{"_id":"6605e54fed62097d580d30f4","slug":"one-class-room-one-teacher-system-implemented-in-culture-schools-karnal-news-c-18-knl1008-356323-2024-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: संस्कृति स्कूलों में एक कक्षा कक्ष, एक शिक्षक व्यवस्था लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: संस्कृति स्कूलों में एक कक्षा कक्ष, एक शिक्षक व्यवस्था लागू
विज्ञापन
- राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में बदली व्यवस्था, नए सत्र से सीबीएसई के प्रारूप में ही होगा संचालन
- संसाधनों और कमरों की स्थिति के आधार पर ही बनेंगे सेक्शन, आरक्षित सीटें दूसरे चरण में होंगी सामान्य
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में अब शिक्षा का स्तर और सुधरेगा। प्रत्येक स्कूल में शिक्षा निदेशालय की ओर से एक कक्षा कक्ष-एक शिक्षक व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था पहली अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र से लागू होगी। इसके साथ ही सीबीएसई के प्रारूप में ही स्कूल का संचालन होगा।
इसके लिए निदेशालय ने शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि स्कूलों में कमरों व अन्य ढांचागत संसाधनों के आधार पर ही कक्षाओं के सेक्शन बनाए जाएं। प्रत्येक कक्षा कमरे में ही लगे और विद्यार्थी डेस्क पर बैठकर ही पढ़ाई करें। साथ ही हर कमरे में एक शिक्षक का होना भी अनिवार्य किया गया है।
वहीं इन स्कूलों को अब तक केवल सीबीएसई की मान्यता मिली थी और परीक्षाएं सीबीएसई द्वारा ली जा रही थी लेकिन अब इन स्कूलों का संचालन भी सीबीएसई के प्रारूप में ही होगा। स्कूल के समय में कोई भी कक्षा ऐसी नहीं मिलेगी, जिसमें शिक्षक न हो और विद्यार्थी समुचित रूप से पढ़ाई के वातावरण में ही पढ़ाई करेंगे।
विज्ञापन
जिले में अभी तक आठ राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई की मान्यता पर चल रहे हैं। जबकि छह स्कूलों को इसी सत्र में मॉडल संस्कृति में अपग्रेड किया गया था, लेकिन अभी तक इनकी मान्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विभाग की ओर से मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले की अधिसूचना भी जारी कर दी है। 10 अप्रैल तक इन स्कूलों में दाखिले के लिए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
इन दस्तावेजों की जरूरत
मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले के लिए जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता अथवा संरक्षक का आयु के लिए शपथपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र के तौर पर आधार कार्ड या परिवार पहचान पत्र, आवेदन फार्म (यह स्कूल से निशुल्क मिलेगा) की जरूरत पड़ेगी। जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने बताया कि किसी भी बच्चे का दस्तावेजों के अभाव में दाखिला नहीं रोका जाएगा। अभिभावकों को 30 दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, तब तक अस्थायी दाखिला दिया जाएगा।
आरक्षित सीटें दूसरे चरण में होंगी सामान्य
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि नियम के अनुसार, 25 फीसदी सीटों को आरक्षित किया गया है, इस पर आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को ही दाखिला दिया जाएगा। यदि पहले चरण की दाखिला प्रक्रिया में इस वर्ग के विद्यार्थी नहीं आते हैं, तो बाद में इन सीटों को सामान्य श्रेणी के लिए खोल दिया जाएगा और दाखिला दिया जाएगा। विद्यालय विकास निधि का पैसा केवल स्कूल के विकास पर ही खर्च होगा।
ये हैं राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
- राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेलवे रोड
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाढ़ा
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घरौंडा
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निगदू
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माडल टाउन करनाल
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निसिंग
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तरावड़ी
विज्ञापन
- संसाधनों और कमरों की स्थिति के आधार पर ही बनेंगे सेक्शन, आरक्षित सीटें दूसरे चरण में होंगी सामान्य
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में अब शिक्षा का स्तर और सुधरेगा। प्रत्येक स्कूल में शिक्षा निदेशालय की ओर से एक कक्षा कक्ष-एक शिक्षक व्यवस्था को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था पहली अप्रैल से शुरू होने वाले नए सत्र से लागू होगी। इसके साथ ही सीबीएसई के प्रारूप में ही स्कूल का संचालन होगा।
इसके लिए निदेशालय ने शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि स्कूलों में कमरों व अन्य ढांचागत संसाधनों के आधार पर ही कक्षाओं के सेक्शन बनाए जाएं। प्रत्येक कक्षा कमरे में ही लगे और विद्यार्थी डेस्क पर बैठकर ही पढ़ाई करें। साथ ही हर कमरे में एक शिक्षक का होना भी अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
वहीं इन स्कूलों को अब तक केवल सीबीएसई की मान्यता मिली थी और परीक्षाएं सीबीएसई द्वारा ली जा रही थी लेकिन अब इन स्कूलों का संचालन भी सीबीएसई के प्रारूप में ही होगा। स्कूल के समय में कोई भी कक्षा ऐसी नहीं मिलेगी, जिसमें शिक्षक न हो और विद्यार्थी समुचित रूप से पढ़ाई के वातावरण में ही पढ़ाई करेंगे।
विज्ञापन
जिले में अभी तक आठ राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीबीएसई की मान्यता पर चल रहे हैं। जबकि छह स्कूलों को इसी सत्र में मॉडल संस्कृति में अपग्रेड किया गया था, लेकिन अभी तक इनकी मान्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विभाग की ओर से मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले की अधिसूचना भी जारी कर दी है। 10 अप्रैल तक इन स्कूलों में दाखिले के लिए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
इन दस्तावेजों की जरूरत
मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले के लिए जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता अथवा संरक्षक का आयु के लिए शपथपत्र, रिहायशी प्रमाणपत्र के तौर पर आधार कार्ड या परिवार पहचान पत्र, आवेदन फार्म (यह स्कूल से निशुल्क मिलेगा) की जरूरत पड़ेगी। जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने बताया कि किसी भी बच्चे का दस्तावेजों के अभाव में दाखिला नहीं रोका जाएगा। अभिभावकों को 30 दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, तब तक अस्थायी दाखिला दिया जाएगा।
आरक्षित सीटें दूसरे चरण में होंगी सामान्य
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि नियम के अनुसार, 25 फीसदी सीटों को आरक्षित किया गया है, इस पर आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को ही दाखिला दिया जाएगा। यदि पहले चरण की दाखिला प्रक्रिया में इस वर्ग के विद्यार्थी नहीं आते हैं, तो बाद में इन सीटों को सामान्य श्रेणी के लिए खोल दिया जाएगा और दाखिला दिया जाएगा। विद्यालय विकास निधि का पैसा केवल स्कूल के विकास पर ही खर्च होगा।
ये हैं राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
- राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेलवे रोड
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाढ़ा
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय घरौंडा
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्याना
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निगदू
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय माडल टाउन करनाल
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय निसिंग
- राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तरावड़ी