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मांगें पूरी होने की बात सुनते ही खुशी से झूम उठे किसान, नारों से गूंजा पंडाल
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संगठन की जीत.....लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर गाड़ी के ऊपर खड़ा होकर किसानों को संगठन की जीत की ब?
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करनाल। बैठक में लाठीचार्ज मामले की न्यायिक जांच और मृतक किसान के परिवार के दो लोगों को डीसी रेट पर नौकरी की मांग पूरी होने की बात सुनते ही किसान खुशी से झूम उठे। हर तरफ किसान यूनियन और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे। उत्साहित लोगों ने हाथ उठाते हुए किसान नेताओं का अभिनंदन किया और एक दूसरे को बधाई भी दी। किसानों ने इसे अपनी जीत करार दिया।
बैठक के निर्णय को जानने के लिए बरसात के बावजूद भी करीब एक घंटे तक किसानों का हुजूम लघु सचिवालय के बाहर खड़ा रहा। बच्चों और महिलाओं से लेकर बुजुर्ग और युवा भी खासे उत्साहित दिखाई दिए। इधर, सुरक्षा बल भी तैनात रहा।
बारिश के कारण शनिवार को धरना स्थल पर मंच तो नहीं लग पाया, ऐसे में बैठक से बाहर आए किसान नेताओं ने गाड़ी की छत पर चढ़कर मांगों पर बनी सहमति की विस्तार से जानकारी दी। वहीं किसान नेताओं के संबोधन के बाद दिनभर उत्साह के साथ सभी को लंगर परोसा गया। शाम तक लघु सचिवालय रोड से धरना पूरी तरह से हट गया और रास्ता खुल गया। धरनास्थल से महिलाएं भी भजन और मंगल गीत गाती हुईं रवाना हुईं।
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बता दें कि दूसरे दौर की बैठक के लिए शनिवार को सुबह 9 बजे का समय प्रशासन की ओर से किसानों को दिया गया था। करीब साढ़े 10 बजे तक किसान नेताओं की जाट भवन में बैठक हुई, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सुरेश कोथ, भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, जिलाध्यक्ष अजय राणा सहित प्रदेश के विभिन्न संगठनों के किसान नेता शामिल हुए। इसके बाद भाकियू हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी समेत किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के बाद निर्णय सुनाया गया। करीब साढ़े 11 बजे नेताओं ने समझौते की जानकारी धरनास्थल पर आकर सभी किसानों को दी।
नेताओं ने भरा जोश, अब बसताड़ा टोल पर चलेगा धरना
किसान नेता ने गाड़ी पर चढ़कर करीब 20 मिनट तक बरसात में ही किसानों को संबोधित करते हुए सभी में जोश भरा। समझौते की जानकारी देने के साथ ही उन्होंने एलान किया कि लाठीचार्ज प्रकरण पर सिर्फ लघु सचिवालय के बाहर का धरना समाप्त हुआ है, लेकिन हमें ज्यादा उत्साहित नहीं होना, क्योंकि जिन मुख्य मांगों को लेकर ये आंदोलन 9 माह पहले खड़ा हुआ था। वे अभी बाकी हैं। ऐसे में अभी हमें दिल्ली समेत अन्य जगहों पर चल रहे धरनों पर पहुंचना होगा। करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा पर धरना चलेगा। दिल्ली से आए किसानों को उन्होंने उसी ऊर्जा के साथ फिर वापस वहीं डटने का आह्वान किया।
फल, खीर, बादाम शेक समेत तरह-तरह के व्यंजन परोसे
लाठीचार्ज मामले में सुलह वार्ता का संदेश मिलते ही किसानों ने खुशी जताई। जीत की खुशी में किसानों ने सबसे पहले खीर बांटी व फल वितरित किए। इसके साथ करीब 10 जगहों पर चल रहे लंगरों में कहीं बादाम शेक, छोले पूरी, कढ़ी चावल, दाल, रोटी, ब्रेड पकौड़े, समोसे समेत कई व्यंजन परोसे गए।
