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Karnal News: हड़ताल पर पटवारी व कानूनगो… पटवारखाने का कामकाज रहा ठप
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लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठे पटवारी। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री की ओर से निलंबित किए गए पटवारियों को बहाल करने की मांग करते हुए शुक्रवार को पटवारियों एवं कानूनगो ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। इससे पटवारखाने पर ताला लटका रहा। लोगों को अपने काम के लिए भटकना पड़ा। किसी का इंतकाल तसदीक संबंधित कार्य नहीं हो पाया तो कोई जमाबंदी व अन्य रिपोर्ट को लेकर कार्यालयों के चक्कर काटता रहा।
हड़ताल पर जाने के बाद अपनी मांगों को लेकर पटवारियों ने लघु सचिवालय के सामने धरना देकर विरोध जताया। पटवारियों का कहना है कि बिना पूरी जांच के कार्रवाई की गई, यह गलत है। अब उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो दो फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
जिला प्रधान कश्मीर सिंह और महासचिव पंकज ने बताया कि अक्तूबर माह में हुई बरसात से प्रभावित फसलों का सही तरीके से सर्वे न होने से मुख्यमंत्री की ओर से छह पटवारियों को निलंबित किया गया था। आरोप है कि पटवारियों ने लगभग 100 एकड़ में पानी में डूबी फसल के फोटो एक ही स्थान पर खड़े होकर ले लिए। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
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ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
प्रधान ने बताया कि मामले को लेकर दिसंबर माह में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। 15 जनवरी को जींद में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि अगर 29 जनवरी तक निलंबित पटवारियों को बहाल नहीं किया गया, तो 30 जनवरी को सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा।
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करनाल। मुख्यमंत्री की ओर से निलंबित किए गए पटवारियों को बहाल करने की मांग करते हुए शुक्रवार को पटवारियों एवं कानूनगो ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की। इससे पटवारखाने पर ताला लटका रहा। लोगों को अपने काम के लिए भटकना पड़ा। किसी का इंतकाल तसदीक संबंधित कार्य नहीं हो पाया तो कोई जमाबंदी व अन्य रिपोर्ट को लेकर कार्यालयों के चक्कर काटता रहा।
हड़ताल पर जाने के बाद अपनी मांगों को लेकर पटवारियों ने लघु सचिवालय के सामने धरना देकर विरोध जताया। पटवारियों का कहना है कि बिना पूरी जांच के कार्रवाई की गई, यह गलत है। अब उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो दो फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
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जिला प्रधान कश्मीर सिंह और महासचिव पंकज ने बताया कि अक्तूबर माह में हुई बरसात से प्रभावित फसलों का सही तरीके से सर्वे न होने से मुख्यमंत्री की ओर से छह पटवारियों को निलंबित किया गया था। आरोप है कि पटवारियों ने लगभग 100 एकड़ में पानी में डूबी फसल के फोटो एक ही स्थान पर खड़े होकर ले लिए। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
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ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
प्रधान ने बताया कि मामले को लेकर दिसंबर माह में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। 15 जनवरी को जींद में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि अगर 29 जनवरी तक निलंबित पटवारियों को बहाल नहीं किया गया, तो 30 जनवरी को सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा।