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Karnal News: 17.03 प्रतिशत नमी पर भी नहीं खरीदा धान
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करनाल अनाज मंडी में धान की नमी की जांच करते डीएफएससी के अधिकारी संवाद
करनाल। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को पीआर धान की सरकारी खरीद कराने के लिए डीएफएससी के अधिकारी नई अनाज मंडी पहुंचे। अधिकारियों ने यहां शेड नंबर दो के नीचे पड़े धान की नमी की जांच की। मापक यंत्र में नमी 17.03 प्रतिशत दर्ज की गई। सरकार के 17 प्रतिशत तक नमी की धान की खरीद करने के आदेशों का हवाला देकर खरीद करने इन्कार कर दिया। किसानों ने विरोध जताया पर सरकारी आदेशों की बात कह कर चले गए। इस कारण खरीद का कार्य धीमी गति से चला और मंडी में धान की ढेरियां लगी रही।
किसान का कहना है कि वो शनिवार की सुबह आठ बजे धान लेकर मंडी आया था। तीन दिन तक एजेंसी की ओर से कोई अधिकारी नमी तक की जांच करने नहीं पहुंचा। दो रातें धान की बोरियों पर सोकर काटी। न नहाए और ही कुछ खाया। सोमवार को अधिकारी पहुंचे और सिर्फ पाॅइंट तीन प्रतिशत नमी ज्यादा होने पर धान नहीं खरीदा।
किसानों ने आढ़ती के मापक यंत्र से जांच कराई तो नमी की मात्रा 14.01 निकली। उन्होंने दोबारा से एजेंसी को नमी जांचने की मांग की। दूसरी बार में धान में 17.08 नमी मिली।
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करनाल। अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ ही उठान की धीमी रफ्तार ने व्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शेडों के नीचे खरीदे गए धान की बोरियां और बाहर पड़ी धान की ढेरियों के कारण अब मंडी में नई आवक रखने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। हालात यह हैं कि किसानों को सड़कों के किनारे तक धान की ढेरियां लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मंडी में अब तक 69,153.70 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से सरकारी स्तर पर 6,674.52 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जबकि खरीदे गए धान में से महज 232.46 मीट्रिक टन का ही उठान हो सका है। यानी कुल आवक की 5.09 प्रतिशत खरीद हुई। कुल खरीद का केवल 5.47 प्रतिशत ही उठान किया गया। खरीदे गए धान के 94.53 प्रतिशत उठान का इंतजार है। खरीदा गया धान शेडों में ही पड़ा रहने से नई आवक के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है।
धान के उठान में तेजी लाने के लिए एजेंसियों को निर्देशित किया गया है। रविवार को छुट्टी होने के कारण खरीद और उठान कार्य नहीं हो पाया। धान की बोरियों का जल्द उठान कराकर किसानों को जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
-संजीव, मंडी सुपरवाइजर
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किसान का कहना है कि वो शनिवार की सुबह आठ बजे धान लेकर मंडी आया था। तीन दिन तक एजेंसी की ओर से कोई अधिकारी नमी तक की जांच करने नहीं पहुंचा। दो रातें धान की बोरियों पर सोकर काटी। न नहाए और ही कुछ खाया। सोमवार को अधिकारी पहुंचे और सिर्फ पाॅइंट तीन प्रतिशत नमी ज्यादा होने पर धान नहीं खरीदा।
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किसानों ने आढ़ती के मापक यंत्र से जांच कराई तो नमी की मात्रा 14.01 निकली। उन्होंने दोबारा से एजेंसी को नमी जांचने की मांग की। दूसरी बार में धान में 17.08 नमी मिली।
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करनाल। अनाज मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ ही उठान की धीमी रफ्तार ने व्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। शेडों के नीचे खरीदे गए धान की बोरियां और बाहर पड़ी धान की ढेरियों के कारण अब मंडी में नई आवक रखने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। हालात यह हैं कि किसानों को सड़कों के किनारे तक धान की ढेरियां लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मंडी में अब तक 69,153.70 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से सरकारी स्तर पर 6,674.52 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है, जबकि खरीदे गए धान में से महज 232.46 मीट्रिक टन का ही उठान हो सका है। यानी कुल आवक की 5.09 प्रतिशत खरीद हुई। कुल खरीद का केवल 5.47 प्रतिशत ही उठान किया गया। खरीदे गए धान के 94.53 प्रतिशत उठान का इंतजार है। खरीदा गया धान शेडों में ही पड़ा रहने से नई आवक के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है।
धान के उठान में तेजी लाने के लिए एजेंसियों को निर्देशित किया गया है। रविवार को छुट्टी होने के कारण खरीद और उठान कार्य नहीं हो पाया। धान की बोरियों का जल्द उठान कराकर किसानों को जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
-संजीव, मंडी सुपरवाइजर