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धान हुआ बदरंग, औने-पौने दामों पर खरीद रहे मिलर्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 02:09 AM IST
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Paddy turned bad, millers buying it at throwaway prices
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। उठान शुरू न होने से अनाज मंडियां ओवरफ्लो हो गईं हैं। जिले की मंडियों में करीब 15 लाख क्विंटल धान पड़ा है। आलम यह है कि करनाल मंडी में तो मुख्य रास्तों पर भी धान डाल दिया गया है। इससे मंडी में जाम की स्थिति भी बनने लगी है। बारिश के कारण बड़ी संख्या में धान खराब होने की स्थिति में पहुंच गया है। धान का दाना बदरंग होने से किसान अब किसी भी स्थिति में उसे बेचना चाहते हैं, लेकिन राइस मिलर्स तीन से पांच अक्तूबर तक बिना उनके देखे एजेसियों द्वारा खरीदा गया धान लेना नहीं चाहते। राइस मिलर्स तो मंडियों में आ गए हैं, लेकिन राइस मिलर्स मनमाने तरीके से किसानों से सौदेबाजी कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकारी पोर्टल अभी तक ठीक तरीके से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि बुधवार को जिलेभर की मंडियों में सर्वाधिक 398950 क्विंटल धान की खरीद की गई है।
करनाल अनाज मंडी में ही करीब दो लाख क्विंटल धान पड़ा हुआ है। तीन से पांच अक्तूबर तक जो धान सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है। उसमें वह धान भी शामिल है, जो कई दिनों से मंडियों में पड़ा था और अब भी पड़ा है। उसमें पंखा नहीं लग पाया। जिससे वह बदरंग हो गया है। बारिश के कारण नीचे का धान खराब हो गया है। अब यह धान राइस मिलर्स लेना नहीं चाहते हैं, जबकि एजेंसियों ने तो राइस मिलर्स को ही आवंटित किया है। जिससे उसकी लिफ्टिंग नहीं हो पा रही है। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि बिना खरीदा गया धान बड़ी मात्रा में हैं, जिससे पलटा जा रहा है। राइस मिलर्स ने बुधवार को मंडियों में पहुंचकर अपनी पसंद से ढेरियों को खरीदना शुरू किया है। राइस मिलर्स अब धान नमीं को लेकर कट लगाकर धान खरीद रहे हैं। यानी 17 के बाद एक प्रतिशत पर एक या दो किलो धान का कट लगाया जा रहा है। ऐसे में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से पड़े धान को बदरंग व खराब बताकर उसका भार 1200 से 1500 रुपये तक लगाया जा रहा है। जिससे किसान खुद को ठगा महसूस कर रहा है। बहुत से किसानों ने मंडियों की स्थिति को देखते हुए कटाई भी रोक दी है। ठेकेदार भी लिफ्टिंग कराने में असफल है। जिला प्रशासन लिफ्टिंग शुरू कराने का दावा तो कर रहा है लेकिन मंडियां खाली नहीं हो पा रही हैं।
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398950 क्विंटल हुई धान की खरीद
-जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक अशोक रावत ने बताया कि बुधवार को रात नौ बजे तक करनाल अनाज मंडी में 90 हजार क्विंटल की खरीद समेत जिलेभर की अनाज मंडियों में 398950 क्विंटल की खरीद की गई है। अब तक की कुल खरीद 543120 क्विंटल है। अब आगे भी धान की खरीद में कोई समस्या नहीं रहेगी।
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कुंजपुरा मंडी में किसानों-आढ़तियों का हंगामा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मार्केट कमेटी के सचिव अनिल कुमार द्वारा राइस मिलों को जाने वाली ट्रालियों को रोकने को लेकर आढ़तियों, राइस मिलर्स व किसानों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर उपायुक्त के निर्देश पर मार्केटिंग बोर्ड के क्षेत्रीय प्रशासक गगनदीप सिंह व जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी ईश्वर राणा मौके पर पहुंचे। तब जाकर कहीं समस्या का समाधान हो सका।

कुंजपुरा अनाज मंडी में धान से भरी पड़ी है। आढ़ती व किसान चाहते हैं कि खरीदा गया धान राइस मिलों को जाए, जिससे मंडी में जहर बन सके। किसान अपना धान मंडी के अंदर ला सकें, लेकिन सचिव अनिल कुमार ने यह कहकर धान की ट्रालियों का बाहर जाने से रोक दिया कि ऊपर के आदेश नहीं है। इस पर मार्केट कमेटी कुंजपुरा के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह के साथ कई आढ़ती, राइस मिलर्स व किसान पहुंचे। सचिव के साथ तीखी नोकझोक हो गई। किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले की शिकायत उपायुक्त से की गई तो उनके निर्देश पर मार्केटिंग बोर्ड के क्षेत्रीय प्रशासक व जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी मौके पर पहुंचे। मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक के संज्ञान में मामला लाया गया। अधिक हंगामा होते देख सचिव मौके से चले गए। फिर ट्रालियों को रवाना किया गया।
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