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हुण नी चलनी टोर..; अब वाहन पर लिख नहीं बता सकेंगे मैं.. विधायक, चेयरमैन, मेयर, पार्षद या सरकारी अधिकारी
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ये भी क्या टोर थी, जब होरन या सायरन बजाते हुए वाहन पर लिखे अपने वीआईपी पद से भीड़ और पुलिस के नाके से सरपट निकला करते थे। लेकिन अब ये बीते दौर की बात होगी। ऐसा नहीं चलेगा, ऐसा करने पर चालान भुगतना पड़ेगा। चंडीगढ़ की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के इन आदेशों को लागू करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव कार्यालय से जारी सर्कुलर जिला प्रशासन को मिल चुका है। जारी आदेशों के अनुसार, अब सड़कों पर दौड़ने वाले किसी भी वाहन विभिन्न वीआईपी सिंबल जैसे विधायक, चेयरमैन, मेयर, पार्षद, आर्मी, पुलिस, कोर्ट, एयरपोर्ट, नेवी और सरकारी विभाग व अफसर का पद व नाम इत्यादि लिखकर या अंकित करवाकर चलने की अनुमति नहीं होगी। किसी प्रकार की झंडी भी वाहनों पर नहीं लगेगी।
वायरल गाने की तरह करनाल पुलिस करेगी कार्रवाई
सब फड़े जाण गे... पंजाबी गीत तो सभी ने सुना ही होगा। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने इस गीत को हाईकोर्ट के वाहनों पर वीआईपी पहचान की पाबंदी के बाद नए अंदाज में तैयार किया है। जिसका एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ। फिकर ना करो यारो.. स्टीकरां वाले सब फड़े जाण गे... अब इस गीत की तर्ज पर करनाल पुलिस भी वाहनों पर कार्रवाई करेगी।
चंडीगढ़ की तरफ जाने से पहले हटाते थे पहचान
24 जनवरी को चंडीगढ़ के संदर्भ में हाई कोर्ट की ओर से वाहनों पर वीआईपी सिंबल की पाबंदी के संदर्भ में निर्देश जारी किए थे। रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि इसका असर करनाल में भी देखने को मिला। चंडीगढ़ अप-डाउन करने वाले व चंडीगढ़ की तरफ जाने से पहले लोग वाहनों पर से स्टीकर व वीआईपी पहचान हटाया करते थे। लेकिन अब घर से निकलने से पहले ऐसा करना होगा।
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जिले में तीन लाख से ज्यादा वाहन
करनाल जिले की सभी एसडीएम कार्यालयों व आरटीए के पास करीब तीन लाख से ज्यादा वाहन रजिस्टर्ड हैं। ज्यादातर वाहनों पर लोग अपनी जाति व सरकारी पद इत्यादि लिखा करते थे। वहीं जिला पुलिस की ओर से भी हर माह अलग-अलग आफैंस में नाकों पर करीब आठ हजार तक चालान होते हैं। लेकिन अब नए नियम के तहत भी कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव के निर्देश हमें मिल चुके हैं। पुलिस की ओर से ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। अब वाहनों पर वीआईपी पहचान रखने पर पाबंदी रहेगी।-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
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वायरल गाने की तरह करनाल पुलिस करेगी कार्रवाई
सब फड़े जाण गे... पंजाबी गीत तो सभी ने सुना ही होगा। लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने इस गीत को हाईकोर्ट के वाहनों पर वीआईपी पहचान की पाबंदी के बाद नए अंदाज में तैयार किया है। जिसका एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ। फिकर ना करो यारो.. स्टीकरां वाले सब फड़े जाण गे... अब इस गीत की तर्ज पर करनाल पुलिस भी वाहनों पर कार्रवाई करेगी।
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चंडीगढ़ की तरफ जाने से पहले हटाते थे पहचान
24 जनवरी को चंडीगढ़ के संदर्भ में हाई कोर्ट की ओर से वाहनों पर वीआईपी सिंबल की पाबंदी के संदर्भ में निर्देश जारी किए थे। रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल का कहना है कि इसका असर करनाल में भी देखने को मिला। चंडीगढ़ अप-डाउन करने वाले व चंडीगढ़ की तरफ जाने से पहले लोग वाहनों पर से स्टीकर व वीआईपी पहचान हटाया करते थे। लेकिन अब घर से निकलने से पहले ऐसा करना होगा।
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जिले में तीन लाख से ज्यादा वाहन
करनाल जिले की सभी एसडीएम कार्यालयों व आरटीए के पास करीब तीन लाख से ज्यादा वाहन रजिस्टर्ड हैं। ज्यादातर वाहनों पर लोग अपनी जाति व सरकारी पद इत्यादि लिखा करते थे। वहीं जिला पुलिस की ओर से भी हर माह अलग-अलग आफैंस में नाकों पर करीब आठ हजार तक चालान होते हैं। लेकिन अब नए नियम के तहत भी कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव के निर्देश हमें मिल चुके हैं। पुलिस की ओर से ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। अब वाहनों पर वीआईपी पहचान रखने पर पाबंदी रहेगी।-निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।