{"_id":"66c3e3d9a79c1328320918a6","slug":"opd-will-start-in-deendayal-upadhyay-university-of-health-sciences-patients-will-get-facilities-karnal-news-c-18-knl1008-455433-2024-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विवि में शुरू होगी ओपीडी, मरीजों को मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विवि में शुरू होगी ओपीडी, मरीजों को मिलेगी सुविधा
विज्ञापन
- पहले चरण में पांच विशेषज्ञ होंगे नियुक्त, इनमें मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, ऑर्थोपेडिक और स्किन ओपीडी शामिल
- ओपीडी शुरू होने से जिला नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज की भीड़ होगी कम
- 750 करोड़ से बन रहे कुटेल विवि का प्रथम फेज बनकर तैयार
अनुज शर्मा
करनाल। कुटेल स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में सितंबर के पहले सप्ताह में बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) शुरू होगी। ओपीडी शुरू करने के पहले चरण में पांच विभिन्न विभागों की ओपीडी शुरू करने के दिशा-निर्देश कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं कुटेल विवि के चेयरमैन डॉ. एमके गर्ग ने संबंधित अधिकारियों को दे दिए हैं। जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि कुटेल यूनिवर्सिटी में पहले चरण में पांच अलग-अलग विभागों की ओपीडी शुरू होगी। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, ऑर्थोपेडिक व स्किन ओपीडी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये पांचों ओपीडी शुरू होने से आस आस के गांवों के लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज या नागरिक अस्पताल में नहीं आना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि वे कुटेल विवि का हर सप्ताह दौरा भी कर रहे हैं। जिससे वहां पर ओपीडी बेहतर ढंग से शुरू हो सके। विश्वविद्यालय ने नवंबर 2018 में 44 बीएससी नर्सिंग और 30 बीएससी फिजियोथेरेपी छात्रों के लिए कक्षाएं चल रही। ओपीडी शुरू होने से पहले ही बिजली, पेयजल से लेकर अन्य जरूरी कामों को निपटा लिया गया है। - संवाद
विज्ञापन
पांचों ओपीडी अस्पताल की रीढ़
निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि ये पांचों ओपीडी एक अस्पताल की रीढ़ है। मेडिसिन ओपीडी में खांसी, बुखार, जुकाम, उल्टी-दस्त लेकर अन्य सभी सामान्य प्रकार की बीमारियों के मरीजों की जांच होती है। सर्जरी ओपीडी सड़क दुर्घटना से लेकर अन्य शारीरिक बीमारियों में सहायक है। गायनी ओपीडी में महिलाएं अपनी हर प्रकार की बीमारियों का इलाज करवा सकेंगी। ऑर्थो ओपीडी में हड्डी रोग से पीड़ित मरीज इलाज करवा सकता है। स्किन ओपीडी में आजकल चमड़ी का रोग अधिक बढ़ रहा है। ऐसे में स्किन ओपीडी शुरू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।
144 एकड़ भूमि में होगा निर्माण
दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय कुटेल की घोषणा मुख्यमंत्री ने 13 दिसंबर 2014 में थी। इसका निर्माण दो फेज में होना था। इस परियोजना की लागत 750 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण 144 एकड़ भूमि में हो रहा है। इसमें करनाल सहित 11 जिले पंचकूला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, हिसार, सिरसा, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, जींद व फतेहाबाद कवर होंगे। यहां 750 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनेगा। प्रथम फेज का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। जिसे जून 2023 में पूरा होना था। कोरोना व अन्य कारणों से इसका निर्माण कार्य अगस्त 2024 में पूरा हो पाया है। प्रथम फेज में नर्सिंग कॉलेज, साइकोलॉजी कॉलेज, फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट, आरडीए होस्टल, लड़के व लड़कियों का होस्टल, अस्पताल भवन, एडमिन ब्लाॅक, एनिमल हाउस, धर्मशाला, लाईब्रेरी ब्लाॅक, लेक्चर हॉल व पुलिस बूथ बन कर तैयार हो चुके हैं।
फेज-दो और आगामी योजना
