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दानवीर कर्णनगरी में आठ साल में एक अंगदान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 01:35 AM IST
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One organ donation in eight years in Danveer Karnagri
सोनाली शर्मा
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करनाल। अंगदान महादान है, क्योंकि इससे कई लोगों की जिंदगी बच सकती हैं लेकिन दानवीर कर्ण नगरी में अंगदान करने वालों की भारी कमी है। पिछले आठ साल में जिले में केवल एक ही व्यक्ति द्वारा अंगदान किया गया है। हालांकि जिले में नेत्र और देह दान करने वालों की संख्या काफी है। यह जानकारी जन सेवा दल अपना आशियाना संस्था द्वारा दी गई जो कि दस वर्षों से नेत्र, देह और अंगदान को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। संस्था के अध्यक्ष चरणजीत बाली ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार दो लोगों द्वारा अंगदान किया गया है लेकिन एक मूल रूप से रोहतक जिले का निवासी था। करनाल के विजेंद्र सलूजा ने दो वर्ष पूर्व अंगदान किया था। उन्होंने मृत्यु से पहले ही अंगदान करने का फैसला किया था। उनके दान से पांच लोगों की मदद हुई थी। इस महादान के लिए उनके परिवार को सर्टिफिकेट दिया गया था। संवाद
ये अंग कर सकते हैं दान
अंगदान करने वाले व्यक्ति के जीवित अंगों को मृत्यु के बाद शरीर से निकाल कर मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जाता है। अंगदान में किडनी, लीवर, दिल, फेफड़े और आंखों का कॉर्निया शामिल हैं। ये सभी अंग करीब सात से आठ घंटे में ट्रांसप्लांट हो जाने चाहिए। दिल का ट्रांसप्लांट करीब चार से पांच घंटे में हो जाना चाहिए। एक व्यक्ति द्वारा किया गया अंगदान आठ लोगों की मदद कर सकता है। दुर्घटना के कारण मरीज के कई अंग खराब हो जाते हैं और उनके ट्रांसप्लांट के लिए डोनर न मिलने से उनकी मृत्यु हो जाती है।
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-डॉ निवेश अग्रवाल, प्रोफेसर व हेड, सर्जरी विभाग, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
कब कर सकते हैं अंगदान
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी की दुर्घटना में मृत्यु हुई हो तो उसके परिवार वाले मृतक का अंगदान कर सकते हैं। इसके अलावा अधिकतर अंगदान ब्रेन डेड के मामलों में किए जाते हैं। अगर किसी चोट के कारण दिमाग काम करना बंद कर देता है और शरीर के बाकी अंग जीवित रहते हैं तो उस व्यक्ति का परिवार की सहमति से अंगदान किया जा सकता है।
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अंगदान के प्रति जागरूकता जरूरी
लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता नहीं है क्योंकि उनमें इसके प्रति कई तरह की भ्रांतियां हैं कि अंगदान करने से अंगों की तस्करी हो सकती है, या तत्र विद्या में इस्तेमाल हो सकते हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है।
- राजकुमार, सदस्य, जन सेवा दल, अपना आशियाना
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