साथ-साथ चला सफाई अभियान
लंगर के दौरान जूठे पत्तल उठाने के लिए युवा सेवादारों की टोली जुटी रही। साथ के साथ ही कचरे को भी डस्टबिन में डाला गया। इधर, एचएसवीपी के कर्मचारी भी सफाई में जुटे दिखाई दिए। पंडाल में जमा बरसाती पानी को झाडू़ के साथ निकाला गया और कचरा भी उठाया गया।
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बैठक के निर्णय को जानने के लिए बरसात के बावजूद भी करीब एक घंटे तक किसानों का हुजूम लघु सचिवालय के बाहर खड़ा रहा। बच्चों और महिलाओं से लेकर बुजुर्ग और युवा भी खासे उत्साहित दिखाई दिए। इधर, सुरक्षा बल भी तैनात रहा।
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बारिश के कारण शनिवार को धरना स्थल पर मंच तो नहीं लग पाया, ऐसे में बैठक से बाहर आए किसान नेताओं ने गाड़ी की छत पर चढ़कर मांगों पर बनी सहमति की विस्तार से जानकारी दी। वहीं किसान नेताओं के संबोधन के बाद दिनभर उत्साह के साथ सभी को लंगर परोसा गया। शाम तक लघु सचिवालय रोड से धरना पूरी तरह से हट गया और रास्ता खुल गया। धरनास्थल से महिलाएं भी भजन और मंगल गीत गाती हुईं रवाना हुईं।
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बता दें कि दूसरे दौर की बैठक के लिए शनिवार को सुबह 9 बजे का समय प्रशासन की ओर से किसानों को दिया गया था। करीब साढ़े 10 बजे तक किसान नेताओं की जाट भवन में बैठक हुई, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सुरेश कोथ, भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, जिलाध्यक्ष अजय राणा सहित प्रदेश के विभिन्न संगठनों के किसान नेता शामिल हुए। इसके बाद भाकियू हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी समेत किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा, जहां प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा के बाद निर्णय सुनाया गया। करीब साढ़े 11 बजे नेताओं ने समझौते की जानकारी धरनास्थल पर आकर सभी किसानों को दी।
नेताओं ने भरा जोश, अब बसताड़ा टोल पर चलेगा धरना
किसान नेता ने गाड़ी पर चढ़कर करीब 20 मिनट तक बरसात में ही किसानों को संबोधित करते हुए सभी में जोश भरा। समझौते की जानकारी देने के साथ ही उन्होंने एलान किया कि लाठीचार्ज प्रकरण पर सिर्फ लघु सचिवालय के बाहर का धरना समाप्त हुआ है, लेकिन हमें ज्यादा उत्साहित नहीं होना, क्योंकि जिन मुख्य मांगों को लेकर ये आंदोलन 9 माह पहले खड़ा हुआ था। वे अभी बाकी हैं। ऐसे में अभी हमें दिल्ली समेत अन्य जगहों पर चल रहे धरनों पर पहुंचना होगा। करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा पर धरना चलेगा। दिल्ली से आए किसानों को उन्होंने उसी ऊर्जा के साथ फिर वापस वहीं डटने का आह्वान किया।
फल, खीर, बादाम शेक समेत तरह-तरह के व्यंजन परोसे
लाठीचार्ज मामले में सुलह वार्ता का संदेश मिलते ही किसानों ने खुशी जताई। जीत की खुशी में किसानों ने सबसे पहले खीर बांटी व फल वितरित किए। इसके साथ करीब 10 जगहों पर चल रहे लंगरों में कहीं बादाम शेक, छोले पूरी, कढ़ी चावल, दाल, रोटी, ब्रेड पकौड़े, समोसे समेत कई व्यंजन परोसे गए।
साथ-साथ चला सफाई अभियान
लंगर के दौरान जूठे पत्तल उठाने के लिए युवा सेवादारों की टोली जुटी रही। साथ के साथ ही कचरे को भी डस्टबिन में डाला गया। इधर, एचएसवीपी के कर्मचारी भी सफाई में जुटे दिखाई दिए। पंडाल में जमा बरसाती पानी को झाडू़ के साथ निकाला गया और कचरा भी उठाया गया।