पर राहुल की नजर इन बच्चों पर पड़ी। राहुल ने झील में छलांग लगाकर पहले पूजा को बचाकर तैरकर किनारे पर छोड़ा, उसके बाद सूरज को डूबने से बचाकर दो जिंदगियों को बचाने में कामयाबी हासिल की। कपड़े के कारीगर श्रीकिशन के सुपुत्र राहुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आठवीं कक्षा का छात्र है।
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राहुल ने बताया कि झील में जान बचाने के लिए कूदे सूरज व पूजा अगर थोड़ी देर और पानी में रह जाते तो उन्हें बचाना मुश्किल था। सूरज बंदरों के हमले के कारण घायल भी हो गया था। जिसका बाद में डाक्टर के पास ले जाकर इलाज करवाया।
डीसी एनके सोलंकी ने राहुल के इस बहादुरी कारनामे के लिए मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों से अन्य बच्चों को भी जीवन में प्रेरणा लेनी चाहिए। राहुल ने दो जिंदगियों को बचाकर मानव परोपकार की अनूठी मिसाल कायम की है।
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इस बहादुर बच्चे को वीरवार को डीसी एनके सोलंकी ने बाल दिवस पर बाल भवन में आयोजित बाल दिवस समारोह में राहुल को सम्मानित किया।
गत 30 जून को राहुल पार्क के पास झील के किनारे सुबह की सैर कर रहे थे। झील के आसपास 16 वर्षीय सूरज और 14 वर्षीय पूजा जो कैलरम भट्ठे पर काम करने वाले गरीब मजदूर के बच्चे थे। नजदीक के चिकित्सक से दवाई लेकर ईधर से गुजर रहे थे कि अचानक इनके पीछे बंदर लग गए। डर के मारे जान बचाने के लिए सूरज व पूजा झील में कूद गए।
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झील में कूदने पर राहुल की नजर इन बच्चों पर पड़ी। राहुल ने झील में छलांग लगाकर पहले पूजा को बचाकर तैरकर किनारे पर छोड़ा, उसके बाद सूरज को डूबने से बचाकर दो जिंदगियों को बचाने में कामयाबी हासिल की। कपड़े के कारीगर श्रीकिशन के सुपुत्र राहुल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आठवीं कक्षा का छात्र है।
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राहुल ने बताया कि झील में जान बचाने के लिए कूदे सूरज व पूजा अगर थोड़ी देर और पानी में रह जाते तो उन्हें बचाना मुश्किल था। सूरज बंदरों के हमले के कारण घायल भी हो गया था। जिसका बाद में डाक्टर के पास ले जाकर इलाज करवाया।
डीसी एनके सोलंकी ने राहुल के इस बहादुरी कारनामे के लिए मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों से अन्य बच्चों को भी जीवन में प्रेरणा लेनी चाहिए। राहुल ने दो जिंदगियों को बचाकर मानव परोपकार की अनूठी मिसाल कायम की है।