फेज-दो में डेंटल कॉलेज, पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, ऑडिटोरियम और रेजिडेंट कॉम्पलेक्स बनेगा। इसके अलावा भविष्य में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्मेसी कॉम्पलेक्स, यूजी लड़कों का होस्टल, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, एसआर डॉक्टर रेजीडेंसी, क्लब हाउस, फैकल्टी गेस्ट हाउस, सामुदायिक केंद्र, डॉक्टर रेजिडेंस टाइप एक से छह तक बनाए जाने की संभावना है।
विज्ञापन
- ओपीडी शुरू होने से जिला नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज की भीड़ होगी कम
- 750 करोड़ से बन रहे कुटेल विवि का प्रथम फेज बनकर तैयार
अनुज शर्मा
करनाल। कुटेल स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में सितंबर के पहले सप्ताह में बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) शुरू होगी। ओपीडी शुरू करने के पहले चरण में पांच विभिन्न विभागों की ओपीडी शुरू करने के दिशा-निर्देश कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं कुटेल विवि के चेयरमैन डॉ. एमके गर्ग ने संबंधित अधिकारियों को दे दिए हैं। जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि कुटेल यूनिवर्सिटी में पहले चरण में पांच अलग-अलग विभागों की ओपीडी शुरू होगी। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, ऑर्थोपेडिक व स्किन ओपीडी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये पांचों ओपीडी शुरू होने से आस आस के गांवों के लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज या नागरिक अस्पताल में नहीं आना पड़ेगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वे कुटेल विवि का हर सप्ताह दौरा भी कर रहे हैं। जिससे वहां पर ओपीडी बेहतर ढंग से शुरू हो सके। विश्वविद्यालय ने नवंबर 2018 में 44 बीएससी नर्सिंग और 30 बीएससी फिजियोथेरेपी छात्रों के लिए कक्षाएं चल रही। ओपीडी शुरू होने से पहले ही बिजली, पेयजल से लेकर अन्य जरूरी कामों को निपटा लिया गया है। - संवाद
विज्ञापन
पांचों ओपीडी अस्पताल की रीढ़
निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि ये पांचों ओपीडी एक अस्पताल की रीढ़ है। मेडिसिन ओपीडी में खांसी, बुखार, जुकाम, उल्टी-दस्त लेकर अन्य सभी सामान्य प्रकार की बीमारियों के मरीजों की जांच होती है। सर्जरी ओपीडी सड़क दुर्घटना से लेकर अन्य शारीरिक बीमारियों में सहायक है। गायनी ओपीडी में महिलाएं अपनी हर प्रकार की बीमारियों का इलाज करवा सकेंगी। ऑर्थो ओपीडी में हड्डी रोग से पीड़ित मरीज इलाज करवा सकता है। स्किन ओपीडी में आजकल चमड़ी का रोग अधिक बढ़ रहा है। ऐसे में स्किन ओपीडी शुरू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।
144 एकड़ भूमि में होगा निर्माण
दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय कुटेल की घोषणा मुख्यमंत्री ने 13 दिसंबर 2014 में थी। इसका निर्माण दो फेज में होना था। इस परियोजना की लागत 750 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण 144 एकड़ भूमि में हो रहा है। इसमें करनाल सहित 11 जिले पंचकूला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, हिसार, सिरसा, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, जींद व फतेहाबाद कवर होंगे। यहां 750 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनेगा। प्रथम फेज का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। जिसे जून 2023 में पूरा होना था। कोरोना व अन्य कारणों से इसका निर्माण कार्य अगस्त 2024 में पूरा हो पाया है। प्रथम फेज में नर्सिंग कॉलेज, साइकोलॉजी कॉलेज, फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट, आरडीए होस्टल, लड़के व लड़कियों का होस्टल, अस्पताल भवन, एडमिन ब्लाॅक, एनिमल हाउस, धर्मशाला, लाईब्रेरी ब्लाॅक, लेक्चर हॉल व पुलिस बूथ बन कर तैयार हो चुके हैं।
फेज-दो और आगामी योजना
फेज-दो में डेंटल कॉलेज, पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, ऑडिटोरियम और रेजिडेंट कॉम्पलेक्स बनेगा। इसके अलावा भविष्य में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्मेसी कॉम्पलेक्स, यूजी लड़कों का होस्टल, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, एसआर डॉक्टर रेजीडेंसी, क्लब हाउस, फैकल्टी गेस्ट हाउस, सामुदायिक केंद्र, डॉक्टर रेजिडेंस टाइप एक से छह तक बनाए जाने की संभावना है।